भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव व उत्तर प्रदेश के प्रभारी विनोद तावड़े देर रात तक एक्टिव नजर आए। होटल में खाना खाने के बाद रात 10 बजे वह निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के पादरी बाजार स्थित आवास पहुंच गए। दिन में जनप्रतिनिधियों की बैठक में डा. संजय भी पहुंचे थे, वहीं घर आने का निमंत्रण दिया था। तावड़े का निषाद परिवार में जोरदार स्वागत किया गया। डा. संजय की पत्नी, तीनों बेटों, बहुओं और पोते-पोतियों ने तावड़े से मुलाकात की। काफी देर तक बातें होती रहीं। इस मुलाकात के साथ ही डा. संजय के भाजपा से नाराजगी की चर्चाओं पर विराम लग गया है। चुनाव में सहयोगी दलों की भूमिका भी महत्वपूर्ण होने वाली है। प्रदेश प्रभारी ने बैठक में ही यह संकेत दिया है कि निषाद मतदाताओं पर फोकस करना है। यही कारण है कि वह सहयोगी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के बुलावे पर उनके घर पहुंचे। गेट से बाहर आकर डा. संजय, उनके पुत्रों अमित निषाद, पूर्व सांसद प्रवीण निषाद व विधायक ई. सरवन निषाद ने उनका स्वागत किया। उसके बाद उन्हें अपने बैठक कक्ष में ले गए, जहां परिवार की महिलाओं और बच्चों से भी मुलाकात करवायी। कुछ दिन पहले डा. संजय निषाद सपा के नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय से मिलने पहुंचे थे। उनकी तबीयत खराब थी। जिसके बाद राजनीतिक गलियारों में तरह-तरह की चर्चा शुरू हो गई थी। उसके बाद उन्होंने आशीष पटेल से मिले। आशीष ने इस मुलाकात के बाद कहा था कि डा. संजय को कुछ दुख है। शायद इन्हीं चर्चाओं को विराम देने के लिए डा. संजय ने उन्हें अपने घर बुलाया। हारी हुई सीटें मांग रही निषाद पार्टी निषाद पार्टी ने यह मांग रखी है कि भाजपा अपनी हारी हुई सीटें दे दे। इसी बहाने वे अधिक सीट पाने की जुगत में हैं। विधानसभा चुनाव 2027 को को लेकर भाजपा भी निषाद मतदाताओं के मामले में कोई रिस्क लेने के मूड में नहीं है। डा. संजय निषाद के घर राष्ट्रीय महामंत्री के जाने के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज है।

