राज्य स्थापना दिवस से पूर्व अंधेरे में अटल परिसर:नगर पालिका नेता प्रतिपक्ष ने कहा- महापुरुषों का अपमान बर्दाश्त नहीं, 30 लाख खर्च कर बनाया गया

राज्य स्थापना दिवस से पूर्व अंधेरे में अटल परिसर:नगर पालिका नेता प्रतिपक्ष ने कहा- महापुरुषों का अपमान बर्दाश्त नहीं, 30 लाख खर्च कर बनाया गया

छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस की पूर्व संध्या पर जहां सरकारी दफ्तर रोशनी से जगमगा रहे हैं, वहीं आरंग के कलई रोड स्थित अटल परिसर अंधेरे में डूबा हुआ है। पूर्व प्रधानमंत्री और भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा के आसपास प्रकाश व्यवस्था नहीं होने को लेकर आरंग नगर पालिका के नेता प्रतिपक्ष ने नगर पालिका प्रशासन पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि जिस महापुरुष ने छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माण में अहम भूमिका निभाई, उनकी प्रतिमा राज्य स्थापना दिवस की पूर्व संध्या पर भी अंधेरे में है। यह महापुरुषों के सम्मान की अनदेखी है। महापुरुषों काअपमान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा नेता प्रतिपक्ष जीतू शरद गुप्ता ने कहा कि एक ओर राज्य स्थापना दिवस की तैयारियों के तहत सरकारी दफ्तरों को रोशनी से सजाया जा रहा है, वहीं अटल परिसर में अंधेरा पसरा हुआ है। इंदिरा चौक पर पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की प्रतिमा के आसपास भी रोशनी की व्यवस्था नहीं है। उन्होंने नगर पालिका अध्यक्ष और प्रशासन को घेरते हुए कहा कि महापुरुषों का ऐसा अपमान बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। प्रशासन को तत्काल प्रकाश व्यवस्था दुरुस्त करनी चाहिए। 30 लाख का अटल परिसर, 10 महीने में बदहाली का आरोप नेता प्रतिपक्ष ने बताया कि प्रदेश सरकार की योजना के तहत आरंग में करीब 30 लाख रुपए की लागत से अटल परिसर का निर्माण और सौंदर्यीकरण कराया गया था। लेकिन निर्माण के करीब 10 महीने बाद ही परिसर की स्थिति खराब होने लगी है। उन्होंने सवाल उठाया कि निर्माण कराने के बाद उसके रखरखाव की जिम्मेदारी किसकी है? क्या जिम्मेदारों का काम सिर्फ निर्माण कराकर उद्घाटन और वाहवाही तक सीमित है? तत्काल प्रकाश व्यवस्था सुधारने की मांग नेता प्रतिपक्ष ने नगर पालिका प्रशासन से अटल परिसर और इंदिरा चौक में तत्काल प्रकाश व्यवस्था बहाल करने की मांग की है। साथ ही परिसर के नियमित रखरखाव की व्यवस्था करने को कहा है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि महापुरुषों का सम्मान केवल भाषणों, पोस्टरों और जयंती-पुण्यतिथि के कार्यक्रमों तक सीमित नहीं रहना चाहिए। उनकी प्रतिमाओं और स्मारकों की देखभाल भी जरूरी है।

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