जयपुर। राजस्थान निकाय चुनाव की मतगणना से पहले सभापति और महापौर की कुर्सी को लेकर भाजपा-कांग्रेस ने अपने पार्षदों की किलाबंदी शुरू कर दी है। सेंधमारी और दल-बदल की आशंका के चलते प्रत्याशियों को बाहरी संपर्क से दूर रखा जा रहा है। कहीं क्रिकेट और लूडो से समय काटा जा रहा है तो कहीं मंदिरों में जीत की कामना की जा रही है। कुछ जगह मोबाइल भी जमा करवा लिए गए हैं।
जयपुर को लेकर भाजपा किसी तरह का जोखिम नहीं लेना चाहती। यही वजह है कि प्रत्याशियों की किलाबंदी कहां और किस तरह की जाएगी, इसकी प्लानिंग जिला संगठन के बजाय प्रदेश संगठन स्तर पर की जा रही है। प्रत्याशियों को शनिवार दोपहर 12 बजे प्रदेश कार्यालय बुलाया गया है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, प्रदेश संगठन जयपुर शहर संगठन पर पूरी जिम्मेदारी छोड़ने के बजाय खुद पूरे घटनाक्रम की निगरानी रखना चाहता है।
उदयपुरः पार्षद प्रत्याशियों की दो बसें रवाना हुई
उदयपुर में मतदान के बाद शुक्रवार रात 11 बजे भाजपा के नगर निगम में पार्षद प्रत्याशियों की दो बसें रवाना हुई। इनको रणकपुर के एक रिसोर्ट में ठहराना तय किया गया है। इसके बाद पावापुरी तक जाने का प्लान है।

पाली : परिवार को भी ले गए
पाली नगर निगम में मतदान समाप्त होते ही किलाबंदी शुरू हो गई वार्ड 29 से भाजपा प्रत्याशी सुल्ताना बानो अपने परिवार के साथ जाते हुए।
बूंदी: लग रहे चौके-छक्के
भाजपा प्रत्याशियों ने दूसरे दिन होटल के गार्डन में क्रिकेट खेला, जबकि महिला प्रत्याशी सुबह कमरों में मोबाइल पर लूडो खेलती रहीं। उधर, कांग्रेस प्रत्याशियों को बूंदी से झालावाड़ जिले में ले जाया गया।
बीकानेर: जोधपुर के रिसोर्ट में ठहराया, 13 को लौटेंगे
भाजपा ने बीकानेर नगर निगम के प्रत्याशियों को जोधपुर के एक रिसोर्ट में ठहराया है। प्रत्याशियों को मतगणना से एक दिन पहले 13
सितंबर को बीकानेर लाया जाएगा।
रावतभाटाः प्रत्याशी को लेने गए, पलट गई कार
पालिका चुनाव के बाद चित्तौड़गढ़ ले जाए गए भाजपा प्रत्याशियों के मोबाइल फोन जमा करवा दिए गए हैं। भाजपा जिला पदाधिकारी उमेश त्रिपाठी सहित चार लोग शुक्रवार को एक प्रत्याशी को रावतभाटा लेने जा रहे थे। उनकी कार पलट गई। सभी को मामूली चोटें आईं।
भरतपुर : किलेबंदी शुरू
मतदान के बाद संभावित विजेता प्रत्याशियों की किलाबंदी शुरू हो गई है। बृजनगर में प्रत्याशियों को अलवर भेजा गया। अन्य कई निकायों के संभावित जिताऊ प्रत्याशी अलवर, हरियाणा व जयपुर में रखे गए हैं।
जयपुर: प्रशिक्षण शिविर के नाम पर प्रत्याशियों को बुलाया
राजस्थान में नगरीय निकाय चुनाव की मतदान प्रक्रिया पूरी होने के साथ ही कांग्रेस और भाजपा ने अपने-अपने प्रत्याशियों को संभालने की कवायद शुरू कर दी है। भाजपा ने दूसरे चरण के निकायों में किस्मत आजमा रहे प्रत्याशियों को शुक्रवार देर रात तक फोन कर प्रशिक्षण शिविर (किलाबंदी) की जानकारी दी। पार्टी की ओर से प्रत्याशियों को एक स्थान पर एकत्रित करने के बाद रिसोर्ट, होटल ले जाया जाएगा।
दरअसल, मतदान के बाद अब राजनीतिक दलों की नजरें मतगणना और बोर्ड गठन पर है। कई निकायों में मुकाबला बेहद करीबी रहने का अनुमान है। ऐसे में एक-एक पार्षद की भूमिका अहम हो सकती है। पार्टियों को आशंका है कि नतीजे आने के बाद दूसरे दल उनके निर्वाचित पार्षदों से संपर्क कर उन्हें अपने पाले में करने का प्रयास कर सकते हैं। इसी को देखते हुए प्रत्याशियों को नतीजों से पहले ही एकजुट रखने की रणनीति बनाई जा रही है।
अलवर : कांग्रेस की किलाबंदी से वापस लौटे
कांग्रेस की किलेबंदी से वार्ड 22 के निर्दलीय प्रत्याशी कुलदीप मीणा के देर रात ढाई बजे वापस लौट आए। कुलदीप ने आरोप लगाया कि सीने में दर्द होने के बावजूद डॉक्टर नहीं बुलाया गया और बाहर जाने की अनुमति नहीं मिली। इसके बाद परिजन पुलिस के साथ उन्हें वापस ले आए। उन्होंने कहा कि वे मर्जी से बाड़ाबंदी में गए थे, लेकिन इलाज नहीं मिलने से परेशान हो गए। कुलदीप ने चुनाव लड़ने पर पछतावा जताया। वहीं, नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने भाजपा पर पार्षदों के कैंप को परेशान करने का आरोप लगाया।

