बिहार के पर्यटन और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में एक और ऐतिहासिक उपलब्धि जुड़ गई है। अंतरराष्ट्रीय पर्यटन स्थल राजगीर स्थित प्रसिद्ध जू एवं नेचर सफारी को देश के प्रतिष्ठित ‘स्कॉच अवॉर्ड’ के लिए नामांकित किया गया है। यह नामांकन ‘इनोवेशन इन गवर्नेंस’ यानी शासन में नवाचार की श्रेणी के तहत मिला है। यह राष्ट्रीय स्तर का सम्मान बिहार में सतत ईको-टूरिज्म, वन्यजीव संरक्षण और हरित विकास को बढ़ावा देने की दिशा में किए गए उत्कृष्ट प्रयासों को दर्शाता है। राजगीर की सुरम्य वादियों और पहाड़ियों के बीच विकसित यह सफारी आज देश-विदेश के पर्यटकों के लिए आकर्षण का मुख्य केंद्र बन चुकी है। यहां स्थापित भारत का पहला आधुनिक ग्लास स्काईवॉक ब्रिज, रोमांचक सस्पेंशन ब्रिज, जिप लाइन, नेचर कैंप और खुले प्राकृतिक आवास में वन्यजीवों की सफारी ने राज्य के पर्यटन को नई ऊंचाई दी है। शासन स्तर पर तकनीक और प्रकृति के संतुलन के साथ किए गए इस अभिनव प्रयोग को अब राष्ट्रीय मंच पर सराहा जा रहा है, जिससे पूरे प्रदेश में उत्साह का माहौल है। वोट करने की अपील इस गौरवशाली उपलब्धि को अंतिम मुकाम तक पहुंचाने और प्रतिष्ठित पुरस्कार को राज्य की झोली में डालने के लिए ऑनलाइन मतदान की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। प्रशासन और पर्यावरण प्रेमियों ने बिहार के सभी नागरिकों सहित देशवासियों से अधिक से अधिक संख्या में इस लिंक के माध्यम से वोट https://exhibition.skoch.in/beacons-of-hope-voting/ करने की अपील की है। लोग स्कॉच अवॉर्ड की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से सीधे इस पहल के पक्ष में अपना मत दर्ज कर सकते हैं। यह सम्मान न केवल राजगीर के विकास को एक नई पहचान देगा, बल्कि बिहार के सतत विकास मॉडल और समृद्ध जैव विविधता की सकारात्मक छवि को वैश्विक स्तर पर और अधिक सुदृढ़ करेगा। बिहार के पर्यटन और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में एक और ऐतिहासिक उपलब्धि जुड़ गई है। अंतरराष्ट्रीय पर्यटन स्थल राजगीर स्थित प्रसिद्ध जू एवं नेचर सफारी को देश के प्रतिष्ठित ‘स्कॉच अवॉर्ड’ के लिए नामांकित किया गया है। यह नामांकन ‘इनोवेशन इन गवर्नेंस’ यानी शासन में नवाचार की श्रेणी के तहत मिला है। यह राष्ट्रीय स्तर का सम्मान बिहार में सतत ईको-टूरिज्म, वन्यजीव संरक्षण और हरित विकास को बढ़ावा देने की दिशा में किए गए उत्कृष्ट प्रयासों को दर्शाता है। राजगीर की सुरम्य वादियों और पहाड़ियों के बीच विकसित यह सफारी आज देश-विदेश के पर्यटकों के लिए आकर्षण का मुख्य केंद्र बन चुकी है। यहां स्थापित भारत का पहला आधुनिक ग्लास स्काईवॉक ब्रिज, रोमांचक सस्पेंशन ब्रिज, जिप लाइन, नेचर कैंप और खुले प्राकृतिक आवास में वन्यजीवों की सफारी ने राज्य के पर्यटन को नई ऊंचाई दी है। शासन स्तर पर तकनीक और प्रकृति के संतुलन के साथ किए गए इस अभिनव प्रयोग को अब राष्ट्रीय मंच पर सराहा जा रहा है, जिससे पूरे प्रदेश में उत्साह का माहौल है। वोट करने की अपील इस गौरवशाली उपलब्धि को अंतिम मुकाम तक पहुंचाने और प्रतिष्ठित पुरस्कार को राज्य की झोली में डालने के लिए ऑनलाइन मतदान की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। प्रशासन और पर्यावरण प्रेमियों ने बिहार के सभी नागरिकों सहित देशवासियों से अधिक से अधिक संख्या में इस लिंक के माध्यम से वोट https://exhibition.skoch.in/beacons-of-hope-voting/ करने की अपील की है। लोग स्कॉच अवॉर्ड की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से सीधे इस पहल के पक्ष में अपना मत दर्ज कर सकते हैं। यह सम्मान न केवल राजगीर के विकास को एक नई पहचान देगा, बल्कि बिहार के सतत विकास मॉडल और समृद्ध जैव विविधता की सकारात्मक छवि को वैश्विक स्तर पर और अधिक सुदृढ़ करेगा।

