प्यार के लिए रजिया बनी गौरी, भगवान शिव में आस्था:बरेली के अगस्त्य मुनि आश्रम में तोताराम संग लिए सात फेरे, गंगाजल-गोमूत्र से हुआ शुद्धिकरण

प्यार के लिए रजिया बनी गौरी, भगवान शिव में आस्था:बरेली के अगस्त्य मुनि आश्रम में तोताराम संग लिए सात फेरे, गंगाजल-गोमूत्र से हुआ शुद्धिकरण

हरदोई के सांडी की रहने वाली मुस्लिम युवती रजिया ने इस्लाम धर्म छोड़कर सनातन धर्म अपना लिया है। युवती ने अपना नाम बदलकर गौरी रखा और बरेली के मढ़ीनाथ स्थित अगस्त्य मुनि आश्रम में अपने प्रेमी तोताराम के साथ हिंदू रीति-रिवाज से सात फेरे लिए। आश्रम के महंत एवं विश्व हिंदू परिषद के धर्म प्राचार्य आचार्य केके शंखधार ने वैदिक मंत्रोच्चार, गोमूत्र और गंगाजल से युवती का शुद्धिकरण कराया तथा गायत्री मंत्र का पाठ करवाकर उसे हिंदू धर्म में दीक्षित किया। नवविवाहित जोड़े ने परिजनों से जान का खतरा बताते हुए पुलिस और प्रशासन से सुरक्षा की मांग की है। ईंट भट्ठे पर काम के दौरान शुरू हुई थी प्रेम कहानी
तोताराम निवासी ग्राम दीपपुर तिराह, तहसील फरीदपुर, जिला बरेली और रजिया निवासी मोहल्ला नाउसरा, कस्बा व थाना सांडी, हरदोई की पहली मुलाकात मिर्जापुर में स्थित एक ईंट भट्ठे पर हुई थी। दोनों वहां मजदूरी और ईंट पाथने का कार्य करते थे। रजिया अपने पूरे परिवार के साथ वहां रहती थी, जबकि तोताराम भी वहीं काम करता था।
काम के दौरान पानी की टंकी पर पानी भरने और आने-जाने के क्रम में दोनों की बातचीत शुरू हुई। धीरे-धीरे यह जान-पहचान गहरे प्रेम संबंधों में बदल गई। दोनों ने एक-दूसरे से शादी करने और जीवन भर साथ निभाने का संकल्प ले लिया। घरवालों ने किया विरोध, तय कर दी थी जबरन शादी
जब रजिया के परिवार को इस प्रेम प्रसंग की भनक लगी, तो उन्होंने इसका कड़ा विरोध किया। रजिया का फोन छीन लिया गया और उसके साथ मारपीट की गई। रजिया के अनुसार, उसके परिवार वाले उस पर दबाव बना रहे थे और एक महीने के भीतर उसका निकाह कहीं और तय कर दिया था।
परिवार की बंदिशों और मारपीट के बावजूद दोनों संपर्क में रहे। जब रजिया के माता-पिता किसी काम से नानी के घर गए, तब मौका पाकर रजिया घर से निकलकर कब्रिस्तान के रास्ते तोताराम के पास पहुंच गई। इसके बाद दोनों सुरक्षित स्थान पर चले गए और बरेली आकर विधि अनुसार शादी करने का निर्णय लिया। शपथ पत्र और दस्तावेजों के आधार पर हुई शादी
प्रेमी युगल ने बरेली कचहरी में नोटरी से प्रमाणित शपथ पत्र तैयार करवाए।दस्तावेजों के अनुसार रजिया बालिग है और उसकी जन्मतिथि 01 मई 2007 है। उसने शपथ पत्र में स्पष्ट किया कि वह बिना किसी जोर-दबाव के अपनी स्वेच्छा से सनातन हिंदू धर्म ग्रहण कर रही है और अपना नाम ‘गौरी देवी’ रख रही है।
युवक तोताराम (जन्मतिथि 15 जून 2003) भी वयस्क है और उसने बिना किसी दहेज या प्रलोभन के रजिया को पत्नी रूप में स्वीकार किया है।
अगस्त्य मुनि आश्रम में आचार्य केके शंखधार ने सभी दस्तावेजों की पुष्टि करने के बाद शुद्धिकरण संस्कार संपन्न कराया। इसके बाद अग्नि को साक्षी मानकर वैदिक मंत्रों के बीच सात फेरे कराए गए और वर-वधू ने एक-दूसरे को वरमाला पहनाई। जबरन नमाज पढ़ना नहीं पसंद- रजिया अब गौरी
“मेरा विश्वास पिछले 4-5 वर्षों से हिंदू धर्म और भगवान भोलेनाथ (शिव) में है। मुझे इस्लाम धर्म की कुरीतियां, तीन तलाक और हलाला जैसी प्रथाएं बिल्कुल पसंद नहीं थीं। मुझे बुर्का पहनना और जबरन नमाज पढ़ना अच्छा नहीं लगता था। मैं तोताराम से प्रेम करती हूं और उसी के साथ शादी करना चाहती थी। जब घर वालों को पता चला, तो उन्होंने मुझे बहुत मारा-पीटा, फोन छीन लिया और जबरन निकाह कराने की तैयारी कर ली थी।
मैंने अपनी मर्जी से सनातन धर्म स्वीकार किया है और भगवान शिव की अर्धांगिनी के नाम पर अपना नाम ‘गौरी’ रखा है। मेरे परिवार, ताऊ और भाइयों से मेरी तथा मेरे पति और ससुराल वालों की जान को गंभीर खतरा है। वे हमें जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। हम मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रशासन से सुरक्षा की गुहार लगाते हैं।” मिर्जापुर में हुई मुलाकात- तोताराम (पति)
“हमारी मुलाकात मिर्जापुर के ईंट भट्ठे पर काम के दौरान हुई थी। धीरे-धीरे हम दोनों एक-दूसरे को चाहने लगे। जब रजिया के घर वालों को पता चला, तो उन्होंने इसके साथ मारपीट की और बातचीत बंद करवा दी। मैं भट्ठा छोड़कर हरियाणा चला गया था, लेकिन हम एक-दूसरे से अलग नहीं रह सके।
इसकी जबरन शादी कराई जा रही थी, इसलिए यह मेरे पास आ गई। हम दोनों बालिग हैं और अपनी मर्जी से शादी की है। कल पुलिस भी हमारे घर आई थी और रजिया के परिवार वाले लगातार दबाव बना रहे हैं। हमें और हमारे पूरे परिवार को रजिया के मायके वालों से जान का खतरा है। हमें सुरक्षा मिलनी चाहिए।” आचार्य केके शंखधार (महंत, अगस्त्य मुनि आश्रम) का बयान
“हमारे पास वकील के माध्यम से दोनों युवक-युवती के शपथ पत्र और प्रमाण पत्र आए थे। जांच में पाया गया कि लड़का और लड़की दोनों बालिग हैं। लड़की ने स्वेच्छा से सनातन धर्म में आस्था जताते हुए घर वापसी की इच्छा प्रकट की थी। लड़की का कहना था कि वह बचपन से भगवान शिव को मानती है और हिंदू युवक से ही शादी करना चाहती थी।
हमने आश्रम में वैदिक मर्यादा के अनुसार गोमूत्र एवं गंगाजल से युवती का आचमन व शुद्धिकरण कराया, गायत्री मंत्र का पाठ कराया और सनातन धर्म में उसकी वापसी कराई। इसके बाद दोनों का हिंदू रीति-रिवाज से विवाह संपन्न कराया गया। लड़की ने अपना नाम गौरी रखा है। दोनों को भगवान भोलेनाथ का आशीर्वाद दिया गया है।” सुरक्षा की गुहार
विवाह संपन्न होने के बाद नवविवाहित जोड़े ने वीडियो बयान जारी कर उत्तर प्रदेश पुलिस और प्रशासन से सुरक्षा की मांग की है। गौरी (रजिया) ने कहा कि यदि उनके ससुराल पक्ष या पति को कोई नुकसान पहुंचता है, तो इसके जिम्मेदार उसके मायके पक्ष के लोग होंगे।

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