औरैया में एक विचित्र पहल सेवा समिति रजि. द्वारा रविवार सुबह को महामाया मंगला काली मंदिर के परिक्रमा पथ पर स्थित प्राचीन अर्धनारेश्वर महादेव मंदिर और मंदिर प्रांगण में वृहद पौधारोपण अभियान चलाया गया। यह अभियान समिति के अध्यक्ष राजीव पोरवाल (रानू) के नेतृत्व में शहर से लगभग 5 किलोमीटर दक्षिण दिशा में बीहड़ में स्थित मंदिर परिसर में आयोजित किया गया। इस दौरान कदम, चितवन, पकड़िया, चांदनी, हरसिंगार, गुड़हल, पीपल, बरगद, अशोक और बेलपत्र सहित विभिन्न प्रकार के पौधे लगाए गए। पौधों की देखभाल और सुरक्षा की जिम्मेदारी समिति के सदस्यों को सौंपी गई है। समिति पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए शहर के प्रमुख मंदिरों, सार्वजनिक पार्कों, स्कूलों, महाविद्यालयों और अन्य सार्वजनिक व धार्मिक स्थलों को ‘क्लीन एंड ग्रीन’ रखने के उद्देश्य से ‘जीवनधारा पौधारोपण अभियान’ चला रही है।
पौधारोपण के बाद पर्यावरण संरक्षण पर एक गोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी को संबोधित करते हुए समिति के संस्थापक आनंद नाथ गुप्ता एडवोकेट ने बताया कि प्राकृतिक रूप से वर्षा होने में पेड़-पौधों की अहम भूमिका होती है। उन्होंने समझाया कि पेड़-पौधे वाष्पोत्सर्जन प्रक्रिया द्वारा जमीन से पानी खींचकर हवा में जलवाष्प छोड़ते हैं, जिससे वायुमंडल में नमी बढ़ती है, बादल बनते हैं और स्थानीय स्तर पर वर्षा चक्र सक्रिय होता है।
गोष्ठी में मौजूद सदस्यों ने स्वयं पौधारोपण करने और पौधों के महत्व को बताते हुए लोगों से पर्यावरण संरक्षण हेतु अधिक से अधिक पौधारोपण करने की अपील की। संस्थापक ने जानकारी दी कि लक्ष्य के सापेक्ष अभी तक 4240 पौधों का पौधारोपण और वितरण किया जा चुका है। 5100 पौधों का लक्ष्य पूरा होने तक यह अभियान और लोगों की पसंद के पौधों का वितरण जारी रहेगा। इस पौधारोपण अभियान और पर्यावरण गोष्ठी में प्रमुख रूप से अध्यक्ष राजीव पोरवाल (रानू), पर्यावरण प्रहरी मनीष पुरवार (हीरु), अनिल कुमार सोनी, संजय अग्रवाल, राम आसरे गुप्ता, संतोष कुशवाहा, विपुल कुमार, सतीश कुमार और संस्थापक आनंद नाथ गुप्ता एडवोकेट सहित कई पर्यावरण प्रेमी उपस्थित रहे।

