रांची-पटना वंदे भारत ट्रैक्टर-ट्रॉली से टकराई:हजारीबाग के चरही-बेस के बीच हादसा, बड़ा हादसा टला, सुरक्षा पर उठे सवाल

रांची-पटना वंदे भारत ट्रैक्टर-ट्रॉली से टकराई:हजारीबाग के चरही-बेस के बीच हादसा, बड़ा हादसा टला, सुरक्षा पर उठे सवाल

रांची से पटना जा रही वंदे भारत एक्सप्रेस शुक्रवार देर शाम हजारीबाग जिले में हादसे का शिकार हो गई। चरही और बेस रेलवे स्टेशन के बीच रेलवे ट्रैक पर अचानक लकड़ी लदी ट्रैक्टर-ट्रॉली आ गई, जिससे तेज रफ्तार ट्रेन उसकी चपेट में आ गई। हालांकि, हादसे में किसी यात्री के हताहत होने की सूचना नहीं है। यह राहत की बात रही कि टक्कर के बावजूद बड़ा हादसा टल गया। घटना के बाद कुछ देर के लिए मौके पर अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। जानकारी के अनुसार वंदे भारत एक्सप्रेस अपनी निर्धारित गति से रांची से पटना की ओर जा रही थी। इसी दौरान चरही और बेस रेलवे स्टेशन के बीच लकड़ी लदी ट्रैक्टर-ट्रॉली रेलवे ट्रैक पर आ गई। चालक ने ट्रेन को रोकने और टक्कर से बचाने का प्रयास किया, लेकिन तेज गति के कारण ट्रेन ट्रैक पर मौजूद भारी वाहन से टकरा गई। टक्कर के बाद 41 मिनट तक दुर्घटनास्थल पर खड़ी रही ट्रेन ट्रैक्टर-ट्रॉली से टक्कर के कारण वंदे भारत एक्सप्रेस को कुछ नुकसान पहुंचा है। हादसे के बाद ट्रेन को दुर्घटनास्थल पर करीब 41 मिनट तक रोकना पड़ा। घटना की जानकारी मिलते ही रेलवे के अधिकारी और कर्मचारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और ट्रेन की स्थिति के साथ रेलवे ट्रैक का भी जायजा लिया। आवश्यक जांच और कार्रवाई पूरी करने के बाद ट्रेन का परिचालन दोबारा शुरू किया गया। इस दौरान ट्रेन में सवार यात्रियों के बीच भी घटना को लेकर चिंता बनी रही। हालांकि, किसी यात्री के घायल होने की सूचना नहीं है। रेलवे की ओर से स्थिति को नियंत्रित करने के बाद ट्रेन को आगे के लिए रवाना किया गया। हाई स्पीड ट्रेन के रूट पर भारी वाहन पहुंचने से उठे सवाल हादसे ने रेलवे ट्रैक की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिये हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि वंदे भारत जैसी हाई स्पीड ट्रेन के निर्धारित मार्ग पर लकड़ी लदी ट्रैक्टर-ट्रॉली आखिर कैसे पहुंच गई। रेलवे ट्रैक के आसपास सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था को लेकर भी चिंता जतायी जा रही है। हाई स्पीड ट्रेन के सामने अचानक भारी वाहन के आ जाने से बड़ा हादसा हो सकता था। यदि ट्रेन और ट्रैक्टर-ट्रॉली के बीच टक्कर अधिक भीषण होती, तो जान-माल के बड़े नुकसान की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता था। गनीमत रही कि हादसे में किसी की जान नहीं गई और स्थिति को समय रहते नियंत्रित कर लिया गया। रांची से पटना जा रही वंदे भारत एक्सप्रेस शुक्रवार देर शाम हजारीबाग जिले में हादसे का शिकार हो गई। चरही और बेस रेलवे स्टेशन के बीच रेलवे ट्रैक पर अचानक लकड़ी लदी ट्रैक्टर-ट्रॉली आ गई, जिससे तेज रफ्तार ट्रेन उसकी चपेट में आ गई। हालांकि, हादसे में किसी यात्री के हताहत होने की सूचना नहीं है। यह राहत की बात रही कि टक्कर के बावजूद बड़ा हादसा टल गया। घटना के बाद कुछ देर के लिए मौके पर अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। जानकारी के अनुसार वंदे भारत एक्सप्रेस अपनी निर्धारित गति से रांची से पटना की ओर जा रही थी। इसी दौरान चरही और बेस रेलवे स्टेशन के बीच लकड़ी लदी ट्रैक्टर-ट्रॉली रेलवे ट्रैक पर आ गई। चालक ने ट्रेन को रोकने और टक्कर से बचाने का प्रयास किया, लेकिन तेज गति के कारण ट्रेन ट्रैक पर मौजूद भारी वाहन से टकरा गई। टक्कर के बाद 41 मिनट तक दुर्घटनास्थल पर खड़ी रही ट्रेन ट्रैक्टर-ट्रॉली से टक्कर के कारण वंदे भारत एक्सप्रेस को कुछ नुकसान पहुंचा है। हादसे के बाद ट्रेन को दुर्घटनास्थल पर करीब 41 मिनट तक रोकना पड़ा। घटना की जानकारी मिलते ही रेलवे के अधिकारी और कर्मचारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और ट्रेन की स्थिति के साथ रेलवे ट्रैक का भी जायजा लिया। आवश्यक जांच और कार्रवाई पूरी करने के बाद ट्रेन का परिचालन दोबारा शुरू किया गया। इस दौरान ट्रेन में सवार यात्रियों के बीच भी घटना को लेकर चिंता बनी रही। हालांकि, किसी यात्री के घायल होने की सूचना नहीं है। रेलवे की ओर से स्थिति को नियंत्रित करने के बाद ट्रेन को आगे के लिए रवाना किया गया। हाई स्पीड ट्रेन के रूट पर भारी वाहन पहुंचने से उठे सवाल हादसे ने रेलवे ट्रैक की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिये हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि वंदे भारत जैसी हाई स्पीड ट्रेन के निर्धारित मार्ग पर लकड़ी लदी ट्रैक्टर-ट्रॉली आखिर कैसे पहुंच गई। रेलवे ट्रैक के आसपास सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था को लेकर भी चिंता जतायी जा रही है। हाई स्पीड ट्रेन के सामने अचानक भारी वाहन के आ जाने से बड़ा हादसा हो सकता था। यदि ट्रेन और ट्रैक्टर-ट्रॉली के बीच टक्कर अधिक भीषण होती, तो जान-माल के बड़े नुकसान की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता था। गनीमत रही कि हादसे में किसी की जान नहीं गई और स्थिति को समय रहते नियंत्रित कर लिया गया।  

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