मानसून की मेहरबानी से जोधपुरिया स्थित माशी बांध में पानी की अच्छी उपलब्धता ने निवाई और पीपलू क्षेत्र के किसानों की उम्मीदों को नई ताकत दी है। बांध में 46.55 मिलियन घनमीटर पानी मौजूद है। इससे क्षेत्र के 29 गांवों की 27,940 बीघा कृषि भूमि को सिंचाई का सहारा मिलने की उम्मीद है। अब किसानों की निगाहें नहरों में पानी छोड़ने के विभागीय निर्णय पर टिकी हैं। सिंचाई विभाग के अनुसार, नवंबर के दूसरे सप्ताह में कलेक्टर की अध्यक्षता में गठित कमेटी की बैठक के बाद नहरों में पानी छोड़ने पर निर्णय होने की संभावना है। माशी बांध की कुल भराव क्षमता 48.13 मिलियन घनमीटर है। इस बार बांध में 10 फीट जलस्तर के साथ 46.55 मिलियन घनमीटर पानी उपलब्ध है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार, बांध में मौजूद पानी सिंचाई के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। बांध की कुल क्षमता में से 13.02 मिलियन घनमीटर पानी डेड स्टोरेज में रहता है, जिसका उपयोग सामान्य सिंचाई के लिए नहीं हो पाता। वहीं, 35.11 मिलियन घनमीटर लाइव स्टोरेज सिंचाई के लिहाज से उपयोगी माना जाता है। पर्याप्त जल उपलब्धता से रबी की फसलों की सिंचाई को लेकर किसानों की उम्मीदें बढ़ी हैं। बांध से एक मुख्य नहर और नौ छोटी नहरों के जरिए करीब 71 किलोमीटर लंबी नहर प्रणाली विकसित की गई है। मुख्य नहर की लंबाई 42.18 किलोमीटर और छोटी नहरों की कुल लंबाई करीब 29 किलोमीटर है।

