कमलेश कुमार महावर | टोंक जिला परिषद चुनाव का मैदान केवल राजनीतिक दावेदारी का नहीं, बल्कि अलग-अलग आर्थिक हैसियत, सामाजिक पृष्ठभूमि और पीढ़ियों की भागीदारी का भी आईना बनकर उभरा है। नामांकन-पत्रों में सामने आए आंकड़े बताते हैं कि चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों की आर्थिक परिस्थितियों में जमीन-आसमान का अंतर है। वार्ड 22 से कांग्रेस प्रत्याशी सुषमा की परिवार सहित घोषित चल-अचल संपत्ति करीब 7.03 करोड़ रुपए है, जबकि वार्ड 1 से कांग्रेस प्रत्याशी प्रसन्न देवी ने महज 17 हजार रुपए की पारिवारिक संपत्ति घोषित की है। एक ही पार्टी से दो अलग-अलग उम्मीदवारों की आर्थिक स्थिति का अंतर चुनावी मैदान में मौजूद आर्थिक विविधता को रेखांकित करता है। उम्र और भागीदारी के लिहाज से भी चुनाव की तस्वीर दिलचस्प है। उपलब्ध 74 प्रत्याशियों में 41 महिलाएं हैं, जो कुल संख्या के आधे से अधिक हैं। सबसे युवा प्रत्याशी 22वर्षीय खुशी नायक है जो वार्ड से 22 प्रत्याशी हैं, जबकि वार्ड नंबर 30 से नामांकन दाखिल करने वाले 66वर्षीय मो. जाकिर सबसे ज्यादा उम्र वाले उम्मीदवार हैं। यानी एक ही चुनावी मुकाबले में 44 साल के अनुभव और पीढ़ीगत अंतर वाले प्रत्याशी आमने-सामने हैं। दिलचस्प यह भी है कि दोनों ने ही (सबसे उम्रदराज व सबसे कम उम्र की प्रत्याशी) आरएलपी से पर्चा दाखिल है। इसके अलावा जिप चुनाव लड रहे 74 प्रत्याशियों के व्यवसाय में भी खेती, गृहिणी, निजी काम और वकालत से जुड़े लोग मैदान में हैं। भाजपा-कांग्रेस के अलावा आरएलपी, बसपा और निर्दलीय प्रत्याशियों की मौजूदगी मुकाबले को विविध बनाती है। ये आंकड़े सिर्फ नामांकन का ब्योरा नहीं, बल्कि ग्रामीण राजनीति में आर्थिक विषमता, महिला भागीदारी और बदलती पीढ़ियों की मौजूदगी को समझने का आधार भी हैं। संपत्ति संबंधी विवरण प्रत्याशियों की घोषित पारिवारिक चल-अचल संपत्ति पर आधारित हैं, व्यक्तिगत संपत्ति पर नहीं। निजी फर्म : माइनिंग कंट्रक्शन, स्वयं के पास 125 ग्राम सोना, खुद के आभूषण, पति के पास 100 ग्राम सोना, प्रत्याशी के पास 12 लाख की कार, पति के पास 4 कारें (करीब 40 लाख रुपए की), खुद की चल सम्पति – 2 करोड़ 69 लाख 57 हजार, 512, पति की 94 लाख 20 हजार रुपए । अचल सम्पति : जयपुर में आवासीय भवन लागत 3 करोड़ 2 लाख 5 हजार 220, पति के पास 22 बीघा कृषि भूमि सहित कुल अचल सम्पति 37 लाख 65 हजार नामांकन-पत्रों में घोषित पारिवारिक चल-अचल संपत्ति के अनुसार वार्ड 22 से कांग्रेस प्रत्याशी सुषमा सबसे अधिक संपत्ति वाली प्रत्याशी हैं। उनके परिवार की कुल घोषित संपत्ति 7 करोड़ 3 लाख 47 हजार 932 रुपए है। वहीं वार्ड 1 से कांग्रेस प्रत्याशी प्रसन्न देवी ने कुल पारिवारिक संपत्ति महज 17 हजार रुपए घोषित की है। 48 वर्षीय सुषमा की शिक्षा स्नातकोत्तर है और उनका व्यवसाय निजी काम दर्ज है, जबकि 42 वर्षीय प्रसन्न देवी गृहिणी हैं और साक्षर हैं। दोनों प्रत्याशियों की घोषित पारिवारिक संपत्ति में करीब 7.03 करोड़ रुपए का अंतर है। खेती और गृहिणी से जुड़े प्रत्याशी सबसे ज्यादा : जिला परिषद चुनाव के 74 प्रत्याशियों के नामांकन-पत्रों में दर्ज व्यवसाय के विवरण में किसान और गृहिणी सबसे बड़े वर्ग के रूप में सामने आते हैं। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार 31 प्रत्याशियों ने अपना व्यवसाय किसान और 26 ने गृहिणी दर्ज कराया है। इसके अलावा 10 प्रत्याशी निजी काम से जुड़े हैं, जबकि तीन अधिवक्ता हैं। मजदूर, विद्यार्थी, दर्जी और पेंशनभोगी के रूप में एक-एक प्रत्याशी दर्ज है। ये आंकड़े बताते हैं कि चुनाव मैदान में खेती और घरेलू जिम्मेदारियों से जुड़े लोगों की भागीदारी अधिक है।

