प्रियांश आर्य महज एक रन से प्रथम श्रेणी क्रिकेट में दोहरा शतक लगाने से चूक गए, लेकिन उनकी शानदार पारी की बदौलत दिल्ली ने रविवार को यहां रणजी ट्रॉफी एलीट ग्रुप सी मुकाबले के पहले दिन गुजरात के खिलाफ चार विकेट पर 381 रन बनाकर अपनी स्थिति मजबूत कर ली। आर्य ने पूरी पारी के दौरान प्रभावशाली बल्लेबाजी की। उन्होंने 126 गेंद में अपना शतक पूरा किया जिसमें 15 चौके और दो छक्के शामिल थे।उन्होंने चिंतन गाजा की गेंद को डीप स्क्वायर लेग की ओर खेलकर अपना शतक पूरा किया। ऑस्ट्रेलिया ‘ए’ के खिलाफ भारत ‘ए’ की सीमित ओवरों की श्रृंखला में सिर्फ एक मैच खेलने के बाद लौटे आर्य ने बल्लेबाजी के अनुकूल पिच पर लाल गेंद के प्रारूप में जल्द ही खुद को ढाल लिया। टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने वाली दिल्ली की पारी का मुख्य आकर्षण आर्य और कप्तान आयुष बडोनी के बीच चौथे विकेट के लिए 234 रन की साझेदारी रही।बडोनी 149 गेंद में 115 रन बनाकर क्रीज पर डटे थे। उनकी पारी में 11 चौके और दो छक्के शामिल हैं। बडोनी ने 113 गेंद में अपना शतक पूरा किया।यह उनका प्रथम श्रेणी क्रिकेट में पांचवां शतक है। आर्य जब अपने दोहरे शतक से महज एक रन दूर थे, तब दिल्ली का स्कोर 77वें ओवर में चार विकेट पर 376 रन था। उन्होंने 220 गेंद की पारी में 26 चौके और छह छक्के लगाकर 199 रन बनाए।हालांकि, मनन हींगराजिया की नीची रहती गेंद पर वह बोल्ड हो गए। दिल्ली की पहली पारी के 84 ओवर पूरे होने पर स्टंप के समय सुमित माथुर बिना खाता खोले बडोनी का साथ निभा रहे थे। गुजरात की ओर से हर्षल पटेल सबसे सफल गेंदबाज रहे।उन्होंने 66 रन देकर दो विकेट लिए
दिल्ली में खेले जा रहे ग्रुप सी के एक अन्य मुकाबले में पहले दिन 15 विकेट गिरे। मोहम्मद शमी के बिना खेल रही बंगाल की टीम सेना के खिलाफ पहली पारी में 186 रन पर सिमट गई, लेकिन उसने वापसी करते हुए विपक्षी टीम के पांच विकेट झटक लिए। बंगाल के स्पिनरों प्रदीप्त प्रमाणिक और आमिर गनी ने मिलकर चार विकेट झटके जिससे दिन का खेल समाप्त होने तक सेना का स्कोर पांच विकेट पर 83 रन हो गया।दिन में गिरे सभी 15 विकेट स्पिन गेंदबाजों ने हासिल किए।
प्रियांश आर्य महज एक रन से प्रथम श्रेणी क्रिकेट में दोहरा शतक लगाने से चूक गए, लेकिन उनकी शानदार पारी की बदौलत दिल्ली ने रविवार को यहां रणजी ट्रॉफी एलीट ग्रुप सी मुकाबले के पहले दिन गुजरात के खिलाफ चार विकेट पर 381 रन बनाकर अपनी स्थिति मजबूत कर ली। आर्य ने पूरी पारी के दौरान प्रभावशाली बल्लेबाजी की। उन्होंने 126 गेंद में अपना शतक पूरा किया जिसमें 15 चौके और दो छक्के शामिल थे।
उन्होंने चिंतन गाजा की गेंद को डीप स्क्वायर लेग की ओर खेलकर अपना शतक पूरा किया। ऑस्ट्रेलिया ‘ए’ के खिलाफ भारत ‘ए’ की सीमित ओवरों की श्रृंखला में सिर्फ एक मैच खेलने के बाद लौटे आर्य ने बल्लेबाजी के अनुकूल पिच पर लाल गेंद के प्रारूप में जल्द ही खुद को ढाल लिया। टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने वाली दिल्ली की पारी का मुख्य आकर्षण आर्य और कप्तान आयुष बडोनी के बीच चौथे विकेट के लिए 234 रन की साझेदारी रही।
बडोनी 149 गेंद में 115 रन बनाकर क्रीज पर डटे थे। उनकी पारी में 11 चौके और दो छक्के शामिल हैं। बडोनी ने 113 गेंद में अपना शतक पूरा किया।
यह उनका प्रथम श्रेणी क्रिकेट में पांचवां शतक है। आर्य जब अपने दोहरे शतक से महज एक रन दूर थे, तब दिल्ली का स्कोर 77वें ओवर में चार विकेट पर 376 रन था। उन्होंने 220 गेंद की पारी में 26 चौके और छह छक्के लगाकर 199 रन बनाए।
हालांकि, मनन हींगराजिया की नीची रहती गेंद पर वह बोल्ड हो गए। दिल्ली की पहली पारी के 84 ओवर पूरे होने पर स्टंप के समय सुमित माथुर बिना खाता खोले बडोनी का साथ निभा रहे थे। गुजरात की ओर से हर्षल पटेल सबसे सफल गेंदबाज रहे।
उन्होंने 66 रन देकर दो विकेट लिए
दिल्ली में खेले जा रहे ग्रुप सी के एक अन्य मुकाबले में पहले दिन 15 विकेट गिरे। मोहम्मद शमी के बिना खेल रही बंगाल की टीम सेना के खिलाफ पहली पारी में 186 रन पर सिमट गई, लेकिन उसने वापसी करते हुए विपक्षी टीम के पांच विकेट झटक लिए। बंगाल के स्पिनरों प्रदीप्त प्रमाणिक और आमिर गनी ने मिलकर चार विकेट झटके जिससे दिन का खेल समाप्त होने तक सेना का स्कोर पांच विकेट पर 83 रन हो गया।
दिन में गिरे सभी 15 विकेट स्पिन गेंदबाजों ने हासिल किए।
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