यूथ कांग्रेस चुनाव में गुटबाजी,NSUI जिलाध्यक्षों की नियुक्ति पर रोक:भूपेश गुट का काम करने पर रंजित को हटाने का आरोप; चर्चा-चुनाव के बाद नियुक्ति

यूथ कांग्रेस चुनाव में गुटबाजी,NSUI जिलाध्यक्षों की नियुक्ति पर रोक:भूपेश गुट का काम करने पर रंजित को हटाने का आरोप; चर्चा-चुनाव के बाद नियुक्ति

छत्तीसगढ़ में होने वाले यूथ कांग्रेस चुनाव के बीच गुटबाजी के चलते NSUI के जिला अध्यक्षों की नियुक्तियों पर रोक लगा दी गई है। बिलासपुर NSUI अध्यक्ष रंजित सिंह भूपेश बघेल गुट के प्रत्याशी सत्येंद्र चेलक के लिए प्रचार कर रहे थे। इसकी शिकायत के बाद संगठन खेमे के बड़े पदाधिकारियों ने राष्ट्रीय कार्यालय में शिकायत की। अब दावा किया जा रहा है कि यूथ कांग्रेस चुनाव के बाद ही NSUI के जिला अध्यक्षों की नियुक्ति की जाएगी। वहीं, रंजित सिंह ने प्रदेश अध्यक्ष नीरज पांडेय पर गुटबाजी का आरोप लगाया है। बता दें कि प्रदेश अध्यक्ष नीरज पांडेय ने 20 अगस्त को पांच जिलों में NSUI जिला अध्यक्षों की नियुक्ति का आदेश जारी किया था। इसमें रंजेश सिंह क्षत्री को बिलासपुर ग्रामीण, समर्थ मिरानी को बिलासपुर शहर, दुर्गांत आर्या को मुंगेली, उस्मान रजा को बालोद और रोशन सिंह ठाकुर को खैरागढ़-छुईखदान-गंडई का जिला अध्यक्ष नियुक्त किया गया था। हालांकि, अब नए आदेश के जरिए इन जिला अध्यक्षों की नियुक्तियों को होल्ड कर दिया गया है। यह आदेश रविवार को जारी किया गया। यूथ कांग्रेस चुनाव का दिया हवाला आदेश में कहा गया है कि छत्तीसगढ़ युवा कांग्रेस चुनाव को देखते हुए राष्ट्रीय कार्यालय से चर्चा के बाद 20 अगस्त को जारी की गई जिला अध्यक्षों की नियुक्तियों पर रोक लगाई जा रही है। प्रदेश अध्यक्ष नीरज पांडेय के आदेश के बाद अब इन नियुक्तियों पर आगे के निर्णय का इंतजार है। यूथ कांग्रेस चुनाव में गुटबाजी का असर नई नियुक्तियों और उन पर रोक के बाद इसे यूथ कांग्रेस चुनाव में गुटबाजी से जोड़कर देखा जा रहा है। बताया जा रहा है कि बिलासपुर में रंजित सिंह पिछले दिनों भूपेश बघेल समर्थित प्रत्याशी सत्येंद्र चेलक के दौरे में उनके साथ नजर आए थे। इसकी शिकायत संगठन के बड़े पदाधिकारियों से की गई थी। इसके बाद आनन-फानन में नए जिला अध्यक्षों की नियुक्ति का आदेश जारी किया गया। हालांकि, मामला राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने के बाद इन नियुक्तियों पर रोक लगा दी गई। अब संगठन के भीतर यह चर्चा है कि बड़े नेताओं की गुटबाजी का असर NSUI के पदाधिकारियों पर पड़ रहा है और उन्हें इसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। विरोध के बाद रंजीत सिंह को फिर मिली जिम्मेदारी बिलासपुर NSUI जिलाध्यक्ष रंजीत सिंह को हटाकर ग्रामीण और शहर के लिए नए जिला अध्यक्षों की नियुक्ति की गई थी। हालांकि, इस फैसले के बाद संगठन के भीतर विरोध शुरू हो गया। रंजीत सिंह 2023 से जिलाध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं और इस दौरान छात्रहित से जुड़े मुद्दों को लेकर स्कूलों, महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों में सक्रिय रहे हैं। उनकी जगह नए जिला अध्यक्षों की नियुक्ति के बाद NSUI में गुटबाजी खुलकर सामने आने लगी। इस फैसले का बिलासपुर के साथ रायपुर के कई वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं ने भी विरोध किया। इसके बाद राष्ट्रीय कार्यालय, दिल्ली से चर्चा की गई। चर्चा के बाद नई नियुक्तियों की सूची पर रोक लगा दी गई। अब रंजीत सिंह को दोबारा NSUI बिलासपुर जिले की कमान दी गई है। राष्ट्रीय कार्यालय तक पहुंची शिकायत दिल्ली स्थित NSUI के राष्ट्रीय कार्यालय तक शिकायत पहुंचाई गई। शिकायत में कहा गया कि कुछ दिन पहले ही NSUI में संगठन चुनाव की घोषणा की गई थी। राष्ट्रीय प्रभारी कन्हैया कुमार और चुनाव प्रभारियों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इसकी सार्वजनिक घोषणा की थी। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि चुनाव की घोषणा के बाद इस तरह जिला अध्यक्षों की नियुक्ति करना संगठन के नियमों के खिलाफ है। इसे असंवैधानिक बताते हुए नियुक्तियों पर सवाल उठाए गए। साथ ही आशंका जताई गई कि आने वाले दिनों में छत्तीसगढ़ में होने वाले युवा कांग्रेस के संगठन चुनाव पर भी इन नियुक्तियों का सीधा असर पड़ सकता है। प्रदेश अध्यक्ष की कार्यप्रणाली पर रंजीत ने उठाए सवाल NSUI जिलाध्यक्ष रंजीत सिंह ने प्रदेश अध्यक्ष नीरज पांडेय की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि प्रदेश अध्यक्ष को संगठन के हित को ध्यान में रखकर फैसले लेने चाहिए, न कि किसी व्यक्ति विशेष के पक्ष में काम करना चाहिए। रंजीत सिंह ने कहा कि बिलासपुर जिला NSUI को शहर और ग्रामीण में अलग-अलग बांटकर बिना उनकी जानकारी और सूचना के नई नियुक्तियां की गईं। उन्होंने इस प्रक्रिया को पूरी तरह असंवैधानिक और संगठन के नियमों के खिलाफ बताया। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में NSUI का आंतरिक संगठन चुनाव होना है। वहीं, 30 अगस्त से युवा कांग्रेस का सदस्यता अभियान भी शुरू होने वाला है। ऐसे समय में इस तरह की नियुक्तियां केवल एक गुट को फायदा पहुंचाने वाली कार्रवाई हैं, जो उचित नहीं है। रंजीत सिंह ने कहा कि युवा कांग्रेस का सदस्यता अभियान स्वतंत्र प्रक्रिया है, जिसमें कार्यकर्ताओं को अपने नेता का चुनाव करने का अधिकार है। उन्होंने भूपेश बघेल खेमे से चुनाव लड़ रहे सत्येंद्र चेलक के समर्थन की बात भी कही। उन्होंने स्पष्ट कहा कि बिलासपुर के युवाओं की राजनीति जिले के बाहर का कोई व्यक्ति तय नहीं करेगा। यह बिलासपुर के युवाओं का अधिकार है कि वे अपना नेता किसे चुनते हैं।

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