मौत से पहले बेटे ने चाचा को किया था फोन:पड़ोसी से कहा था-दूध मत लेना, हम गांव जाएंगे; फंदे पर लटके मिले मां-बेटे के शव

मौत से पहले बेटे ने चाचा को किया था फोन:पड़ोसी से कहा था-दूध मत लेना, हम गांव जाएंगे; फंदे पर लटके मिले मां-बेटे के शव

जैसलमेर में 16 साल के दक्षवर्धन और उसकी मां सोनू कंवर के सुसाइड करने के मामले में पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। जांच में सामने आया कि दक्षवर्धन ने सुसाइड से पहले चाचा को फोन किया था, लेकिन वे फोन रिसीव नहीं कर सके। इसके बाद पड़ोस में रहने वाली महिला से फोन पर कहा था कि ‘आंटी, आज दूध नहीं लेना… हम गांव जाएंगे।’ यह उसकी आखिरी बातचीत साबित हुई। करीब साढ़े छह घंटे बाद दोपहर 12:30 बजे चाचा दौलत सिंह घर पहुंचे तो मां-बेटे के शव मिले। मां सोनू कंवर (38) का शव ग्राउंड फ्लोर के कमरे में चुन्नी के फंदे से लटका था, जबकि बेटे का शव ऊपर की मंजिल के कमरे में रस्सी के फंदे से लटका मिला। घटना शहर कोतवाली थाना इलाके की लक्ष्मीचंद सांवल कॉलोनी में शनिवार दोपहर की है। दोनों घर में अकेले रहते थे। पुलिस अब जांच में जुटी है कि आखिर मरने से पहले के 6 घंटों में ऐसा क्या हुआ कि दोनों ने सुसाइड कर लिया। सुबह 5 बजे चाचा को किया था फोन दक्षवर्धन ने शनिवार सुबह करीब 5 बजे अपने चाचा दौलत सिंह को फोन किया था। चाचा जैसलमेर की गांधी कॉलोनी में रहते हैं, लेकिन उस समय वे कॉल रिसीव नहीं कर सके। करीब एक घंटे बाद सुबह 6 बजे दूध बेचने वाला आया। इस पर पड़ोस में रहने वाली महिला ने सोनू कंवर को फोन किया। दक्षवर्धन ने मां का फोन उठाया और महिला से कहा कि आज दूध नहीं लेना, वे गांव जाएंगे। दोपहर तक घर से नहीं मिला कोई जवाब दोपहर में दौलत सिंह ने सोनू कंवर को फोन किया, लेकिन कॉल रिसीव नहीं हुई। उन्होंने अपनी पत्नी को इसकी जानकारी दी। इसके बाद पत्नी ने पड़ोस में रहने वाली महिला को फोन कर घर की जानकारी लेने को कहा। दोपहर करीब 12:30 बजे दौलत सिंह खुद घर पहुंचे। काफी देर तक आवाज देने के बावजूद अंदर से कोई जवाब नहीं मिला। इस पर उन्होंने पड़ोसियों की मदद से खिड़की तोड़ी और घर में प्रवेश किया। अंदर ग्राउंड फ्लोर के एक कमरे में सोनू कंवर का शव चुन्नी के फंदे से लटका मिला। वहीं, ऊपर की मंजिल के कमरे में दक्षवर्धन का शव रस्सी के फंदे से लटका हुआ था। उन्होंने तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दी। 3 साल पहले पिता की सड़क हादसे में हुई थी मौत कोतवाली एसएचओ प्रेमाराम विश्नोई ने बताया कि दक्षवर्धन कक्षा 9वीं में पढ़ता था। उसके पिता भंवर सिंह की करीब 3 साल पहले सड़क हादसे में मौत हो गई थी। वे विंडमिल कंपनी गमेशा में इंजीनियर थे। मूल रूप से नागौर निवासी भंवर सिंह की मौत के बाद सोनू कंवर अपने बेटे के साथ जैसलमेर में रहने लगी थीं। सोनू कंवर मूल रूप से पोकरण की रहने वाली थीं। पिता की मौत के बाद मां-बेटे दो मंजिला मकान में अकेले रहते थे। परिवार का खर्च भंवर सिंह की पेंशन से चलता था। एसएचओ बोले- चाचा को फोन क्यों किया था, जांच कर रहे हैं एसएचओ प्रेमाराम विश्नोई ने बताया- एफएसएल टीम को बुलाकर घटनास्थल से सबूत जुटाए गए हैं। आखिरी 6 घंटों को जांच के दायरे में रखा है कि आखिर ऐसा क्या हुआ कि दोनों ने फंदे से लटक कर जान दे दी। साथ ही चाचा को फोन क्यों किया था, इसकी भी जांच कर रहे हैं। फिलहाल मां-बेटे की मौत का कारण स्पष्ट नहीं है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही कारण क्लियर हो सकेंगे। ये खबर भी पढ़ें… मां और 16 साल बेटे ने किया सुसाइड:अलग-अलग कमरे में फंदे से लटके मिले, बच्चे ने पड़ोसन से कहा था-आज दूध नहीं लेंगे, गांव जाएंगे जैसलमेर में मां-बेटे ने सुसाइड कर लिया। मां का शव घर में ग्राउंड फ्लोर के कमरे में चुन्नी के फंदे से लटका था। वहीं 16 साल के बेटे का शव फर्स्ट फ्लोर के कमरे में रस्सी से बने फंदे से लटका था। पूरी खबर पढ़ें

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