मोदी सरकार की ‘Ruthless’ नीति का असर, UAE से ड्रग किंगपिन Virendra Basoya भारत वापस

मोदी सरकार की ‘Ruthless’ नीति का असर, UAE से ड्रग किंगपिन Virendra Basoya भारत वापस
ड्रग तस्करी के भगोड़े सरगना वीरेंद्र सिंह बसोया को नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने शुक्रवार को नई दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर पहुँचने के बाद हिरासत में ले लिया। गृह मंत्रालय (MHA) के अनुसार, दिल्ली के सरोजिनी नगर के पिल्लानजी के रहने वाले बसोया को NCB के अनुरोध पर जारी इंटरपोल रेड नोटिस के बाद जून 2026 में संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में गिरफ़्तार किया गया था। भारतीय एजेंसियों और UAE अधिकारियों के बीच लगातार तालमेल के ज़रिए उनकी भारत वापसी संभव हो पाई।
 

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केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने X पर एक पोस्ट में कहा कि मोदी सरकार विदेशों में छिपे ड्रग तस्करों का लगातार पता लगा रही है और Ruthless अप्रोच अपनाते हुए उनके पूरे नेटवर्क को खत्म कर रही है। नशीले पदार्थों के ख़िलाफ़ ‘ज़ीरो टॉलरेंस’ की नीति में एक नया मील का पत्थर स्थापित करते हुए NCB ने UAE से फ़रार ड्रग किंगपिन वीरेंद्र सिंह बसोया की वापसी सुनिश्चित की। अपराधी का पता लगाने के लिए ‘टॉप टु बॉटम’ और ‘बॉटम टु टॉप’ अप्रोच के ज़रिए, हमारी एजेंसियों ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि ड्रग तस्कर चाहे कहीं भी छिप जाएं, वे भारतीय क़ानून की पकड़ से बच नहीं सकते।
यह मामला फरवरी 2024 में पुणे में शुरू हुआ, जब पुणे सिटी पुलिस ने 500 ग्राम मेफेड्रोन ज़ब्त किया। इसके बाद ड्रग तस्करी के पूरे नेटवर्क की पहचान और उसे खत्म करने के लिए Top to Bottom और Bottom to Top तक की रणनीति अपनाते हुए जांच का दायरा बढ़ाया गया। बाद की जांच और कार्रवाई के दौरान पुणे से लगभग 867 किलोग्राम और दिल्ली से 970 किलोग्राम मेफेड्रोन बरामद किया गया, जिससे कुल बरामदगी लगभग 1,837 किलोग्राम मेफेड्रोन हो गई। इसके बाद मामले को आगे की जांच के लिए NCB की मुंबई ज़ोनल यूनिट को सौंप दिया गया।
जांच में बसोया की पहचान एक अहम विदेशी ऑपरेटिव और कथित साज़िशकर्ता के तौर पर हुई है। वह विदेश से सिंडिकेट की गतिविधियों को कोऑर्डिनेट करता था और भारत से दूसरे देशों में मेफेड्रोन की खेप भेजने में मदद करता था। दिल्ली में बरामद हुई लगभग 970 किलोग्राम मेफेड्रोन की एक बड़ी खेप, कथित तौर पर उसके जुड़े हुए कूरियर चैनलों के ज़रिए एक्सपोर्ट करने की तैयारी से संबंधित थी। उसकी भूमिका घरेलू मैन्युफैक्चरिंग और तस्करी नेटवर्क को विदेशी डिस्ट्रीब्यूशन चैनलों से जोड़ने वाली एक अहम कड़ी के तौर पर सामने आई।
 

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बसोया का नाम इंटरनेशनल कोकीन तस्करी से जुड़े दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल के एक अलग मामले में भी सामने आया है। अक्टूबर 2024 में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने ड्रग तस्करी करने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया। इस कार्रवाई के दौरान दिल्ली, हापुड़ और गाजियाबाद में गोदामों और अन्य जगहों के साथ-साथ गुजरात के अंकलेश्वर में एक फैक्ट्री से भी भारी मात्रा में ड्रग्स ज़ब्त किए गए। इन मिले-जुले ऑपरेशन्स में 1,300 किलोग्राम से ज़्यादा कोकीन, मेफेड्रोन और हाइड्रोपोनिक वीड बरामद की गई। गिरोह की जांच से पता चला कि कोकीन और अन्य ड्रग्स की खरीद, ट्रांसपोर्ट, स्टोरेज और डिस्ट्रीब्यूशन के काम को मैनेज करने में बसोया की कथित भूमिका थी।
 
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