मोतिहारी में ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ पदयात्रा में हजारों एनडीए कार्यकर्ता शामिल हुए। कार्यकर्ता हाथों में तख्तियां और झंडे लेकर सड़क पर उतरे। इस दौरान उन्होंने कांग्रेस और राहुल गांधी के खिलाफ नारे लगाए। पदयात्रा में केंद्रीय राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे, पूर्व केंद्रीय मंत्री और स्थानीय सांसद राधामोहन सिंह, रक्सौल विधायक प्रमोद कुमार सिन्हा और पूर्व मंत्री कृष्णनंदन पासवान शामिल हुए। लोकतंत्र बचाने के लिए निकाली पदयात्रा केंद्रीय राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे ने कहा कि लोकतंत्र बचाने के लिए यह यात्रा निकाली गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी और उनके सहयोगी दल लोगों के बीच भ्रम फैला रहे हैं और चुनाव आयोग को गलत साबित करने की कोशिश कर रहे हैं। दुबे ने कहा कि चुनाव आयोग ने SIR के जरिए उन लोगों के नाम वोटर लिस्ट से हटाए हैं, जिनकी मौत हो चुकी है, जिनके नाम एक से अधिक जगह दर्ज थे या जो भारत के निवासी नहीं हैं। उन्होंने राहुल गांधी पर लोगों को गुमराह करने का आरोप लगाया। राधामोहन सिंह बोले- यात्रा में 10 हजार से अधिक लोग शामिल पूर्व केंद्रीय मंत्री राधामोहन सिंह ने कहा कि कांग्रेस समाज में अराजकता फैला रही है और लोगों को भ्रमित कर रही है। उन्होंने बताया कि पदयात्रा में 10 हजार से अधिक लोग शामिल हुए। सिंह ने कहा कि यात्रा का नारा ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ है। जनता कांग्रेस की भ्रामक राजनीति का जवाब देगी। राहुल गांधी को अपरिपक्व नेता बताया पूर्व मंत्री कृष्णनंदन पासवान ने कहा कि राहुल गांधी और उनके साथी लोगों के बीच भ्रम फैला रहे हैं। इसी के विरोध में आक्रोश मार्च निकाला जा रहा है। उन्होंने कहा कि SIR के जरिए उन लोगों के नाम वोटर लिस्ट से हटाए गए हैं, जिनकी मौत हो चुकी है या जिनके नाम एक से अधिक जगह दर्ज थे। पासवान ने राहुल गांधी को अपरिपक्व नेता बताते हुए कहा कि उन्हें इस बारे में जानकारी नहीं है। सड़कों पर दिखा NDA का शक्ति प्रदर्शन इस पदयात्रा को एनडीए के शक्ति प्रदर्शन के रूप में देखा जा रहा है। मोतिहारी की सड़कों पर बड़ी संख्या में एनडीए कार्यकर्ता जुटे। हाथों में तख्तियां और झंडे लेकर कार्यकर्ता ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ के नारे लगा रहे थे। पदयात्रा के दौरान सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। एनडीए नेताओं ने कहा कि कांग्रेस और उसके सहयोगी दल चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्था पर सवाल उठाकर लोकतंत्र को कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं। इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मोतिहारी में ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ पदयात्रा में हजारों एनडीए कार्यकर्ता शामिल हुए। कार्यकर्ता हाथों में तख्तियां और झंडे लेकर सड़क पर उतरे। इस दौरान उन्होंने कांग्रेस और राहुल गांधी के खिलाफ नारे लगाए। पदयात्रा में केंद्रीय राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे, पूर्व केंद्रीय मंत्री और स्थानीय सांसद राधामोहन सिंह, रक्सौल विधायक प्रमोद कुमार सिन्हा और पूर्व मंत्री कृष्णनंदन पासवान शामिल हुए। लोकतंत्र बचाने के लिए निकाली पदयात्रा केंद्रीय राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे ने कहा कि लोकतंत्र बचाने के लिए यह यात्रा निकाली गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी और उनके सहयोगी दल लोगों के बीच भ्रम फैला रहे हैं और चुनाव आयोग को गलत साबित करने की कोशिश कर रहे हैं। दुबे ने कहा कि चुनाव आयोग ने SIR के जरिए उन लोगों के नाम वोटर लिस्ट से हटाए हैं, जिनकी मौत हो चुकी है, जिनके नाम एक से अधिक जगह दर्ज थे या जो भारत के निवासी नहीं हैं। उन्होंने राहुल गांधी पर लोगों को गुमराह करने का आरोप लगाया। राधामोहन सिंह बोले- यात्रा में 10 हजार से अधिक लोग शामिल पूर्व केंद्रीय मंत्री राधामोहन सिंह ने कहा कि कांग्रेस समाज में अराजकता फैला रही है और लोगों को भ्रमित कर रही है। उन्होंने बताया कि पदयात्रा में 10 हजार से अधिक लोग शामिल हुए। सिंह ने कहा कि यात्रा का नारा ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ है। जनता कांग्रेस की भ्रामक राजनीति का जवाब देगी। राहुल गांधी को अपरिपक्व नेता बताया पूर्व मंत्री कृष्णनंदन पासवान ने कहा कि राहुल गांधी और उनके साथी लोगों के बीच भ्रम फैला रहे हैं। इसी के विरोध में आक्रोश मार्च निकाला जा रहा है। उन्होंने कहा कि SIR के जरिए उन लोगों के नाम वोटर लिस्ट से हटाए गए हैं, जिनकी मौत हो चुकी है या जिनके नाम एक से अधिक जगह दर्ज थे। पासवान ने राहुल गांधी को अपरिपक्व नेता बताते हुए कहा कि उन्हें इस बारे में जानकारी नहीं है। सड़कों पर दिखा NDA का शक्ति प्रदर्शन इस पदयात्रा को एनडीए के शक्ति प्रदर्शन के रूप में देखा जा रहा है। मोतिहारी की सड़कों पर बड़ी संख्या में एनडीए कार्यकर्ता जुटे। हाथों में तख्तियां और झंडे लेकर कार्यकर्ता ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ के नारे लगा रहे थे। पदयात्रा के दौरान सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। एनडीए नेताओं ने कहा कि कांग्रेस और उसके सहयोगी दल चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्था पर सवाल उठाकर लोकतंत्र को कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं। इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

