समस्तीपुर जिले में सरायरंजन पीएचसी के पास सड़क किनारे 7 महीने की बच्ची मिली। स्थानीय लोगों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और बच्ची को चाइल्डलाइन टीम को सौंप दिया। बच्ची का सदर अस्पताल के आईसीयू में इलाज चल रहा है। स्थानीय लोगों ने सरायरंजन थाना पुलिस को बताया कि पीएचसी के पास एक बच्ची लावारिस हालत में पड़ी है। पुलिस ने बच्ची को वहां से उठाकर सुरक्षित जगह पहुंचाया। बच्ची को किसने और किन हालात में वहां छोड़ा, इसकी जानकारी सामने नहीं आई है। पुलिस ने महिला के फरार होने की बात कही है। बच्ची की सेहत पर डॉक्टर नजर बनाए हुए है चाइल्डलाइन टीम के सदस्य शंकर कुमार मल्लिक, सुपरवाइजर कुंदन कुमार, केस वर्कर जूही कुमारी, खुशबू कुमारी और आशा कुमारी दास सरायरंजन थाना पहुंचे। टीम ने बच्ची को रेस्क्यू करने के बाद बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल समस्तीपुर पहुंचाया। फिलहाल बच्ची की सेहत पर डॉक्टरों की टीम नजर बनाई हुई है।
चाइल्डलाइन टीम के समन्वयक शंकर कुमार मलिक ने बताया कि सरायरंजन थाना से उन्हें सूचना मिली थी कि पिचासी के पास से एक नवजात बच्ची को बरामद किया गया है। सूचना मिलने के बाद टीम तत्काल थाना पहुंची और बच्ची को अपने संरक्षण में लेकर सदर अस्पताल पहुंचाया।
लोगों की नजर नहीं पड़ती को अनहोनी हो सकती थी वहीं, चाइल्डलाइन की केस वर्कर जूही कुमारी ने घटना पर दुख जताते हुए कहा कि इतनी छोटी बच्ची को सड़क किनारे छोड़ देना बेहद चिंताजनक है। गनीमत रही कि समय रहते स्थानीय लोगों की नजर बच्ची पर पड़ गई और उन्होंने पुलिस को सूचना दे दी। यदि लोगों की नजर उस मासूम पर नहीं पड़ती तो उसके साथ कोई अनहोनी भी हो सकती थी।
चाइल्डलाइन टीम के सदस्यों ने बताया कि सदर अस्पताल में आवश्यक स्वास्थ्य जांच और चिकित्सकीय प्रक्रिया पूरी होने के बाद बच्ची को ममता शिशु गृह ले जाया जाएगा। वहां उसकी देखभाल, सुरक्षा, पोषण और लालन-पालन की व्यवस्था की जाएगी। समस्तीपुर जिले में सरायरंजन पीएचसी के पास सड़क किनारे 7 महीने की बच्ची मिली। स्थानीय लोगों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और बच्ची को चाइल्डलाइन टीम को सौंप दिया। बच्ची का सदर अस्पताल के आईसीयू में इलाज चल रहा है। स्थानीय लोगों ने सरायरंजन थाना पुलिस को बताया कि पीएचसी के पास एक बच्ची लावारिस हालत में पड़ी है। पुलिस ने बच्ची को वहां से उठाकर सुरक्षित जगह पहुंचाया। बच्ची को किसने और किन हालात में वहां छोड़ा, इसकी जानकारी सामने नहीं आई है। पुलिस ने महिला के फरार होने की बात कही है। बच्ची की सेहत पर डॉक्टर नजर बनाए हुए है चाइल्डलाइन टीम के सदस्य शंकर कुमार मल्लिक, सुपरवाइजर कुंदन कुमार, केस वर्कर जूही कुमारी, खुशबू कुमारी और आशा कुमारी दास सरायरंजन थाना पहुंचे। टीम ने बच्ची को रेस्क्यू करने के बाद बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल समस्तीपुर पहुंचाया। फिलहाल बच्ची की सेहत पर डॉक्टरों की टीम नजर बनाई हुई है।
चाइल्डलाइन टीम के समन्वयक शंकर कुमार मलिक ने बताया कि सरायरंजन थाना से उन्हें सूचना मिली थी कि पिचासी के पास से एक नवजात बच्ची को बरामद किया गया है। सूचना मिलने के बाद टीम तत्काल थाना पहुंची और बच्ची को अपने संरक्षण में लेकर सदर अस्पताल पहुंचाया।
लोगों की नजर नहीं पड़ती को अनहोनी हो सकती थी वहीं, चाइल्डलाइन की केस वर्कर जूही कुमारी ने घटना पर दुख जताते हुए कहा कि इतनी छोटी बच्ची को सड़क किनारे छोड़ देना बेहद चिंताजनक है। गनीमत रही कि समय रहते स्थानीय लोगों की नजर बच्ची पर पड़ गई और उन्होंने पुलिस को सूचना दे दी। यदि लोगों की नजर उस मासूम पर नहीं पड़ती तो उसके साथ कोई अनहोनी भी हो सकती थी।
चाइल्डलाइन टीम के सदस्यों ने बताया कि सदर अस्पताल में आवश्यक स्वास्थ्य जांच और चिकित्सकीय प्रक्रिया पूरी होने के बाद बच्ची को ममता शिशु गृह ले जाया जाएगा। वहां उसकी देखभाल, सुरक्षा, पोषण और लालन-पालन की व्यवस्था की जाएगी।

