मोतिहारी में महिला से धोखाधड़ी, 21 लाख ठगे:दुबई में बैठे आरोपी ने दोस्ती की, फ्लैट-नौकरी का झांसा दिया; अपहरण करते पकड़े जाने पर बांधकर पीटा

मोतिहारी में महिला से धोखाधड़ी, 21 लाख ठगे:दुबई में बैठे आरोपी ने दोस्ती की, फ्लैट-नौकरी का झांसा दिया; अपहरण करते पकड़े जाने पर बांधकर पीटा

मोतिहारी में एक विधवा महिला को डिजिटल अरेस्ट कर करीब 21 लाख रुपए की ठगी का मामला सामने आया है। मामला डुमरियाघाट थाना क्षेत्र का है। दरअसल, रामपुर खजुरिया गांव की रहने वाली ममता गिरी को सोशल मीडिया के जरिए अरविंद गिरी नाम के युवक ने अपने जाल में फंसाया। आरोप है कि उसने महिला से पहले दोस्ती की, फिर नौकरी और नया घर दिलाने का लालच दिया। इसके बाद उससे अलग-अलग तरीकों से पैसे लिए गए। जब महिला के पास पैसे खत्म हो गए और परिजनों ने उसका मोबाइल अपने पास रख लिया, तो दुबई में बैठे अरविंद ने अपने एक गुर्गे को रात में ममता को घर से उठाकर लाने के लिए भेज दिया। आरोपी युवक करीब रात 2 बजे गाड़ी लेकर ममता के घर पहुंचा, लेकिन परिजनों को उस पर शक हो गया। उन्होंने उसे पकड़ लिया और पूछताछ के बाद पुलिस के हवाले कर दिया। पकड़े गए युवक की पहचान सीवान के रघुनाथपुर थाना क्षेत्र के राछो गांव निवासी आकाश मिश्रा के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक आकाश से पूछताछ में ठगी के नेटवर्क और दुबई में बैठे अरविंद गिरी के बारे में जानकारी मिली है। मामले में 11 लोगों के 22 मोबाइल नंबरों को लेकर FIR दर्ज की गई है और पुलिस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है। सिलसिलेवार पढ़िए, पूरी खबर… ममता गिरी डुमरियाघाट थाना क्षेत्र के रामपुर खजुरिया गांव की रहने वाली हैं। वह विधवा हैं। परिजनों के अनुसार, उनकी पहचान सोशल मीडिया के जरिए अरविंद गिरी नाम के युवक से हुई थी। अरविंद ने खुद को बड़ा आदमी बताया और धीरे-धीरे ममता से नजदीकी बढ़ाई। उसने महिला को नौकरी दिलाने और नया घर दिलाने का भरोसा दिया। इसके बाद महिला उसकी बातों पर भरोसा करने लगी। परिजनों के मुताबिक ठगी की शुरुआत 1 सितंबर से हुई। अरविंद ने पहले अपने एक आदमी को ममता के पास भेजा। उससे महिला का 11 लाख रुपए का फिक्स्ड डिपॉजिट तुड़वाने की कोशिश की गई। बैंक ने एक साथ इतनी बड़ी रकम देने से इनकार किया तो आरोप है कि अरविंद ने दूसरा तरीका अपनाया। ATM निकलवाया, खाते में अपना मोबाइल नंबर जुड़वाया आरोप है कि इसके बाद महिला के खाते का ATM निकलवाया गया और बैंक खाते में अरविंद का मोबाइल नंबर जुड़वा दिया गया। इसके बाद ATM और ऑनलाइन ट्रांसफर के जरिए खाते से अलग-अलग रकम निकाली जाने लगी। परिजनों के अनुसार, अरविंद इससे पहले भी ममता से 10 लाख रुपए से अधिक नकद ले चुका था। FD की रकम और खाते से निकाली गई राशि को मिलाकर महिला से करीब 21 लाख रुपए की ठगी की गई। पैसे की मांग बढ़ी तो परिजनों को हुआ शक ममता से लगातार पैसे की मांग की जा रही थी। इसी दौरान परिजनों को उनके व्यवहार में बदलाव नजर आया। उन्हें शक हुआ कि महिला किसी के प्रभाव में है। इसके बाद परिजनों ने ममता के दोनों मोबाइल फोन अपने पास रख लिए। मोबाइल फोन छिनने के बाद अरविंद का ममता से संपर्क टूट गया। इसके बाद आरोप है कि अरविंद ने महिला को घर से बाहर ले जाने की योजना बनाई। रात 2 बजे महिला को लेने पहुंचा युवक आरोप है कि दुबई में बैठे अरविंद ने आकाश मिश्रा को फोन कर ममता को रात में उसके घर से लेकर आने को कहा। उसे ममता को शैलेश नाम के युवक के पास छोड़ना था। अरविंद के कहने पर आकाश रात करीब 2 बजे गाड़ी लेकर रामपुर खजुरिया पहुंचा। आधी रात में घर के आसपास एक अंजान युवक को गाड़ी के साथ घूमते देखकर ममता के परिजनों को शक हुआ। उन्होंने आकाश को पकड़ लिया। इसके बाद उससे पूछताछ की गई और पुलिस को सूचना देकर उसे पुलिस के हवाले कर दिया गया। पूछताछ में सामने आया टेलीग्राम वाला नेटवर्क पुलिस हिरासत में पूछताछ के दौरान आकाश ने बताया कि अरविंद गिरी दुबई में रहकर नेटवर्क चला रहा है। उसके मुताबिक भारत में उसके साथ दो युवक काम करते हैं। इनमें आकाश खुद और शैलेश नाम का युवक शामिल है। आकाश के अनुसार, गिरोह का काम टेलीग्राम के जरिए चलता है। इसी माध्यम से टारगेट, पैसे और लोकेशन की जानकारी दी जाती थी। आकाश ने पुलिस को बताया कि अरविंद ने ही उसे फोन कर ममता को घर से लाने के लिए कहा था। 50 से ज्यादा लड़कियों को शिकार बनाने का दावा पूछताछ में आकाश ने अरविंद पर कई महिलाओं और लड़कियों को इसी तरह जाल में फंसाने का दावा किया है। उसके अनुसार, अरविंद सोशल मीडिया के जरिए अकेली महिलाओं, विधवाओं या नौकरी की तलाश कर रही लड़कियों से संपर्क करता था। इसके बाद नौकरी और शादी का भरोसा देकर उन्हें अपने जाल में फंसाता और उनसे पैसे लेता था। आकाश ने यह भी दावा किया कि पैसे खत्म होने के बाद कुछ लड़कियों को बाहर बुलाकर बेच दिया जाता था। उसने यह आरोप भी लगाया कि विरोध करने वाली लड़कियों की हत्या कर शव गायब कर दिया जाता था। आकाश ने दावा किया कि अरविंद अब तक 50 से ज्यादा लड़कियों को इसी तरह निशाना बना चुका है। उसने गोपालगंज की एक लड़की का भी जिक्र किया, जिसके बारे में उसने दावा किया कि वह इसी तरह लापता हुई है। हालांकि, आकाश द्वारा किए गए इन दावों की पुलिस जांच कर रही है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि इस नेटवर्क से और कितने लोग जुड़े हैं और कितनी महिलाओं को निशाना बनाया गया है। 22 मोबाइल नंबरों पर FIR, दुबई के मास्टरमाइंड की तलाश डुमरियाघाट थानाध्यक्ष विवेक कुमार के अनुसार, आकाश को पुलिस के हवाले किए जाने से एक दिन पहले ही ममता के परिजनों ने ठगी की शिकायत दर्ज कराई थी। पूछताछ के दौरान आकाश का इस मामले से जुड़ाव सामने आया। थानाध्यक्ष ने बताया कि आकाश के मोबाइल से मिले नंबरों के आधार पर 11 लोगों के 22 मोबाइल नंबरों को लेकर FIR दर्ज की गई है। सभी नंबरों की जांच की जा रही है। पुलिस तकनीकी जांच के जरिए दुबई में बैठे अरविंद गिरी तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। आकाश मिश्रा को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है और पूरे नेटवर्क की जांच जारी है। मोतिहारी में एक विधवा महिला को डिजिटल अरेस्ट कर करीब 21 लाख रुपए की ठगी का मामला सामने आया है। मामला डुमरियाघाट थाना क्षेत्र का है। दरअसल, रामपुर खजुरिया गांव की रहने वाली ममता गिरी को सोशल मीडिया के जरिए अरविंद गिरी नाम के युवक ने अपने जाल में फंसाया। आरोप है कि उसने महिला से पहले दोस्ती की, फिर नौकरी और नया घर दिलाने का लालच दिया। इसके बाद उससे अलग-अलग तरीकों से पैसे लिए गए। जब महिला के पास पैसे खत्म हो गए और परिजनों ने उसका मोबाइल अपने पास रख लिया, तो दुबई में बैठे अरविंद ने अपने एक गुर्गे को रात में ममता को घर से उठाकर लाने के लिए भेज दिया। आरोपी युवक करीब रात 2 बजे गाड़ी लेकर ममता के घर पहुंचा, लेकिन परिजनों को उस पर शक हो गया। उन्होंने उसे पकड़ लिया और पूछताछ के बाद पुलिस के हवाले कर दिया। पकड़े गए युवक की पहचान सीवान के रघुनाथपुर थाना क्षेत्र के राछो गांव निवासी आकाश मिश्रा के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक आकाश से पूछताछ में ठगी के नेटवर्क और दुबई में बैठे अरविंद गिरी के बारे में जानकारी मिली है। मामले में 11 लोगों के 22 मोबाइल नंबरों को लेकर FIR दर्ज की गई है और पुलिस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है। सिलसिलेवार पढ़िए, पूरी खबर… ममता गिरी डुमरियाघाट थाना क्षेत्र के रामपुर खजुरिया गांव की रहने वाली हैं। वह विधवा हैं। परिजनों के अनुसार, उनकी पहचान सोशल मीडिया के जरिए अरविंद गिरी नाम के युवक से हुई थी। अरविंद ने खुद को बड़ा आदमी बताया और धीरे-धीरे ममता से नजदीकी बढ़ाई। उसने महिला को नौकरी दिलाने और नया घर दिलाने का भरोसा दिया। इसके बाद महिला उसकी बातों पर भरोसा करने लगी। परिजनों के मुताबिक ठगी की शुरुआत 1 सितंबर से हुई। अरविंद ने पहले अपने एक आदमी को ममता के पास भेजा। उससे महिला का 11 लाख रुपए का फिक्स्ड डिपॉजिट तुड़वाने की कोशिश की गई। बैंक ने एक साथ इतनी बड़ी रकम देने से इनकार किया तो आरोप है कि अरविंद ने दूसरा तरीका अपनाया। ATM निकलवाया, खाते में अपना मोबाइल नंबर जुड़वाया आरोप है कि इसके बाद महिला के खाते का ATM निकलवाया गया और बैंक खाते में अरविंद का मोबाइल नंबर जुड़वा दिया गया। इसके बाद ATM और ऑनलाइन ट्रांसफर के जरिए खाते से अलग-अलग रकम निकाली जाने लगी। परिजनों के अनुसार, अरविंद इससे पहले भी ममता से 10 लाख रुपए से अधिक नकद ले चुका था। FD की रकम और खाते से निकाली गई राशि को मिलाकर महिला से करीब 21 लाख रुपए की ठगी की गई। पैसे की मांग बढ़ी तो परिजनों को हुआ शक ममता से लगातार पैसे की मांग की जा रही थी। इसी दौरान परिजनों को उनके व्यवहार में बदलाव नजर आया। उन्हें शक हुआ कि महिला किसी के प्रभाव में है। इसके बाद परिजनों ने ममता के दोनों मोबाइल फोन अपने पास रख लिए। मोबाइल फोन छिनने के बाद अरविंद का ममता से संपर्क टूट गया। इसके बाद आरोप है कि अरविंद ने महिला को घर से बाहर ले जाने की योजना बनाई। रात 2 बजे महिला को लेने पहुंचा युवक आरोप है कि दुबई में बैठे अरविंद ने आकाश मिश्रा को फोन कर ममता को रात में उसके घर से लेकर आने को कहा। उसे ममता को शैलेश नाम के युवक के पास छोड़ना था। अरविंद के कहने पर आकाश रात करीब 2 बजे गाड़ी लेकर रामपुर खजुरिया पहुंचा। आधी रात में घर के आसपास एक अंजान युवक को गाड़ी के साथ घूमते देखकर ममता के परिजनों को शक हुआ। उन्होंने आकाश को पकड़ लिया। इसके बाद उससे पूछताछ की गई और पुलिस को सूचना देकर उसे पुलिस के हवाले कर दिया गया। पूछताछ में सामने आया टेलीग्राम वाला नेटवर्क पुलिस हिरासत में पूछताछ के दौरान आकाश ने बताया कि अरविंद गिरी दुबई में रहकर नेटवर्क चला रहा है। उसके मुताबिक भारत में उसके साथ दो युवक काम करते हैं। इनमें आकाश खुद और शैलेश नाम का युवक शामिल है। आकाश के अनुसार, गिरोह का काम टेलीग्राम के जरिए चलता है। इसी माध्यम से टारगेट, पैसे और लोकेशन की जानकारी दी जाती थी। आकाश ने पुलिस को बताया कि अरविंद ने ही उसे फोन कर ममता को घर से लाने के लिए कहा था। 50 से ज्यादा लड़कियों को शिकार बनाने का दावा पूछताछ में आकाश ने अरविंद पर कई महिलाओं और लड़कियों को इसी तरह जाल में फंसाने का दावा किया है। उसके अनुसार, अरविंद सोशल मीडिया के जरिए अकेली महिलाओं, विधवाओं या नौकरी की तलाश कर रही लड़कियों से संपर्क करता था। इसके बाद नौकरी और शादी का भरोसा देकर उन्हें अपने जाल में फंसाता और उनसे पैसे लेता था। आकाश ने यह भी दावा किया कि पैसे खत्म होने के बाद कुछ लड़कियों को बाहर बुलाकर बेच दिया जाता था। उसने यह आरोप भी लगाया कि विरोध करने वाली लड़कियों की हत्या कर शव गायब कर दिया जाता था। आकाश ने दावा किया कि अरविंद अब तक 50 से ज्यादा लड़कियों को इसी तरह निशाना बना चुका है। उसने गोपालगंज की एक लड़की का भी जिक्र किया, जिसके बारे में उसने दावा किया कि वह इसी तरह लापता हुई है। हालांकि, आकाश द्वारा किए गए इन दावों की पुलिस जांच कर रही है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि इस नेटवर्क से और कितने लोग जुड़े हैं और कितनी महिलाओं को निशाना बनाया गया है। 22 मोबाइल नंबरों पर FIR, दुबई के मास्टरमाइंड की तलाश डुमरियाघाट थानाध्यक्ष विवेक कुमार के अनुसार, आकाश को पुलिस के हवाले किए जाने से एक दिन पहले ही ममता के परिजनों ने ठगी की शिकायत दर्ज कराई थी। पूछताछ के दौरान आकाश का इस मामले से जुड़ाव सामने आया। थानाध्यक्ष ने बताया कि आकाश के मोबाइल से मिले नंबरों के आधार पर 11 लोगों के 22 मोबाइल नंबरों को लेकर FIR दर्ज की गई है। सभी नंबरों की जांच की जा रही है। पुलिस तकनीकी जांच के जरिए दुबई में बैठे अरविंद गिरी तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। आकाश मिश्रा को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है और पूरे नेटवर्क की जांच जारी है।  

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