मोतिहारी के सुगौली थाना क्षेत्र के भटहां टिकुलिया गांव में उस वक्त कोहराम मच गया, जब कर्नाटक से कमाकर घर लौट रहे एक मजदूर का शव उसके पैतृक गांव पहुंचा। महापर्व छठ पर परिवार के साथ खुशियां मनाने की चाह लिए घर आ रहे युवक की ट्रेन से गिरकर दर्दनाक मौत हो गई। मृतक की पहचान 40 वर्षीय नागेन्द्र मांझी उर्फ बनूं मांझी के रूप में हुई है। ट्रेन से गिर जाने से मौके पर ही मौत परिजनों के अनुसार नागेन्द्र मांझी रोजी-रोटी के लिए कर्नाटक में रहकर मजदूरी करते थे। छठ पर्व को लेकर वे ट्रेन से अपने परिवार के पास लौट रहे थे। इसी दौरान गुरुवार की रात छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के सक्ती थाना क्षेत्र में अचानक ट्रेन से गिर जाने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना शुक्रवार को परिजनों को मिली, जिसके बाद वे छत्तीसगढ़ पहुंचे और तमाम कानूनी प्रक्रिया पूरी कर सोमवार को शव लेकर गांव लौटे। बच्चों की परवरिश का गंभीर संकट जैसे ही शव गांव पहुंचा, परिजनों में चीख-पुकार मच गई और पूरे गांव में मातमी सन्नाटा पसर गया। पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल है। बताया जाता है कि नागेन्द्र ही अपने परिवार के एकमात्र कमाऊ सदस्य थे। उनके पीछे पत्नी के अलावा दो दिव्यांग बेटे और तीन बेटियां हैं। अब परिवार के सामने भरण-पोषण और बच्चों की परवरिश का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। छठ जैसे पावन पर्व से ठीक पहले हुई इस घटना ने पूरे परिवार को तोड़कर रख दिया है। आर्थिक सहायता और मुआवजे की मांग घटना की सूचना मिलने पर स्थानीय पैक्स अध्यक्ष विनोद कुमार गुप्ता और मुखिया प्रतिनिधि चुन-चुन सिंह मृतक के घर पहुंचे। उन्होंने शोकाकुल परिजनों को सांत्वना दी और प्रशासन से पीड़ित परिवार की दयनीय स्थिति को देखते हुए उचित आर्थिक सहायता और मुआवजे की मांग की है। ग्रामीणों ने भी सरकार से मांग की है कि मजदूर के आश्रित परिवार को सरकारी योजनाओं का लाभ और आर्थिक मदद दी जाए, ताकि दिव्यांग बच्चों और बेटियों का भविष्य सुरक्षित हो सके। मोतिहारी के सुगौली थाना क्षेत्र के भटहां टिकुलिया गांव में उस वक्त कोहराम मच गया, जब कर्नाटक से कमाकर घर लौट रहे एक मजदूर का शव उसके पैतृक गांव पहुंचा। महापर्व छठ पर परिवार के साथ खुशियां मनाने की चाह लिए घर आ रहे युवक की ट्रेन से गिरकर दर्दनाक मौत हो गई। मृतक की पहचान 40 वर्षीय नागेन्द्र मांझी उर्फ बनूं मांझी के रूप में हुई है। ट्रेन से गिर जाने से मौके पर ही मौत परिजनों के अनुसार नागेन्द्र मांझी रोजी-रोटी के लिए कर्नाटक में रहकर मजदूरी करते थे। छठ पर्व को लेकर वे ट्रेन से अपने परिवार के पास लौट रहे थे। इसी दौरान गुरुवार की रात छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के सक्ती थाना क्षेत्र में अचानक ट्रेन से गिर जाने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना शुक्रवार को परिजनों को मिली, जिसके बाद वे छत्तीसगढ़ पहुंचे और तमाम कानूनी प्रक्रिया पूरी कर सोमवार को शव लेकर गांव लौटे। बच्चों की परवरिश का गंभीर संकट जैसे ही शव गांव पहुंचा, परिजनों में चीख-पुकार मच गई और पूरे गांव में मातमी सन्नाटा पसर गया। पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल है। बताया जाता है कि नागेन्द्र ही अपने परिवार के एकमात्र कमाऊ सदस्य थे। उनके पीछे पत्नी के अलावा दो दिव्यांग बेटे और तीन बेटियां हैं। अब परिवार के सामने भरण-पोषण और बच्चों की परवरिश का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। छठ जैसे पावन पर्व से ठीक पहले हुई इस घटना ने पूरे परिवार को तोड़कर रख दिया है। आर्थिक सहायता और मुआवजे की मांग घटना की सूचना मिलने पर स्थानीय पैक्स अध्यक्ष विनोद कुमार गुप्ता और मुखिया प्रतिनिधि चुन-चुन सिंह मृतक के घर पहुंचे। उन्होंने शोकाकुल परिजनों को सांत्वना दी और प्रशासन से पीड़ित परिवार की दयनीय स्थिति को देखते हुए उचित आर्थिक सहायता और मुआवजे की मांग की है। ग्रामीणों ने भी सरकार से मांग की है कि मजदूर के आश्रित परिवार को सरकारी योजनाओं का लाभ और आर्थिक मदद दी जाए, ताकि दिव्यांग बच्चों और बेटियों का भविष्य सुरक्षित हो सके।

