पटना जंक्शन पर डीआरआई की टीम ने ब्रह्मपुत्र एक्सप्रेस के जनरल कोच से 2.70 करोड़ रुपए कीमत के सोने के बिस्किट के साथ एक तस्कर को गिरफ्तार किया है। पकड़ा गया आरोपी नितिन आनंदा महाराष्ट्र के सांगली जिले का रहने वाला है।
वह सोने की खेप को अपने दोनों पैरों के मोजों के भीतर टेप और कपड़े के सहारे बांधकर दिल्ली ले जा रहा था। शारीरिक तलाशी के दौरान उसके मोजों से 1 किलो 700 ग्राम सोने के कुल 10 बिस्किट बरामद किए गए। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इस जब्त सोने की अनुमानित कीमत करीब 2.70 करोड़ रुपए है। डीआरआई की टीम ने पूछताछ के बाद आरोपी को जेल भेज दिया है। गुप्त सूचना के आधार पर घेरबंदी कर दबोचा डीआरआई को गुप्त सूचना मिली थी कि पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे रूट से एक कैरियर सोने के बिस्किट की खेप लेकर ब्रह्मपुत्र एक्सप्रेस से दिल्ली जा रहा है। यह खेप दिल्ली के एक बड़े कारोबारी को डिलीवर की जानी थी। जांच अधिकारियों के पास आरोपी नितिन का मोबाइल नंबर भी मौजूद था। जैसे ही ब्रह्मपुत्र एक्सप्रेस पटना साहिब स्टेशन पहुंची, डीआरआई की टीम जनरल बोगी में सवार हो गई। इसके बाद ट्रेन के पटना जंक्शन के प्लेटफॉर्म पर रुकते ही टीम ने उसे चारों तरफ से घेरकर दबोच लिया। पूछताछ के दौरान नितिन ने स्वीकार किया कि वह इस तस्करी सिंडिकेट का एक कैरियर है। उसका काम सोने की खेप को दिल्ली के कारोबारी तक सुरक्षित पहुंचाना था। बांग्लादेश बॉर्डर से दिल्ली तक तस्करी का रेल नेटवर्क जानकारी के मुताबिक, सोने की इस बड़ी जब्ती और पूछताछ से सोने की तस्करी के इस संगठित अंतरराज्यीय रूट का खुलासा हुआ है। बांग्लादेश सीमा क्षेत्र से सोना अवैध रूप से पश्चिम बंगाल के कूचबिहार जिले के सीमावर्ती कस्बे तूफानगंज पहुंचाया जाता है। तूफानगंज में सीमावर्ती तस्कर कैरियर नितिन को खेप सौंपता है। वहां से वह सड़क मार्ग के जरिए कूचबिहार रेलवे स्टेशन पहुंचता है। एजेंसी से बचने के लिए आरोपी रिजर्वेशन कराने के बजाय जनरल टिकट लेता है। यह ट्रेन पूर्वोत्तर से बिहार और यूपी होते हुए दिल्ली जाती है। डीआरआई ने पटना साहिब से ट्रैकिंग शुरू की और पटना जंक्शन पर उसे दबोच लिया। 50 हजार में तय हुई थी डिलीवरी, 10 हजार एडवांस पटना जंक्शन पर डीआरआई की टीम ने ब्रह्मपुत्र एक्सप्रेस के जनरल कोच से 2.70 करोड़ रुपए कीमत के सोने के बिस्किट के साथ एक तस्कर को गिरफ्तार किया है। पकड़ा गया आरोपी नितिन आनंदा महाराष्ट्र के सांगली जिले का रहने वाला है।
वह सोने की खेप को अपने दोनों पैरों के मोजों के भीतर टेप और कपड़े के सहारे बांधकर दिल्ली ले जा रहा था। शारीरिक तलाशी के दौरान उसके मोजों से 1 किलो 700 ग्राम सोने के कुल 10 बिस्किट बरामद किए गए। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इस जब्त सोने की अनुमानित कीमत करीब 2.70 करोड़ रुपए है। डीआरआई की टीम ने पूछताछ के बाद आरोपी को जेल भेज दिया है। गुप्त सूचना के आधार पर घेरबंदी कर दबोचा डीआरआई को गुप्त सूचना मिली थी कि पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे रूट से एक कैरियर सोने के बिस्किट की खेप लेकर ब्रह्मपुत्र एक्सप्रेस से दिल्ली जा रहा है। यह खेप दिल्ली के एक बड़े कारोबारी को डिलीवर की जानी थी। जांच अधिकारियों के पास आरोपी नितिन का मोबाइल नंबर भी मौजूद था। जैसे ही ब्रह्मपुत्र एक्सप्रेस पटना साहिब स्टेशन पहुंची, डीआरआई की टीम जनरल बोगी में सवार हो गई। इसके बाद ट्रेन के पटना जंक्शन के प्लेटफॉर्म पर रुकते ही टीम ने उसे चारों तरफ से घेरकर दबोच लिया। पूछताछ के दौरान नितिन ने स्वीकार किया कि वह इस तस्करी सिंडिकेट का एक कैरियर है। उसका काम सोने की खेप को दिल्ली के कारोबारी तक सुरक्षित पहुंचाना था। बांग्लादेश बॉर्डर से दिल्ली तक तस्करी का रेल नेटवर्क जानकारी के मुताबिक, सोने की इस बड़ी जब्ती और पूछताछ से सोने की तस्करी के इस संगठित अंतरराज्यीय रूट का खुलासा हुआ है। बांग्लादेश सीमा क्षेत्र से सोना अवैध रूप से पश्चिम बंगाल के कूचबिहार जिले के सीमावर्ती कस्बे तूफानगंज पहुंचाया जाता है। तूफानगंज में सीमावर्ती तस्कर कैरियर नितिन को खेप सौंपता है। वहां से वह सड़क मार्ग के जरिए कूचबिहार रेलवे स्टेशन पहुंचता है। एजेंसी से बचने के लिए आरोपी रिजर्वेशन कराने के बजाय जनरल टिकट लेता है। यह ट्रेन पूर्वोत्तर से बिहार और यूपी होते हुए दिल्ली जाती है। डीआरआई ने पटना साहिब से ट्रैकिंग शुरू की और पटना जंक्शन पर उसे दबोच लिया। 50 हजार में तय हुई थी डिलीवरी, 10 हजार एडवांस

