बिहार राज्य महिला आयोग में पारिवारिक विवाद का ऐसा मामला पहुंचा है, जिसमें एक महिला ने अपने गोतिया पर घर तोड़ने, सामान चोरी करने और बहू के साथ मारपीट करने का आरोप लगाया है। महिला का कहना है कि करीब डेढ़ साल पहले घर तोड़कर सामान ले जाने की शिकायत थाने में देने के बावजूद प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई। वहीं, दूसरे पक्ष से महिला के भतीजे का दावा है कि महिला और उसके परिवार के सात लोगों पर उसके पिता की हत्या का मुकदमा दर्ज है और मुकदमे से बचने के लिए वह अलग-अलग जगह झूठी शिकायतें कर रही है। ताकि मेरे परिवार पर दबाव बनाया जा सके और मुकदमे में समझौता हो जाए। दोनों पक्षों के आरोपों के बीच आयोग ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 27 अक्टूबर की तारीख तय की है और दोनों पक्षों को बुलाया है। मामला गया जिले के फतेहपुर थाना क्षेत्र का बताया जा रहा है। सूट उड़कर चाची के छत पर गया तो पिता की हत्या कर दी- भतीजा दूसरे पक्ष के तौर पर आवेदिका के भतीजे ने आयोग के सामने पूरे विवाद को रखा। उसने बताया कि झगड़े की शुरुआत कपड़े को लेकर हुई मामूली कहासुनी से हुई। उसने बताया, ‘करीब 4 साल पहले मेरे छत से सूट उड़कर मेरी चाची के छत पर चला गया था। उनकी बेटी और मेरी बहन एक ही उम्र की थी। मेरी चाची की बेटी ने वह सूट पहन लिया। जब मेरी बहन ने यह देखा तो उसने अपना कपड़ा होने का दावा किया। इस पर दोनों के बीच में कहा-सुनी हो गई।’ उन्होंने कहा, ‘हमें यही लगा कि दोनों बच्चे हैं और आपस में झगड़ रहे हैं, लेकिन 2 दिन के बाद ऐसा हुआ, जिससे हमारी पूरी दुनिया ही उजड़ गई। चाची समेत परिवार पर पिता की हत्या का आरोप भतीजे ने बताया, ‘मेरे पिता सुबह 6:30 बजे खेती करने के लिए जैसे ही घर की गली से निकले, चाचा के बेटों ने उन्हें पकड़ लिया। मेरी चाची आई और मेरे पिता को सिर पर खंती से मारा। मेरे पिता का पूरा शरीर लहूलुहान हो गया। मैंने अपने आंखों से अपने पिता की हत्या देखी। मेरी मम्मी जब बचाने गई, तो उन पर भी हमला किया गया था और वह भी घायल हो गई थी।’ भतीजे के मुताबिक, ‘हम लोगों ने उस पर केस भी किया है। मेरे चाची लगातार अलग-अलग जगहों पर जाकर झूठे आरोप में आवेदन देती है, ताकि उस डर से हम लोग केस को कंप्रोमाइज कर लें।’ उसने बताया, ‘घर तोड़ने के आरोप झूठे हैं। जिस मिट्टी और ईंट के बने घर में कोई 4 साल तक नहीं रहा, वह ऐसे भी सुरक्षित नहीं। उसके घर में बड़े-बड़े पेड़-पौधे और घास उग आए हैं।’ भतीजे ने बताया कि इस घटना को लेकर उसके परिवार की ओर से मुकदमा दर्ज कराया गया है। महिला का आरोप- घर तोड़कर गहने, अनाज और मवेशी तक ले गए दूसरी ओर, महिला ने आयोग में दिए आवेदन में कहा कि उसके पति, पुत्र और दामाद को एक मुकदमे में आरोपी बनाया गया है और परिवार लंबे समय से उसी विवाद में उलझा हुआ है। उसके मुताबिक, इसी दौरान जब उसकी बहू घर गई तो उसने देखा कि मकान टूटा हुआ है। महिला का आरोप है कि उसके गोतिया लोगों ने घर का ताला तोड़कर अंदर प्रवेश किया और गहने, अनाज, बर्तन, तोसक, गद्दे के साथ बंधी हुई गाय और भैंस तक ले गए। महिला ने कहा कि आसपास के लोगों से पूछताछ करने पर उसे गोतिया लोगों के बारे में जानकारी मिली। इसके बाद थाने को भी सूचना दी गई, लेकिन उसके अनुसार करीब डेढ़ साल गुजर जाने के बावजूद प्राथमिकी दर्ज नहीं हुई और सामान भी बरामद नहीं किया गया। डर के कारण पूरा परिवार घर छोड़कर भाग गया- महिला महिला ने आयोग को बताया कि घटना के बाद उसका पूरा परिवार डर के कारण घर छोड़कर चला गया। उसका आरोप है कि दूसरे पक्ष के लोग लगातार उनकी तलाश कर रहे हैं और परिवार को जान का खतरा है। उसने कहा कि जब उसकी बहू टूटे हुए घर में रहने लगी तो उसके साथ भी मारपीट की गई। आसपास के लोगों ने उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में इलाज कराया। बहू की ओर से भी थाने में आवेदन दिया गया, लेकिन कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाया गया है। महिला ने आयोग से पूरे मामले में इंसाफ और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। भतीजे का पलटवार- चार साल से घर में कोई नहीं रहा, इसलिए टूट गया महिला के भतीजे ने घर तोड़ने और सामान चोरी करने के आरोपों को खारिज किया। उसने कहा कि उसकी चाची करीब चार साल से घर में नहीं रह रही थी। उसका कहना है कि मिट्टी और ईंट से बना घर लंबे समय तक खाली रहने के कारण खुद भी जर्जर हो सकता है। उसने कहा, “जिस मिट्टी और ईंट के बने घर में कोई चार साल तक नहीं रहेगा, वह ऐसे भी सुरक्षित नहीं रहेगा। उसके घर में बड़े-बड़े पेड़-पौधे और घास उग आए थे।” उसने यह भी आरोप लगाया कि उसके पिता की हत्या के मामले से बचने के लिए उसकी चाची अलग-अलग जगहों पर आवेदन दे रही है, ताकि उसके परिवार पर दबाव बनाया जा सके और मुकदमे में समझौता हो जाए। महिला आयोग ने दोनों पक्षों को बुलाया बिहार राज्य महिला आयोग की सदस्य श्यामा सिंह ने बताया कि महिला ने अपने आवेदन में कहा है कि गोतिया से लंबे समय से आपसी विवाद के कारण वह घर छोड़कर रह रही थी। जब वह वापस घर गई तो उसके साथ मारपीट की गई, घर का दरवाजा तोड़ दिया गया और सामान इधर-उधर कर दिया गया। उन्होंने बताया कि आयोग ने दूसरे पक्ष को नोटिस देकर बुलाया था। दूसरे पक्ष की ओर से बताया गया कि आवेदिका उसकी चाची है और उसके पिता की हत्या के मामले में चाची समेत परिवार के सात लोग आरोपी हैं। श्यामा सिंह के अनुसार, दूसरे पक्ष का आरोप है कि मुकदमे से बचने के लिए महिला अलग-अलग जगहों पर आवेदन दे रही है। बिहार राज्य महिला आयोग में पारिवारिक विवाद का ऐसा मामला पहुंचा है, जिसमें एक महिला ने अपने गोतिया पर घर तोड़ने, सामान चोरी करने और बहू के साथ मारपीट करने का आरोप लगाया है। महिला का कहना है कि करीब डेढ़ साल पहले घर तोड़कर सामान ले जाने की शिकायत थाने में देने के बावजूद प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई। वहीं, दूसरे पक्ष से महिला के भतीजे का दावा है कि महिला और उसके परिवार के सात लोगों पर उसके पिता की हत्या का मुकदमा दर्ज है और मुकदमे से बचने के लिए वह अलग-अलग जगह झूठी शिकायतें कर रही है। ताकि मेरे परिवार पर दबाव बनाया जा सके और मुकदमे में समझौता हो जाए। दोनों पक्षों के आरोपों के बीच आयोग ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 27 अक्टूबर की तारीख तय की है और दोनों पक्षों को बुलाया है। मामला गया जिले के फतेहपुर थाना क्षेत्र का बताया जा रहा है। सूट उड़कर चाची के छत पर गया तो पिता की हत्या कर दी- भतीजा दूसरे पक्ष के तौर पर आवेदिका के भतीजे ने आयोग के सामने पूरे विवाद को रखा। उसने बताया कि झगड़े की शुरुआत कपड़े को लेकर हुई मामूली कहासुनी से हुई। उसने बताया, ‘करीब 4 साल पहले मेरे छत से सूट उड़कर मेरी चाची के छत पर चला गया था। उनकी बेटी और मेरी बहन एक ही उम्र की थी। मेरी चाची की बेटी ने वह सूट पहन लिया। जब मेरी बहन ने यह देखा तो उसने अपना कपड़ा होने का दावा किया। इस पर दोनों के बीच में कहा-सुनी हो गई।’ उन्होंने कहा, ‘हमें यही लगा कि दोनों बच्चे हैं और आपस में झगड़ रहे हैं, लेकिन 2 दिन के बाद ऐसा हुआ, जिससे हमारी पूरी दुनिया ही उजड़ गई। चाची समेत परिवार पर पिता की हत्या का आरोप भतीजे ने बताया, ‘मेरे पिता सुबह 6:30 बजे खेती करने के लिए जैसे ही घर की गली से निकले, चाचा के बेटों ने उन्हें पकड़ लिया। मेरी चाची आई और मेरे पिता को सिर पर खंती से मारा। मेरे पिता का पूरा शरीर लहूलुहान हो गया। मैंने अपने आंखों से अपने पिता की हत्या देखी। मेरी मम्मी जब बचाने गई, तो उन पर भी हमला किया गया था और वह भी घायल हो गई थी।’ भतीजे के मुताबिक, ‘हम लोगों ने उस पर केस भी किया है। मेरे चाची लगातार अलग-अलग जगहों पर जाकर झूठे आरोप में आवेदन देती है, ताकि उस डर से हम लोग केस को कंप्रोमाइज कर लें।’ उसने बताया, ‘घर तोड़ने के आरोप झूठे हैं। जिस मिट्टी और ईंट के बने घर में कोई 4 साल तक नहीं रहा, वह ऐसे भी सुरक्षित नहीं। उसके घर में बड़े-बड़े पेड़-पौधे और घास उग आए हैं।’ भतीजे ने बताया कि इस घटना को लेकर उसके परिवार की ओर से मुकदमा दर्ज कराया गया है। महिला का आरोप- घर तोड़कर गहने, अनाज और मवेशी तक ले गए दूसरी ओर, महिला ने आयोग में दिए आवेदन में कहा कि उसके पति, पुत्र और दामाद को एक मुकदमे में आरोपी बनाया गया है और परिवार लंबे समय से उसी विवाद में उलझा हुआ है। उसके मुताबिक, इसी दौरान जब उसकी बहू घर गई तो उसने देखा कि मकान टूटा हुआ है। महिला का आरोप है कि उसके गोतिया लोगों ने घर का ताला तोड़कर अंदर प्रवेश किया और गहने, अनाज, बर्तन, तोसक, गद्दे के साथ बंधी हुई गाय और भैंस तक ले गए। महिला ने कहा कि आसपास के लोगों से पूछताछ करने पर उसे गोतिया लोगों के बारे में जानकारी मिली। इसके बाद थाने को भी सूचना दी गई, लेकिन उसके अनुसार करीब डेढ़ साल गुजर जाने के बावजूद प्राथमिकी दर्ज नहीं हुई और सामान भी बरामद नहीं किया गया। डर के कारण पूरा परिवार घर छोड़कर भाग गया- महिला महिला ने आयोग को बताया कि घटना के बाद उसका पूरा परिवार डर के कारण घर छोड़कर चला गया। उसका आरोप है कि दूसरे पक्ष के लोग लगातार उनकी तलाश कर रहे हैं और परिवार को जान का खतरा है। उसने कहा कि जब उसकी बहू टूटे हुए घर में रहने लगी तो उसके साथ भी मारपीट की गई। आसपास के लोगों ने उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में इलाज कराया। बहू की ओर से भी थाने में आवेदन दिया गया, लेकिन कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाया गया है। महिला ने आयोग से पूरे मामले में इंसाफ और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। भतीजे का पलटवार- चार साल से घर में कोई नहीं रहा, इसलिए टूट गया महिला के भतीजे ने घर तोड़ने और सामान चोरी करने के आरोपों को खारिज किया। उसने कहा कि उसकी चाची करीब चार साल से घर में नहीं रह रही थी। उसका कहना है कि मिट्टी और ईंट से बना घर लंबे समय तक खाली रहने के कारण खुद भी जर्जर हो सकता है। उसने कहा, “जिस मिट्टी और ईंट के बने घर में कोई चार साल तक नहीं रहेगा, वह ऐसे भी सुरक्षित नहीं रहेगा। उसके घर में बड़े-बड़े पेड़-पौधे और घास उग आए थे।” उसने यह भी आरोप लगाया कि उसके पिता की हत्या के मामले से बचने के लिए उसकी चाची अलग-अलग जगहों पर आवेदन दे रही है, ताकि उसके परिवार पर दबाव बनाया जा सके और मुकदमे में समझौता हो जाए। महिला आयोग ने दोनों पक्षों को बुलाया बिहार राज्य महिला आयोग की सदस्य श्यामा सिंह ने बताया कि महिला ने अपने आवेदन में कहा है कि गोतिया से लंबे समय से आपसी विवाद के कारण वह घर छोड़कर रह रही थी। जब वह वापस घर गई तो उसके साथ मारपीट की गई, घर का दरवाजा तोड़ दिया गया और सामान इधर-उधर कर दिया गया। उन्होंने बताया कि आयोग ने दूसरे पक्ष को नोटिस देकर बुलाया था। दूसरे पक्ष की ओर से बताया गया कि आवेदिका उसकी चाची है और उसके पिता की हत्या के मामले में चाची समेत परिवार के सात लोग आरोपी हैं। श्यामा सिंह के अनुसार, दूसरे पक्ष का आरोप है कि मुकदमे से बचने के लिए महिला अलग-अलग जगहों पर आवेदन दे रही है।

