मेरठ के वेदव्यासपुरी, लोहियानगर और गंगानगर योजनाओं के किसानों ने लंबित प्लॉट और प्रतिकर की मांग को लेकर आंदोलन तेज कर दिया है। पांच दिन पहले महापंचायत में मेरठ विकास प्राधिकरण (MDA) के घेराव की चेतावनी देने वाले किसान सोमवार को प्राधिकरण कार्यालय पहुंच गए। यहां किसानों ने अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया। किसानों ने साफ कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक धरना जारी रहेगा। किसानों ने पांच दिन पहले वेदव्यासपुरी स्थित धरना स्थल पर महापंचायत की थी। इसमें तीनों योजनाओं के किसान प्रतिनिधियों ने एकजुट होकर अपने अधिकारों की लड़ाई लड़ने का संकल्प लिया था। महापंचायत में आंदोलन तेज करने और MDA के घेराव की रणनीति तैयार की गई थी। महिला शक्ति ने भी किसानों के आंदोलन को समर्थन दिया था। मांग पूरी होने तक जारी रहेगा धरना किसानों का कहना है कि लंबे समय से उनके प्लॉट और प्रतिकर की मांग लंबित है। कई बार मांग उठाने के बाद भी समाधान नहीं हुआ। अब किसान निर्णायक संघर्ष के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक आंदोलन समाप्त नहीं किया जाएगा। महापंचायत में किसानों ने ‘अब नहीं तो कभी नहीं’ का नारा देते हुए दीपावली भी MDA परिसर में मनाने की चेतावनी दी थी। इसके बाद सोमवार को किसान प्राधिकरण कार्यालय पहुंच गए और अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया। इसके साथ ही मेडा कार्यालय पर आने के दौरान किसानों और पुलिस के बीच काफी नोकझोक भी हुई, हालांकि किसान इसके बाद मेडा कार्यालय पहुंच गए। किसानों के साथ बड़ी संख्या में पहुंची महिलाओं ने मेडा कार्यालय के नरिसर में ही कीर्तन शुरू कर दिया। उनका कहना है कि मेडा के भ्रष्ट और वादा खिलाफी करने वाले अधिकारियों की सदबुद्वि के लिए हम यह कीर्तन कर रहे हैं। हालांकि किसानाें ने साफ तौर पर अनिश्चतकालीन धरने की घोषणा कर दी है।

