कीर्तिवर्धन-घुसपैठिए गरीबों का राशन और योजनाओं का पैसा ले रहे:गोंडा में सपा-बसपा पर माफिया राज और भ्रष्टाचार के लगाए आरोप

कीर्तिवर्धन-घुसपैठिए गरीबों का राशन और योजनाओं का पैसा ले रहे:गोंडा में सपा-बसपा पर माफिया राज और भ्रष्टाचार के लगाए आरोप

गोंडा में विदेश राज्यमंत्री और भाजपा सांसद कीर्तिवर्धन सिंह उर्फ राजा भैया ने सोमवार को गौरा विधानसभा क्षेत्र में आयोजित कार्यक्रम में SIR का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश से आए घुसपैठिए देश के गरीब परिवारों के राशन और योजनाओं का पैसा ले रहे हैं। SIR के जरिए ऐसे लोगों को हटाना जरूरी है, वरना वे देश के लिए खतरा बन सकते हैं। उन्होंने सपा, बसपा और कांग्रेस पर निशाना साधते हुए 2014 से पहले के हालात का जिक्र किया। कहा कि उस दौर में भ्रष्टाचार और माफिया राज था, जबकि अब महिलाएं बिना डर घर से बाहर निकल सकती हैं। सपा-बसपा की सरकारों पर लगाए माफिया राज के आरोप कीर्तिवर्धन सिंह ने कहा कि गोंडा से उतरौला तक लोगों की जमीनों पर कब्जे होते थे और शिकायतों पर सुनवाई नहीं होती थी। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा और बसपा की सरकारों में माफिया राज था। प्रधानों, बीडीसी सदस्यों और ब्लॉक प्रमुखों से भी पैसे वसूले जाते थे। उन्होंने बसपा प्रमुख मायावती के जन्मदिन पर उन्हें हीरे के गहने पहनाए जाने का जिक्र किया। साथ ही आरोप लगाया कि पहले परीक्षा देने के लिए पांच से दस हजार रुपये तक देने पड़ते थे। उनके मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस पर ध्यान दिया और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने व्यवस्था में बदलाव लागू किया, जिसके बाद यह चलन बंद हुआ। सड़क, बिजली और राशन की समस्याएं गिनाईं भाजपा सांसद ने कहा कि 2014 से पहले सड़कें गड्ढों में बदल गई थीं और आम लोग बिजली के लिए परेशान रहते थे। गरीब परिवारों को राशन के लिए संघर्ष करना पड़ता था। उन्होंने लोगों से आने वाले चुनावों से पहले पुरानी समस्याओं को याद रखने की अपील की। SIR को योजनाओं के लाभार्थियों से जोड़ा SIR पर बोलते हुए कीर्तिवर्धन सिंह ने कहा कि आधार कार्ड आने से पहले योजनाओं का पैसा और राशन फर्जी लाभार्थियों के जरिए ब्लैक मार्केट में चला जाता था। उन्होंने दावा किया कि इसमें लाखों करोड़ रुपये का नुकसान होता था। उन्होंने आरोप लगाया कि बड़ी संख्या में बांग्लादेशी घुसपैठिए देश में रहकर गरीब परिवारों के अधिकारों और सरकारी योजनाओं के लाभ पर कब्जा कर रहे हैं।

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