अम्बेडकरनगर में रबी फसलों की बुवाई के बीच किसानों के लिए राहत की खबर है। कृषि विभाग के मुताबिक यूरिया, डीएपी और एनपीके समेत सभी प्रमुख उर्वरकों का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। सहकारी और निजी क्षेत्र को मिलाकर जिले में 27,849 मीट्रिक टन यूरिया, 5,652 मीट्रिक टन डीएपी और 5,040 मीट्रिक टन एनपीके मौजूद है। हालांकि, खाद की पर्याप्त उपलब्धता के बावजूद किसानों के सामने फार्मर रजिस्ट्री की अनिवार्यता नई चुनौती बन सकती है। अब उर्वरक प्राप्त करने के लिए किसानों को फार्मर रजिस्ट्री कराना जरूरी कर दिया गया है। जिला कृषि अधिकारी अरविंद चौधरी ने सोमवार को बताया कि नवंबर तक यूरिया का क्रमिक लक्ष्य 10,262 मीट्रिक टन निर्धारित किया गया था, जिसके सापेक्ष 28,731 मीट्रिक टन की उपलब्धता हुई। इसी तरह डीएपी के 9,246 मीट्रिक टन लक्ष्य के सापेक्ष 9,157 मीट्रिक टन, एनपीके के 4,187 मीट्रिक टन लक्ष्य के सापेक्ष 4,829 मीट्रिक टन, एसएसपी के 8,228 मीट्रिक टन लक्ष्य के सापेक्ष 13,122 मीट्रिक टन और एमओपी के 416 मीट्रिक टन लक्ष्य के सापेक्ष 308 मीट्रिक टन उर्वरक उपलब्ध हुआ है। वितरण के बाद भी जिले में 12,568 मीट्रिक टन एसएसपी और 337 मीट्रिक टन एमओपी उपलब्ध है। कृषि विभाग ने किसानों से समय रहते फार्मर रजिस्ट्री कराने की अपील की है। जिन किसानों की रजिस्ट्री अभी तक नहीं हुई है, वे संबंधित तहसील में जाकर खतौनी का अंश निर्धारण कराते हुए प्रक्रिया पूरी करा लें। ऐसा नहीं करने पर खाद प्राप्त करने में परेशानी हो सकती है। 15 नवंबर से निवेश मित्र 3.0 पोर्टल शुरू उर्वरक, बीज और कीटनाशक कारोबारियों के लिए निवेश मित्र 2.0 पोर्टल का संचालन 15 नवंबर 2026 से बंद कर दिया जाएगा। इसके स्थान पर निवेश मित्र 3.0 पोर्टल शुरू होगा। अपर कृषि निदेशक (कृषि रक्षा) एवं नोडल अधिकारी ने कारोबारियों को निर्देश दिया है कि लाइसेंस से संबंधित सभी कार्य नए पोर्टल के माध्यम से ही कराएं। खाद की शिकायत के लिए कंट्रोल रूम उर्वरकों की उपलब्धता, वितरण और अन्य समस्याओं से जुड़ी शिकायतों के समाधान के लिए जिला कृषि अधिकारी कार्यालय में कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। किसान हेल्पलाइन नंबर 9198886916 पर फोन कर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।

