नंगली तीर्थ के संतों और स्थानीय लोगों की सालों पुरानी मांग आखिरकार पूरी हो गई। मेरठ के छोटे से सकौती टांडा रेलवे स्टेशन पर अब हरिद्वार-दिल्ली एक्सप्रेस रोजाना रुकेगी। 11 सितंबर को नीम करौरी बाबा के निर्वाण दिवस पर पहली बार ट्रेन के ठहराव के दौरान स्टेशन पर खुशी का माहौल रहा। ट्रेन और लोको पायलट का फूलों से स्वागत किया गया। इसके बाद हरी झंडी दिखाकर ट्रेन को दिल्ली के लिए रवाना किया गया। हरिद्वार से दिल्ली के बीच चलने वाली एक्सप्रेस ट्रेन संख्या 14304/14303 अब सकौती टांडा स्टेशन पर रोजाना एक मिनट रुकेगी। इस ठहराव से नंगली तीर्थ आने वाले श्रद्धालुओं के साथ आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के यात्रियों को भी फायदा होगा। नंगली तीर्थ में देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। संत समाज लंबे समय से श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए यहां एक्सप्रेस ट्रेन के नियमित ठहराव की मांग कर रहा था। स्टेशन पर हुए कार्यक्रम में नंगली तीर्थ के महामंडलेश्वर शिव प्रेमानंद महाराज को विशेष तौर पर आमंत्रित किया गया। उन्होंने कहा कि यह ऋषि-मुनियों की धरती है। ‘हनुमान अंश’ फिल्म के बाद नीम करौरी बाबा और हनुमान भक्ति का माहौल और मजबूत हुआ है। इसी क्रम में नंगली तीर्थ को भी लोग इससे जोड़कर देख रहे हैं। सकौती टांडा पर एक्सप्रेस ट्रेन के ठहराव की मांग को लेकर नंगली तीर्थ के साधु-संतों और स्थानीय लोगों ने स्थानीय विधायक, सांसद और मंत्रियों से कई बार गुहार लगाई। उत्तर प्रदेश सरकार के पूर्व दर्जा प्राप्त मंत्री सुनील भराला भी लंबे समय तक रेलवे मंत्रालय में इस मांग की पैरवी करते रहे। हालांकि पहले सफलता नहीं मिली। भराला ने कहा कि ‘हनुमान अंश’ फिल्म की सफलता के बाद देश में भक्ति का माहौल बना है और इसी दौरान यह शुभ काम होना हनुमान जी का आशीर्वाद माना जा सकता है। 1500 से ज्यादा MST यात्रियों को भी फायदा सकौती टांडा स्टेशन छोटा है और आसपास की आबादी भी सीमित है, लेकिन ग्रामीण क्षेत्र से रोजाना बड़ी संख्या में लोग नौकरी और दूसरे कामों के लिए दिल्ली-एनसीआर आते-जाते हैं। स्थानीय यात्रियों के मुताबिक यहां करीब 1500 MST यात्री हैं। पहले एक्सप्रेस ट्रेन नहीं रुकने के कारण यात्रियों को दौराला स्टेशन उतरकर ऑटो से सकौती टांडा की ओर आना पड़ता था। इससे समय और किराया दोनों ज़्यादा लगता था। अब नियमित ठहराव से इन यात्रियों को सीधे ट्रेन की सुविधा मिलेगी। पहले विशेष तिथियों पर ही रुकती थीं ट्रेनें स्टेशन अधीक्षक श्रवण कुमार मीणा ने बताया कि सकौती टांडा छोटा स्टेशन है। पहले यहां केवल छह पैसेंजर ट्रेनें रुकती थीं। करीब एक दशक पहले नंगली तीर्थ के संतों के अनुरोध पर विशेष तिथियों में कुछ एक्सप्रेस ट्रेनों का ठहराव शुरू किया गया था। इन तिथियों पर नंगली तीर्थ में बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं। संत लंबे समय से चाहते थे कि हरिद्वार-दिल्ली एक्सप्रेस को रोजाना यहां रोका जाए। रेलवे मंत्रालय में लगातार पैरवी के बाद यह मांग अब पूरी हुई है। पहले ट्रेन का नियमित ठहराव 18 सितंबर से शुरू होने की जानकारी मिली थी, लेकिन बाद में अचानक इसकी तारीख बदलकर 11 सितंबर कर दी गई। स्टेशन अधीक्षक को भी इसका सरकारी आदेश एक दिन पहले ही प्राप्त हुआ। 11 सितंबर को नीम करौरी बाबा के निर्वाण दिवस पर ही नियमित ठहराव शुरू होने से अब स्थानीय लोगों और संत समाज के बीच इसकी खूब चर्चा है।

