कोटा की वुशू खिलाड़ी को एशियन गेम्स से बाहर किया:वीडियो में बोली- मां-पापा माफ करना, मरने की बात कर रही हूं, सेमीफाइनल में हारने वाली को मौका दिया

कोटा की वुशू खिलाड़ी को एशियन गेम्स से बाहर किया:वीडियो में बोली- मां-पापा माफ करना, मरने की बात कर रही हूं, सेमीफाइनल में हारने वाली को मौका दिया

एशियन गेम्स के लिए चीन जा रहे भारतीय दल से कोटा की वुशू खिलाड़ी दिव्यांशी चौधरी को लास्ट समय पर बाहर कर दिया। इसके बाद दिव्यांशी का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें वह रोते हुए कह रही हैं कि उन्हें गलत तरीके से टीम से बाहर कर दिया गया है। दिव्यांशी ने करीब 9 मिनट के वीडियो में वुशु फेडरेशन पर कई सवाल उठाए हैं। वीडियो में दिव्यांशी रोती नजर आ रही हैं और वे कह रही हैं- मां-पापा माफ करना, सुसाइड की बात कर रही हूं। कहा कि यह उनका आखिरी वीडियो है। दिव्यांशी ने कहा कि उन्हें एशियन गेम्स के लिए भारतीय जर्सी भी दे दी गई थी। लेकिन आखिरी वक्त में उनका नाम काट दिया गया। जीत के बाद भी टीम से बाहर किया दरअसल, जापान में 19 सितंबर से शुरू हो रहे एशियन गेम्स के लिए भारतीय वुशु टीम की घोषणा 23 जून को कर दी गई थी। हालांकि, खेल मंत्रालय ने 11 सितंबर को एक अपडेट जारी किया, जिसमें पहले से घोषित टीम की मेंबर दिव्यांशी चौधरी को बाहर कर उनकी जगह मणिपुर की नाओरेम रोशिबीना देवी को शामिल कर लिया गया है। दिव्यांशी का कहना हैं कि जून में हुए एशियन गेम्स के फाइनल सिलेक्शन ट्रायल में उन्होंने 60 किग्रा वर्ग में दो बार की एशियन गेम्स मेडलिस्ट रोशीबीना देवी को हराया था। जीत के बावजूद भी उन्हें टीम से बाहर कर दिया। दिव्यांशी ने कहा- जिस खिलाड़ी को उन्होंने हराया उसने अपने डीएसपी पद और अर्जुन अवॉर्ड के रसूख का इस्तेमाल कर संघ पर दबाव बनाया हैं। श्रीनगर कैंप में उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित किया। उसे कंधे में चोट पहुंचाई गई। दो डॉक्टरों की ओर से उन्हें टेपिंग के साथ खेलने की अनुमति देने के बाद भी उसका पक्ष नहीं सुना गया और टीम से बाहर कर दिया।
जून में हुई ट्रायल में हासिल किया था पहले स्थान दिव्यांशी ने जून में आयोजित चयन ट्रायल के सेमीफाइनल में मणिपुर की रोशिबिना देवी और फाइनल में चंडीगढ़ की मानसी को हराकर पहला स्थान हासिल किया था। इसके बाद उन्होंने शंघाई कोऑपरेशन ऑर्गेनाइजेशन टूर्नामेंट में सिल्वर मेडल भी जीता। पिछले 3 महीना से वे पटियाला स्थित स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया के ट्रेनिंग सेंटर में अभ्यास कर रही थी। सरकार की ओर से जारी सूची में नाम होने के साथ उन्हें किट भी जारी की जा चुकी थी। इसी दौरान लिगामेंट इंजरी के बाद डॉक्टरों ने उन्हें टेपिंग के साथ खेलने की अनुमति दी थी। लेकिन फेडरेशन ने इसी चोट को आधार बनाकर उसका नाम हटा दिया। इंडिया वुशू टीम के कोच राजेश टेलर का कहना है मेरे पास इस प्रकार की कोई आधिकारिक जानकारी नहीं आई है। डॉक्यूमेंट आने पर ही कुछ बता सकता हूं। राजस्थान वुशू संघ के अध्यक्ष हीरानंद कटारिया ने कहा कि दिव्यांशी अच्छी वुशू खिलाड़ी है। उनका टीम से बाहर होना राजस्थान के लिए भी दुखद है। अगर कहीं कोई चूक हुई है, तो उसे हम फेडरेशन के सामने रखेंगे।

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