मुस्लिम वोट के डर से मंदिर नहीं जाते सपाई:कृषि मंत्री बोले- खुद को शिवपाल-अखिलेश कृष्ण का वंशज बताते हैं

मुस्लिम वोट के डर से मंदिर नहीं जाते सपाई:कृषि मंत्री बोले- खुद को शिवपाल-अखिलेश कृष्ण का वंशज बताते हैं

पीलीभीत में ‘वीरांगना रानी अवंतीबाई लोधी बासमती एवं जैविक प्रशिक्षण केंद्र’ के शिलान्यास कार्यक्रम में बुधवार दोपहर 2 बजे कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने सपा और अखिलेश यादव पर निशाना साधा। उन्होंने भगवान कृष्ण का वंशज होने का दावा करने वाले सपा नेताओं के बयानों पर सवाल उठाए। सूर्य प्रताप शाही ने आरोप लगाया कि सपा नेता मुस्लिम वोट बैंक की राजनीति के कारण धार्मिक स्थलों पर जाने से बचते हैं। कृष्ण वंशज होने के दावे पर सवाल मीडिया से बातचीत में शाही से शिवपाल यादव और अखिलेश यादव के भगवान कृष्ण का वंशज होने के दावों को लेकर सवाल किया गया। इस पर उन्होंने मुलायम सिंह यादव और अखिलेश यादव का जिक्र किया। शाही ने एक वायरल वीडियो का हवाला देते हुए कहा कि वे आज तक दर्शन करने तक नहीं गए। उन्होंने सवाल किया कि जो अपने पूर्वजों का सम्मान और दर्शन नहीं कर सके, वे खुद को उनका वंशज कैसे बता सकते हैं। मुस्लिम वोट बैंक की राजनीति का आरोप कृषि मंत्री ने आरोप लगाया कि सपा नेताओं को डर है कि अगर वे धार्मिक स्थल पर जाएंगे तो उनके मुस्लिम मतदाता नाराज हो सकते हैं। इसी वजह से वे वहां जाने से बचते हैं। शाही ने विपक्षी नेताओं पर छुआछूत की मानसिकता रखने का आरोप भी लगाया। मस्जिद-मंदिर के मुद्दे पर तंज शाही ने कहा कि विपक्षी नेता धार्मिक स्थलों से जुड़े मुद्दों को लेकर राजनीति करते हैं। उन्होंने सपा की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि ऐसे मामलों को लेकर समाज में बहस खड़ी की जाती है। देश का पहला बासमती प्रशिक्षण केंद्र राजनीतिक बयानबाजी के बीच पीलीभीत में बासमती एवं जैविक प्रशिक्षण केंद्र का शिलान्यास किसानों के लिए अहम बताया गया। यह केंद्र सात एकड़ जमीन पर विकसित किया जा रहा है। यहां किसानों को बासमती की उन्नत खेती, बीज उत्पादन और जैविक खेती की आधुनिक तकनीक की जानकारी दी जाएगी। एआई और सैटेलाइट से होगी निगरानी प्रस्तावित केंद्र में बासमती फसल की निगरानी और आकलन के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित सैटेलाइट सर्वे तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। इसके जरिए निर्यात की योजना बनाने में भी मदद मिलेगी। परियोजना का उद्देश्य बेहतर गुणवत्ता वाली बासमती को बढ़ावा देना है। इससे पीलीभीत और आसपास के किसानों की आय बढ़ाने पर जोर रहेगा।

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