Revanth Reddy ने BRS नेताओं द्वारा Speaker पर कथित टिप्पणी की व्यापक जांच के दिए आदेश

Revanth Reddy ने BRS नेताओं द्वारा Speaker पर कथित टिप्पणी की व्यापक जांच के दिए आदेश

हैदराबाद, नौ सितंबर तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने बुधवार को विधानसभा अध्यक्ष गद्दम प्रसाद कुमार के खिलाफ बीआरएस के विधान परिषद के सदस्यों (एमएलसी) द्वारा की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों और इससे जुड़े अन्य मामलों की व्यापक जांच की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) समर्थकों ने पार्टी अध्यक्ष के. चंद्रशेखर राव (केसीआर) के फार्महाउस के पास कथित तौर पर ‘शुद्धीकरण’ किया था। इसी फार्महाउस के पास कांग्रेस कार्यकर्ताओं और दलित कार्यकर्ताओं ने आठ सितंबर को विधानसभा अध्यक्ष के खिलाफ ‘अपमानजनक’ टिप्पणियों को लेकर विरोध प्रदर्शन किया था।

विधानसभा अध्यक्ष एक दलित नेता हैं। उन्होंने कहा कि इस मामले की भी जांच की जाएगी। विधानसभा में अपने संबोधन के दौरान रेड्डी ने आरोप लगाया कि राव ने छह सितंबर को अपने फार्महाउस पर पार्टी के विधायकों और विधान परिषद के सदस्यों की बैठक में विधानसभा की कार्यवाही में बाधा डालने की साजिश रची थी।

उन्हें डर था कि 2014 से दिसंबर 2023 के बीच उनके कथित कुशासन की पोल खुल जाएगी। उन्होंने आरोप लगाया कि केसीआर के उकसावे पर बीआरएस के विधायक और विधान परिषद के सदस्य ‘‘बेकाबू’’ हो गए थे और सात सितंबर को विधानसभा गेट पर पुलिस द्वारा रोके जाने के दौरान उन्होंने सरकारी कर्मचारियों और पुलिस पर ‘‘हमला किया’’। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इस दौरान उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियां कीं।

केसीआर पर तीखा हमला करते हुए उन्होंने कहा कि तेलंगाना का समाज केसीआर के परिवार के कथित सामंती अहंकार का शुद्धीकरण कर देगा। उन्होंने कहा, ‘‘…जिस जमीन पर दलित चले, उसे शुद्ध करने की बात समाज में फैली गंदगी, साजिशों और भेदभाव को बढ़ावा देने की मानसिकता को दिखाती है। असल में उस जगह को शुद्ध करने की जरूरत नहीं है जहां दलित भाई चले थे; बल्कि केसीआर और उनके परिवार के मन में छुआछूत को लेकर जो अहंकारी सोच है, उसे शुद्ध करने की जरूरत है।’’
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार कथित छुआछूत, भेदभाव और शुद्धीकरण के मामलों पर ‘‘निष्क्रिय’’ नहीं रहेगी।

उन्होंने कहा कि सरकार ने कानून के मुताबिक उन लोगों को सजा देने का फैसला किया है, जिन्होंने कथित शुद्धीकरण कार्यक्रम को लेकर विधानसभा अध्यक्ष और दलित समुदायों का अपमान किया। भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के प्रावधानों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि सरकार ने उन लोगों के खिलाफ जांच के आदेश देने का फैसला किया है ‘‘जिन्होंने साजिश रची और उसे अंजाम दिया’’। रेड्डी ने कहा कि हैदराबाद के संयुक्त पुलिस आयुक्त विजय कुमार इस जांच की निगरानी करेंगे।

उन्होंने कहा कि सरकार ‘‘फार्महाउस पर रची गई साजिश’’ और इस मामले से जुड़ी सभी घटनाओं और शिकायतों की जांच करेगी।

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