मुरादाबाद में LLB-BALLB के नतीजों पर बवाल:छात्र बोले- 90% फेल, कुलपति समेत तीन अधिकारियों के इस्तीफे की मांग

मुरादाबाद में LLB-BALLB के नतीजों पर बवाल:छात्र बोले- 90% फेल, कुलपति समेत तीन अधिकारियों के इस्तीफे की मांग

मुरादाबाद में गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय के प्रथम और द्वितीय सेमेस्टर के परीक्षा परिणामों को लेकर छात्रों ने विरोध जताया है। बड़ी संख्या में विद्यार्थियों के फेल होने पर उन्होंने कुलपति, कुलसचिव और परीक्षा नियंत्रक के इस्तीफे की मांग की है। छात्रों ने मूल्यांकन में गड़बड़ी और पारदर्शिता की कमी का आरोप लगाते हुए राज्यपाल को पत्र भेजा है। विद्यार्थियों ने चेतावनी दी है कि उनकी मांगों पर जल्द सुनवाई नहीं हुई तो वे अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू करेंगे। उनका कहना है कि परीक्षा परिणामों में देरी और कम अंक मिलने से एलएलबी और बीए-एलएलबी की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। पुनर्मूल्यांकन के बाद भी नहीं बदला परिणाम छात्रों के मुताबिक, प्रथम सेमेस्टर में करीब 90 प्रतिशत विद्यार्थी फेल हो गए थे। इसके बाद विरोध हुआ और राज्यपाल के हस्तक्षेप पर उत्तर पुस्तिकाओं का पुनर्मूल्यांकन कराया गया। हालांकि, छात्रों का दावा है कि दोबारा जांच के बाद भी परिणाम में खास बदलाव नहीं आया। उनका आरोप है कि उत्तर पुस्तिकाएं देखने और रीचेकिंग कराने के लिए 2,800 रुपये शुल्क तय किया गया था। इतनी फीस होने के कारण कई विद्यार्थी अपनी कॉपियों की जांच नहीं करा सके। 4 महीने बाद आया दूसरे सेमेस्टर का रिजल्ट छात्रों का कहना है कि द्वितीय सेमेस्टर का परिणाम करीब चार महीने के इंतजार के बाद जारी किया गया। इसमें भी बड़ी संख्या में विद्यार्थी फेल हुए हैं। उनका दावा है कि परीक्षा अच्छी देने के बावजूद उन्हें उम्मीद से काफी कम अंक मिले। बार-बार परिणाम में देरी होने और फेल होने के कारण विद्यार्थियों का शैक्षणिक सत्र प्रभावित हो रहा है। स्क्रूटनी और बैक पेपर के लिए भी उन्हें अलग से फीस जमा करनी पड़ रही है। बाहरी विशेषज्ञों से जांच कराने की मांग छात्रों ने राज्यपाल से पूरे मामले की जांच दूसरे विश्वविद्यालयों के विशेषज्ञों से कराने की मांग की है। वे प्रथम सेमेस्टर की सभी संदिग्ध उत्तर पुस्तिकाओं का निष्पक्ष पुनर्मूल्यांकन चाहते हैं। इसके साथ ही पुनर्जांच के बाद जिन विद्यार्थियों के अंक बदले हैं, उनके मामलों की समीक्षा करने और उत्तर पुस्तिकाएं जांचने वाले शिक्षकों की जवाबदेही तय करने की मांग भी की गई है। निशुल्क पुनर्मूल्यांकन और विशेष परीक्षा की मांग विद्यार्थियों ने प्रभावित छात्रों के लिए निशुल्क पुनर्मूल्यांकन और स्क्रूटनी कराने, जांची गई कॉपियों की फोटोकॉपी देने और विशेष सप्लीमेंट्री परीक्षा आयोजित करने की मांग रखी है। एक से दस अंक तक से फेल होने वाले विद्यार्थियों को नियमानुसार ग्रेस मार्क्स देने की मांग भी की गई है। इसके अलावा पाठ्यक्रम की समीक्षा, निशुल्क अतिरिक्त कक्षाएं और ईयर बैक के नियमों में छूट देने की मांग शामिल है। कुलपति से शिकायत के बाद राज्यपाल को पत्र छात्रों का आरोप है कि उन्होंने कई बार कुलपति से मिलकर अपनी समस्याएं बताईं, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला। अब उन्होंने राज्यपाल से विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ उच्चस्तरीय जांच कराने और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई करने की मांग की है। विद्यार्थियों ने कहा है कि मांगें पूरी नहीं होने पर वे शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से अनिश्चितकालीन आंदोलन करेंगे।

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