नेपाल में आई भीषण बाढ़ के बाद बिहार में जारी अलर्ट के बीच मुजफ्फरपुर में गुरुवार सुबह तक गंडक नदी की स्थिति सामान्य बनी हुई है। नदी का जलस्तर फिलहाल खतरे के निशान से करीब 1.11 मीटर नीचे है। हालांकि, नेपाल से छोड़े गए पानी के कारण आने वाले घंटों में जलस्तर बढ़ने की आशंका को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है। बुधवार रात से ही गंडक के तटबंधों और निचले इलाकों की लगातार निगरानी की जा रही है। गंडक नदी से प्रभावित होने वाले साहेबगंज, पारू और सरैया प्रखंड की 16 पंचायतों को संभावित रूप से संवेदनशील चिह्नित किया गया है। इन इलाकों में प्रशासन की टीमें तैनात हैं। निचले इलाकों और तटबंध के आसपास रहने वाले लोगों को लगातार माइकिंग कर सुरक्षित और ऊंचे स्थानों पर जाने की अपील की जा रही है। जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट भी कराया जा रहा है। बुधवार रात तटबंधों की हुई निगरानी संभावित खतरे को देखते हुए डीएम कुमार गौरव और एसएसपी कांतेश कुमार मिश्रा ने बुधवार को रेवा घाट समेत गंडक से जुड़े इलाकों और तटबंधों का निरीक्षण किया। इसके बाद पूरी रात तटबंधों की निगरानी के निर्देश दिए गए। फ्लड कंट्रोल डिवीजन के अधिकारियों के साथ जिला प्रशासन की टीम को भी तटबंधों पर नजर रखने को कहा गया है। संभावित बाढ़ को लेकर दिए निर्देश डीएम ने बताया कि आपदा प्रबंधन विभाग और मुख्य सचिव स्तर पर हुई समीक्षा के बाद गंडक किनारे के तीनों प्रखंडों के अधिकारियों को अलर्ट किया गया है। एसडीओ, डीसीएलआर, बीडीओ, सीओ और जनप्रतिनिधियों को संभावित बाढ़ की स्थिति में तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। डीएम ने बताया कि नेपाल में बढ़े पानी का असर वाल्मीकिनगर क्षेत्र में बुधवार शाम करीब 6 बजे पहुंचा। समय के अंतराल से मुजफ्फरपुर में भी गंडक के जलस्तर में वृद्धि हो सकती है। हालांकि, अभी जिले में पानी की स्थिति नियंत्रण में है और जलस्तर खतरे के निशान से काफी नीचे है। एसडीआरएफ और नाविकों को भी रखा गया तैयार आपात स्थिति से निपटने के लिए एसडीआरएफ की टीम के साथ स्थानीय नाविकों को भी तैयार रखा गया है। अंचल अधिकारियों को आपदा प्रबंधन के एसओपी के अनुसार सभी आवश्यक तैयारियां पूरी रखने का निर्देश दिया गया है। प्रशासन की प्राथमिकता तटबंधों की सुरक्षा के साथ-साथ निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को समय रहते सुरक्षित स्थान पर पहुंचाना है। फिलहाल गंडक में बाढ़ जैसी स्थिति नहीं है, लेकिन नेपाल में आई बाढ़ के मद्देनजर प्रशासन किसी भी संभावित जलवृद्धि को लेकर सतर्क है। गुरुवार सुबह भी रेवा घाट, रतनपुर और अन्य तटवर्ती इलाकों में निगरानी जारी रही। नेपाल में आई भीषण बाढ़ के बाद बिहार में जारी अलर्ट के बीच मुजफ्फरपुर में गुरुवार सुबह तक गंडक नदी की स्थिति सामान्य बनी हुई है। नदी का जलस्तर फिलहाल खतरे के निशान से करीब 1.11 मीटर नीचे है। हालांकि, नेपाल से छोड़े गए पानी के कारण आने वाले घंटों में जलस्तर बढ़ने की आशंका को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है। बुधवार रात से ही गंडक के तटबंधों और निचले इलाकों की लगातार निगरानी की जा रही है। गंडक नदी से प्रभावित होने वाले साहेबगंज, पारू और सरैया प्रखंड की 16 पंचायतों को संभावित रूप से संवेदनशील चिह्नित किया गया है। इन इलाकों में प्रशासन की टीमें तैनात हैं। निचले इलाकों और तटबंध के आसपास रहने वाले लोगों को लगातार माइकिंग कर सुरक्षित और ऊंचे स्थानों पर जाने की अपील की जा रही है। जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट भी कराया जा रहा है। बुधवार रात तटबंधों की हुई निगरानी संभावित खतरे को देखते हुए डीएम कुमार गौरव और एसएसपी कांतेश कुमार मिश्रा ने बुधवार को रेवा घाट समेत गंडक से जुड़े इलाकों और तटबंधों का निरीक्षण किया। इसके बाद पूरी रात तटबंधों की निगरानी के निर्देश दिए गए। फ्लड कंट्रोल डिवीजन के अधिकारियों के साथ जिला प्रशासन की टीम को भी तटबंधों पर नजर रखने को कहा गया है। संभावित बाढ़ को लेकर दिए निर्देश डीएम ने बताया कि आपदा प्रबंधन विभाग और मुख्य सचिव स्तर पर हुई समीक्षा के बाद गंडक किनारे के तीनों प्रखंडों के अधिकारियों को अलर्ट किया गया है। एसडीओ, डीसीएलआर, बीडीओ, सीओ और जनप्रतिनिधियों को संभावित बाढ़ की स्थिति में तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। डीएम ने बताया कि नेपाल में बढ़े पानी का असर वाल्मीकिनगर क्षेत्र में बुधवार शाम करीब 6 बजे पहुंचा। समय के अंतराल से मुजफ्फरपुर में भी गंडक के जलस्तर में वृद्धि हो सकती है। हालांकि, अभी जिले में पानी की स्थिति नियंत्रण में है और जलस्तर खतरे के निशान से काफी नीचे है। एसडीआरएफ और नाविकों को भी रखा गया तैयार आपात स्थिति से निपटने के लिए एसडीआरएफ की टीम के साथ स्थानीय नाविकों को भी तैयार रखा गया है। अंचल अधिकारियों को आपदा प्रबंधन के एसओपी के अनुसार सभी आवश्यक तैयारियां पूरी रखने का निर्देश दिया गया है। प्रशासन की प्राथमिकता तटबंधों की सुरक्षा के साथ-साथ निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को समय रहते सुरक्षित स्थान पर पहुंचाना है। फिलहाल गंडक में बाढ़ जैसी स्थिति नहीं है, लेकिन नेपाल में आई बाढ़ के मद्देनजर प्रशासन किसी भी संभावित जलवृद्धि को लेकर सतर्क है। गुरुवार सुबह भी रेवा घाट, रतनपुर और अन्य तटवर्ती इलाकों में निगरानी जारी रही।

