मुजफ्फरपुर कोर्ट में फर्जी ई-स्टांप रैकेट का खुलासा:चार दुकानदारों पर केस दर्ज, पुलिस ने तीन आरोपियों को किया गिरफ्तार

मुजफ्फरपुर कोर्ट में फर्जी ई-स्टांप रैकेट का खुलासा:चार दुकानदारों पर केस दर्ज, पुलिस ने तीन आरोपियों को किया गिरफ्तार

मुजफ्फरपुर कोर्ट परिसर में जाली ज्यूडिशियल स्टांप पेपर, फर्जी कोर्ट फीस टिकट और नकली वेलफेयर टिकट बेचने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों की संयुक्त कार्रवाई के बाद इस फर्जीवाड़े में शामिल चार दुकानदारों की पहचान की गई, जिनमें से तीन आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। यह खुलासा अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ) मुजफ्फरपुर पूर्वी और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) नगर-1 के नेतृत्व में गठित विशेष टीम के औचक निरीक्षण के दौरान हुआ। टीम ने न्यायालय परिसर में बेचे जा रहे स्टांप और टिकटों की गहन पड़ताल की, जो जांच में पूरी तरह नकली पाए गए। जिला बार एसोसिएशन के सचिव और कोषाध्यक्ष ने भी इन स्टांपों-टिकटों के जाली होने की पुष्टि की। पुलिस ने आरोपियों के पास से बड़ी मात्रा में फर्जी स्टांप पेपर और अन्य संदिग्ध सामान बरामद किया है। गहन जांच के बाद कार्यपालक पदाधिकारी राम नाथ कुमार के लिखित आवेदन पर नगर थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई है। चार दुकानदार नामजद, 3 अरेस्ट यह मामला भारतीय न्याय संहिता (BNS 2023) की विभिन्न धाराओं 179, 180, 181, 338, 336(3), 340(2) और 61(2) के तहत पंजीकृत किया गया है। नगर थाना पुलिस ने कांड दर्ज कर आगे की जांच सब-इंस्पेक्टर (SI) मुना कुमार को सौंपी है। जांच टीम ने इस मामले में चार दुकानदारों को नामजद किया है। इनमें मुरारी (ग्रीन पार्क स्थित दुकान), प्रभात चौधरी, राजेश (उमा भंडार खाद बीज दुकान) और सत्यम शामिल हैं। पुलिस गिरोह के पूरे नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है। फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी पुलिस ने इनमें से तीन आरोपियों को हिरासत में ले लिया है, जबकि एक अन्य की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। नगर डीएसपी सुरेश कुमार ने पूरे मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि पुलिस अब इस बिंदु पर गहनता से जांच कर रही है कि इन जाली स्टांपों की छपाई कहां की जा रही थी और इस रैकेट के तार अन्य किन-किन जिलों या राज्यों से जुड़े हैं। पुलिस का दावा है कि जल्द ही छपाई से जुड़े मुख्य सरगना को भी दबोच लिया जाएगा। मुजफ्फरपुर कोर्ट परिसर में जाली ज्यूडिशियल स्टांप पेपर, फर्जी कोर्ट फीस टिकट और नकली वेलफेयर टिकट बेचने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों की संयुक्त कार्रवाई के बाद इस फर्जीवाड़े में शामिल चार दुकानदारों की पहचान की गई, जिनमें से तीन आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। यह खुलासा अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ) मुजफ्फरपुर पूर्वी और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) नगर-1 के नेतृत्व में गठित विशेष टीम के औचक निरीक्षण के दौरान हुआ। टीम ने न्यायालय परिसर में बेचे जा रहे स्टांप और टिकटों की गहन पड़ताल की, जो जांच में पूरी तरह नकली पाए गए। जिला बार एसोसिएशन के सचिव और कोषाध्यक्ष ने भी इन स्टांपों-टिकटों के जाली होने की पुष्टि की। पुलिस ने आरोपियों के पास से बड़ी मात्रा में फर्जी स्टांप पेपर और अन्य संदिग्ध सामान बरामद किया है। गहन जांच के बाद कार्यपालक पदाधिकारी राम नाथ कुमार के लिखित आवेदन पर नगर थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई है। चार दुकानदार नामजद, 3 अरेस्ट यह मामला भारतीय न्याय संहिता (BNS 2023) की विभिन्न धाराओं 179, 180, 181, 338, 336(3), 340(2) और 61(2) के तहत पंजीकृत किया गया है। नगर थाना पुलिस ने कांड दर्ज कर आगे की जांच सब-इंस्पेक्टर (SI) मुना कुमार को सौंपी है। जांच टीम ने इस मामले में चार दुकानदारों को नामजद किया है। इनमें मुरारी (ग्रीन पार्क स्थित दुकान), प्रभात चौधरी, राजेश (उमा भंडार खाद बीज दुकान) और सत्यम शामिल हैं। पुलिस गिरोह के पूरे नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है। फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी पुलिस ने इनमें से तीन आरोपियों को हिरासत में ले लिया है, जबकि एक अन्य की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। नगर डीएसपी सुरेश कुमार ने पूरे मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि पुलिस अब इस बिंदु पर गहनता से जांच कर रही है कि इन जाली स्टांपों की छपाई कहां की जा रही थी और इस रैकेट के तार अन्य किन-किन जिलों या राज्यों से जुड़े हैं। पुलिस का दावा है कि जल्द ही छपाई से जुड़े मुख्य सरगना को भी दबोच लिया जाएगा।  

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