दमोह में मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के तहत जगन्नाथ पुरी जा रही ट्रेन में शामिल एक यात्री की गुरुवार रात अचानक तबीयत बिगड़ गई। ट्रेन रवाना होने के करीब दो मिनट बाद उन्हें पसीना आने लगा। ट्रेन में मौजूद स्टाफ ने चेन पुलिंग कर ट्रेन रुकवाई। इसके बाद यात्री को 108 एंबुलेंस की मदद से जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। ट्रेन में डॉक्टर ने किया प्राथमिक इलाज मृतक की पहचान असाटी वार्ड निवासी रामकिशोर असाटी (63) के रूप में हुई है। वे पत्नी के साथ तीर्थ दर्शन योजना के तहत जगन्नाथ पुरी की यात्रा पर जा रहे थे। गुरुवार रात करीब 10 बजे पर्यटन मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी ने ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था। ट्रेन के प्लेटफॉर्म से निकलते ही यात्री की तबीयत बिगड़ने लगी। ट्रेन में मौजूद डॉक्टर ने उनका इलाज किया, इसके बाद उन्हें जिला अस्पताल ले जाया गया। शुगर 300 और बीपी काफी कम था नायब तहसीलदार रघुनंदन चतुर्वेदी ने बताया कि ट्रेन रवाना होने के करीब दो मिनट बाद यात्री को पसीना आने लगा था। स्टाफ ने चेन पुलिंग कर ट्रेन रुकवाई और 108 एंबुलेंस से उन्हें अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों के मुताबिक, अस्पताल में उनकी शुगर 300 थी और बीपी काफी कम था। आशंका है कि पहले से स्वास्थ्य संबंधी परेशानी होने के कारण उनकी तबीयत अचानक बिगड़ी। सीपीआर देने के बाद भी नहीं बची जान जिला अस्पताल में इलाज करने वाले डॉक्टर बहादुर सिंह ने बताया कि रामकिशोर की मौत हार्ट अटैक से हुई। डॉक्टरों ने उनकी जान बचाने के लिए सीपीआर भी दिया, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका। जानकारी मिलने पर नायब तहसीलदार अस्पताल पहुंचे और परिजनों से जानकारी ली। इसके बाद शव को जिला अस्पताल के शवगृह में रखवाया गया। ट्रेन में 479 यात्री, डॉक्टर और सुरक्षाकर्मी तैनात ट्रेन को रवाना करने पहुंचे पर्यटन मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी ने बताया कि तीर्थ दर्शन योजना की इस ट्रेन में 479 यात्री सफर कर रहे हैं। यात्रियों के साथ 10 अनुरक्षक, एक डॉक्टर, एक सहायक और पांच सुरक्षाकर्मी तैनात हैं। मंत्री ने यात्रियों को सुरक्षित और सुगम तीर्थ यात्रा के लिए शुभकामनाएं दीं।

