मुकेश सहनी समेत 70 से अधिक लोगों पर केस:जालौन डीएम कार्यालय में बिना अनुमति प्रवेश, जातिगत विद्वेष फैलाने का आरोप

मुकेश सहनी समेत 70 से अधिक लोगों पर केस:जालौन डीएम कार्यालय में बिना अनुमति प्रवेश, जातिगत विद्वेष फैलाने का आरोप

जालौन के उरई में विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) के सुप्रीमो एवं बिहार सरकार के पूर्व मंत्री मुकेश सहनी समेत पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के खिलाफ उरई कोतवाली पुलिस ने कलेक्ट्रेट परिसर में हंगामा, नारेबाजी और जातिगत विद्वेष फैलाने वाली टिप्पणी व भाषणबाजी के आरोप में मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस के मुताबिक कार्रवाई उरई कोतवाली की जेल चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक विवेक कुमार मिश्र की तहरीर पर की गई है। उरई कोतवाली के प्रभारी आनंद कुमार सिंह के अनुसार सोमवार 24 अगस्त को दोपहर करीब 12:30 बजे सूचना मिली कि कलेक्ट्रेट परिसर में विकासशील इंसान पार्टी के पदाधिकारी और कार्यकर्ता हंगामा कर रहे हैं। सूचना पर उपनिरीक्षक विवेक कुमार मिश्र पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस का आरोप है कि मुकेश साहनी, कार्यक्रम प्रभारी अच्छेलाल निषाद निवासी बारागांव बांदा, कमलेश सिंह निषाद निवासी कुठौंद, सनोज कुमार निषाद निवासी शेखपुरा गुढ़ा, भारत सिंह निषाद, अखिल अच्छेलाल निषाद, पहलवान सोबरन पाल और राधाचरण रायकवार निवासी रामनगर उरई समेत करीब 60-70 अज्ञात महिला-पुरुष कलेक्ट्रेट पहुंचे थे। तहरीर में आरोप लगाया गया है कि प्रदर्शनकारियों के साथ 5-6 बाउंसर भी मौजूद थे और बिना अनुमति अथवा वैध आदेश के जिलाधिकारी कार्यालय परिसर में प्रवेश किया गया। इसके बाद नारेबाजी और भाषणबाजी की गई। पुलिस ने आरोप लगाया है कि इस दौरान जातिगत विद्वेष फैलाने वाली टिप्पणियां की गईं। पुलिस के मुताबिक प्रदर्शनकारी जिलाधिकारी कार्यालय के सामने स्थित पंडित गोविंद वल्लभ पंत की प्रतिमा के पास बगीचे में भी एकत्र होकर नारेबाजी और हंगामा करने लगे। इससे कलेक्ट्रेट में आने वाले आम फरियादियों और जनमानस को परेशानी का सामना करना पड़ा। पुलिस ने बगीचे में लगे पेड़ और गमलों के क्षतिग्रस्त होने का भी आरोप लगाया है। मामले में उपनिरीक्षक विवेक कुमार मिश्र की तहरीर पर मुकेश सहनी समेत आठ ज्ञात आरोपियों, 60-70 अज्ञात महिला-पुरुषों तथा 5-6 अज्ञात बाउंसरों के खिलाफ मुकदमा अपराध संख्या 493/2026 दर्ज किया गया है। पुलिस ने मामले में बीएनएस की धारा 191(2), 196, 223 और 324(4) के तहत कार्रवाई की है। उरई पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और घटना से संबंधित वीडियो, मौके पर मौजूद लोगों तथा अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। मुकदमा दर्ज होने के बाद कलेक्ट्रेट परिसर में हुए प्रदर्शन को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।

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