मिलक में कच्चे मकान की छत गिरी, परिवार बेघर:15 साल से कच्चे मकान में रह रहा, जांच के बाद भी नहीं मिला सरकारी आवास

मिलक में कच्चे मकान की छत गिरी, परिवार बेघर:15 साल से कच्चे मकान में रह रहा, जांच के बाद भी नहीं मिला सरकारी आवास

रामपुर में मुख्यालय से करीब 35 किलोमीटर दूर मिलक के रामनगर गांव निवासी अनोखे सोमवार दोपहर करीब 2 बजे पत्नी विमला के साथ जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे। उन्होंने शिकायती पत्र देकर कच्चे मकान की छत गिरने के बाद सरकारी आवास योजना का लाभ दिलाने की मांग की। अनोखे ने बताया कि शनिवार रात करीब 2 बजे वह परिवार के साथ घर में सो रहे थे। इसी दौरान अचानक कच्चे मकान की छत भरभरा कर गिर गई। छत गिरने से घर में रखी चारपाई, घरेलू सामान समेत अन्य चीजें मलबे में दबकर खराब हो गईं। गनीमत रही कि हादसे में परिवार के किसी सदस्य को चोट नहीं आई।
पत्नी विमला ने बताया कि परिवार पिछले करीब 15 साल से इसी कच्चे मकान में रह रहा है। इसी घर में रहते हुए उन्होंने पांच बच्चों की परवरिश की और चार बच्चों की शादी भी की। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण परिवार अब तक पक्का मकान नहीं बनवा सका है। विमला के मुताबिक, कई बार गांव में अधिकारियों ने मकान की जांच की और फोटो भी खींचकर ले गए, लेकिन अभी तक सरकारी आवास योजना का लाभ नहीं मिला। उन्होंने बताया कि शनिवार रात छत गिरने के बाद लेखपाल, ग्राम प्रधान समेत अन्य संबंधित लोगों को घटना की जानकारी दी गई, लेकिन उनके अनुसार मौके पर कोई देखने तक नहीं पहुंचा।
इसके बाद परिवार सोमवार को करीब 35 किलोमीटर का सफर तय कर जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचा। विमला ने कहा कि अब उन्हें जिलाधिकारी से ही उम्मीद है। उन्होंने मांग की कि परिवार की स्थिति को देखते हुए मकान की जांच कराई जाए और पात्रता के अनुसार सरकारी आवास योजना का लाभ दिलाया जाए, ताकि परिवार को जर्जर कच्चे मकान में रहने से राहत मिल सके।

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