मिर्जापुर में अदवा बांध का जलस्तर बढ़ने के बाद सिंचाई विभाग ने छह गेट खोल दिए हैं। इससे अदवा नदी उफान पर आ गई है। हलिया-हथेड़ा मार्ग पर बने पुल के ऊपर से पानी बहने लगा, जिसके बाद हलिया-ड्रमंडगंज मुख्य मार्ग पर आवागमन पूरी तरह बंद कर दिया गया है। यह मार्ग उत्तर प्रदेश को मध्य प्रदेश से जोड़ता है। मार्ग बंद होने के कारण दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गई हैं। हलिया से हथेड़ा जाने वाले लोग भटवारी गांव स्थित सिंचाई विभाग के पुल से होकर आवागमन कर रहे हैं। अदवा नदी में तेज बहाव के चलते कोटारनाथ मंदिर जाने वाले श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय निवासी अनुज दत्त त्रिपाठी ने बताया कि बांध से पानी छोड़े जाने के बाद आई बाढ़ से आवागमन प्रभावित हुआ है। कई मकानों और दुकानों में पानी घुसने से लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। एजाज अहमद ने कहा कि हर साल बरसात के दौरान बांध का पानी छोड़े जाने से क्षेत्र में बाढ़ आती है। यूपी-एमपी को जोड़ने वाला यह प्रमुख मार्ग हर वर्ष प्रभावित होता है, लेकिन स्थायी समाधान नहीं हो पाता। जलस्तर बढ़ने और नदी में तेज बहाव के कारण 25 से अधिक गांव बाढ़ की चपेट में बताए जा रहे हैं। मुख्य मार्ग बंद होने से मध्य प्रदेश की ओर जाने वाला आवागमन भी पूरी तरह प्रभावित हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें हर वर्ष बाढ़ के दौरान इसी तरह की परेशानी झेलनी पड़ती है। प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले ग्रामीणों से सतर्क रहने की अपील की है। लोगों को सलाह दी गई है कि वे तेज बहाव के दौरान नदी और पुल के आसपास न जाएं तथा जलभराव वाले क्षेत्रों में आवागमन से बचें। जेई सिद्धार्थ कुमार ने जानकारी दी कि बांध का जलस्तर कम होने पर पानी छोड़ना कम कर दिया गया है।

