प्रयागराज के फूलपुर क्षेत्र के दरियापुर गांव की 56 वर्षीय उर्मिला देवी ने अपनी मेहनत और हौसले से कारोबार की नई पहचान बनाई है। उनके पति मंगल प्रसाद ई-रिक्शा चलाकर परिवार का खर्च चलाते थे। सीमित आमदनी के कारण घर चलाना आसान नहीं था। ऐसे में उर्मिला ने घर के आंगन से क्लीनिंग प्रोडक्ट्स तैयार करने का काम शुरू किया। छोटे स्तर पर शुरू हुआ यह काम धीरे-धीरे उनके गांव की पहचान बनने लगा। शुरुआत आसान नहीं थी, लेकिन परिवार के सहयोग और सरकारी योजनाओं से कारोबार धीरे-धीरे आगे बढ़ता गया। आज उनका कारोबार आरएच इंटरप्राइजेज के नाम से संचालित हो रहा है और उनका खुद का क्लीनिंग ब्रांड ‘अरीशा ग्लो’ ने क्षेत्र में अलग पहचान बनाई है और इससे स्वयं सहायता समूह की अन्य महिलाएं भी जुड़कर रोजगार पा रही हैं। स्वयं सहायता समूह से मिली कारोबार की पहली पूंजी उर्मिला देवी हरिओम महिला स्वयं सहायता समूह से जुड़ी हुई हैं। कारोबार शुरू करने के लिए उन्होंने समूह से दो लाख रुपये की राशि ली, जबकि एक लाख रुपये अपनी तरफ से लगाए। इस तरह तीन लाख रुपये की शुरुआती पूंजी से उन्होंने क्लीनिंग प्रोडक्ट्स तैयार करने का काम शुरू किया। शुरुआत में घर के स्तर पर ही उत्पाद तैयार किए जाते थे। धीरे-धीरे उत्पादों की मांग बढ़ी तो कारोबार को विस्तार देने की जरूरत महसूस हुई। परिवार ने दिया साथ, बेटे ने नौकरी छोड़ संभाला काम उर्मिला के कारोबार को आगे बढ़ाने में परिवार का भी महत्वपूर्ण सहयोग मिला। उनके बेटे मदन चौरसिया ने नौकरी छोड़कर मां के साथ काम करना शुरू कर दिया। उन्होंने कारोबार में उत्पादों की डिस्ट्रीब्यूशन की जिम्मेदारी संभाल ली। इससे तैयार उत्पादों को अलग-अलग जगहों तक पहुंचाने में मदद मिली। उर्मिला की बहू खुशबू चौरसिया भी कारोबार में उनका साथ दे रही हैं। परिवार के सदस्यों के जुड़ने से काम को व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाने में मदद मिली।

