प्रयागराज में जार्जटाउन चौकी प्रभारी सुमित वर्मा पर एक्शन लेते हुए उन्हें लाइन हाजिर कर दिया गया है। आरोप है कि उन्होंने एक अभियुक्त के घर जाकर तोड़फोड़ की। सीसीटीवी कैमरे उखाड़ लिए और पैसे भी लूट लिए। मामले की शिकायत आला अफसरों तक पहुंची तो प्रारंभिक जांच पड़ताल में आरोप सही मिले। इसके बाद यह कार्रवाई की गई।
करीब एक साल से तैनात
सुमित वर्मा जार्जटाउन चौकी के प्रभारी पद पर करीब एक साल से तैनात थे। पिछले दिनों उनके ही क्षेत्र में रहने वाले एक अभियुक्त के खिलाफ गैंगस्टर की कार्रवाई की गई। मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस उसे तलाशते हुए उसके घर पहुंची। इसमें उस समय थाने का प्रभार देख रहे एक इंस्पेक्टर के साथ ही सुमित भी थे।
सीसीटीवी कैमरे तोड़ने का आरोप
आरोपी वहां नहीं मिला जिसके बाद पुलिस वापस लौट आई। उधर अभियुक्त के घरवालों का आरोप है कि पुलिस ने उनके साथ गालीगलौज की। अपशब्दों का प्रयोग किया और सीसीटीवी कैमरे भी तोड़ दिए। उन्होंने इस मामले की शिकायत आला अफसरों से की। उनकी ओर से लगाए जा रहे आरोपों से संबंधित घटना के सीसीटीवी फुटेज भी दिखाए।
शिकायत पर अफसरों ने मामले की जांच पड़ताल कराई और इसके बाद प्रथमदृष्टया गलती पाए जाने पर चौकी प्रभारी को लाइन हाजिर कर दिया। डीसीपी नगर मनीष कुमार शांडिल्य ने बताया कि चौकी प्रभारी पर अनावश्यक दबाव बनाने की शिकायत मिली थी। जांच के बाद उन्हें लाइन भेज दिया गया है।
गैंगस्टर की कार्रवाई के खिलाफ कोर्ट में लगाई गुहार
उधर अभियुक्त ने अपने ऊपर गैंगस्टर की कार्रवाई को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में रिट भी दाखिल कर दी। आरोप लगाया कि जिन मुकदमों के आधार पर उसके खिलाफ गैंगस्टर लगाया गया, उनमें से ज्यादातर में उसे कोर्ट से रिलीफ मिला हुआ है। इस मामले में सुनवाई अभी होनी है जिसमें पुलिस से जवाब भी मांगा गया।

