प्रतापगढ़ में शक्ति की आराधना का पर्व नवरात्र रविवार से शुरू होगा। मंदिरों और घरों में तैयारियां पूरी हैं। सुबह घट स्थापना के साथ कार्यक्रम शुरू होंगे। शहर के कृषि मंडी रोड स्थित प्राचीन अंबिका राजराजेश्वरी मंदिर में नौ दिनों तक खास अनुष्ठान होंगे। मां का फलों के रस से अभिषेक कर सुंदर श्रृंगार किया जाएगा। हर शाम की महाआरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचेंगे। नवरात्र के लिए मंदिर को आकर्षक रोशनी से सजाया गया है। नौ दिनों तक यहां भक्ति और आस्था का माहौल रहेगा। श्रद्धालुओं के लिए पार्किंग भी तय की गई है। अंबिका राजराजेश्वरी मंदिर में मां अंबा की प्रतिमा अपने दिव्य रूप और आकर्षक श्रृंगार के लिए जानी जाती है। पुजारी गोपाल सुथार का मनमोहक श्रृंगार देखने दूर के शहरों से भी भक्त आते हैं। संत भक्तानंद महाराज ने रखी थी मंदिर की नींव
अंबिका राजराजेश्वरी मंदिर का इतिहास करीब सात दशक पुराना बताया जाता है। मंदिर से जुड़ी मान्यताओं के अनुसार, संत भक्तानंद महाराज ने कृषि मंडी रोड स्थित इस मंदिर में मां अंबा की प्रतिमा स्थापित करवाई थी। मंदिर के पुजारी गोपाल सुथार के अनुसार, करीब 65 साल पहले जयपुर से मां की प्रतीकात्मक प्रतिमा लाकर यहां विराजमान की गई थी। उस समय आसपास कोई बड़ा मंदिर नहीं था। धीरे-धीरे मां के प्रति लोगों की आस्था बढ़ती गई और श्रद्धालु इस मंदिर से जुड़ते चले गए। समय के साथ मंदिर का विस्तार हुआ और आज यह विशाल मंदिर प्रतापगढ़ शहर के प्रमुख शक्तिपीठों में अपनी पहचान बना चुका है। वर्तमान में हजारों श्रद्धालु मंदिर से जुड़े हुए हैं और विशेष पर्वों पर यहां भक्तों की चहल-पहल बढ़ जाती है। तीन मंदिरों से जुड़ी है विशेष धार्मिक परंपरा
मंदिर की एक विशेषता इसकी विषा यंत्र की आकृति से जुड़ी बताई जाती है। स्थानीय धार्मिक परंपरा के अनुसार, प्रतापगढ़ के अंबिका राजराजेश्वरी मंदिर के अलावा धोलापानी की पहाड़ी पर स्थित मंदिर और धरियावद क्षेत्र के लसाड़िया पठार स्थित मंदिर का भी विशेष महत्व है। मान्यता है कि इन तीनों मंदिरों की स्थापना संत भक्तानंद महाराज ने अक्षय तृतीया के दिन की थी। नवरात्र के अवसर पर इन मंदिरों में भी श्रद्धा और भक्ति का माहौल रहता है। मां के दर्शन के लिए श्रद्धालु पहुंचते हैं और पूजा-अर्चना कर परिवार की सुख-शांति तथा समृद्धि की कामना करते हैं। नवरात्र केवल पूजा-अर्चना का पर्व नहीं, बल्कि आस्था, परंपरा और सामूहिक भक्ति का भी प्रतीक है। प्रतापगढ़ में नवरात्र को लेकर लोगों में खासा उत्साह है। घरों में घट स्थापना और दुर्गा पूजा की तैयारियां की गई हैं, वहीं मंदिरों में भी विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। कृषि मंडी रोड स्थित अंबिका राजराजेश्वरी मंदिर में नौ दिनों तक होने वाले अभिषेक, आकर्षक श्रृंगार और महाआरती के दौरान श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रहेगी। मां के जयकारों और आरती की गूंज के बीच प्रतापगढ़ शक्ति की आराधना में सराबोर नजर आएगा।

