प्रतापगढ़ में स्थायी लोक अदालत के आदेश की पालना नहीं होने के मामले में गुरुवार को न्यायालय की टीम नगर परिषद कार्यालय पहुंची। टीम नगर परिषद कार्यालय और आयुक्त के वाहन को कुर्क कर सील करने की कार्रवाई के लिए पहुंची थी। हालांकि, नगर परिषद आयुक्त ने निकाय चुनाव की आचार संहिता का हवाला देते हुए तत्काल कार्रवाई नहीं हो पाने की बात कही। आयुक्त ने एक दिन बाद कार्रवाई शुरू करने का आश्वासन दिया। इसके बाद न्यायालय की टीम और प्रार्थी ने एक दिन का समय दिया, जिससे फिलहाल कुर्की की कार्रवाई टल गई। नांदी गौशाला की व्यवस्थाओं से जुड़ा है मामला मामला प्रतापगढ़ की नांदी गौशाला में व्यवस्थाओं से जुड़ा है। स्थायी लोक अदालत ने नगर परिषद को गौशाला की व्यवस्थाओं में सुधार को लेकर कई निर्देश दिए थे। इनमें गौवंश के लिए छह महीने के चारे की अग्रिम व्यवस्था, बेसहारा गौवंश को गौशाला में शिफ्ट करना, पर्याप्त शेड, पक्के फर्श, पानी की निकासी, स्वच्छ पेयजल और चारे की व्यवस्था करने के निर्देश शामिल थे। 10 कर्मचारियों की नियुक्ति समेत कई निर्देश अदालत ने गौशाला में 10 कर्मचारियों की नियुक्ति, रिकॉर्ड का रखरखाव और गौवंश की संख्या का सत्यापन करने के भी निर्देश दिए थे। इसके अलावा नियमित टीकाकरण और उपचार तथा गौशाला की सफाई व्यवस्था में सुधार के निर्देश भी दिए गए थे। अदालत के आदेश की पालना नहीं होने का आरोप लगाते हुए प्रार्थी की ओर से निष्पादन प्रार्थना पत्र पेश किया गया था। इस पर वरिष्ठ सिविल न्यायाधीश एवं मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट दीप्ति स्वामी ने नगर परिषद कार्यालय और आयुक्त के वाहन को कुर्क कर सील करने के आदेश दिए थे। साथ ही 50 हजार रुपए की वसूली और नगर परिषद के बैंक खातों के स्टेटमेंट भी तलब किए गए थे। एक दिन का समय मिलने पर टली कार्रवाई गुरुवार को न्यायालय की टीम इसी आदेश की पालना के लिए नगर परिषद कार्यालय पहुंची थी। कार्रवाई शुरू होने से पहले आयुक्त ने निकाय चुनाव की आचार संहिता का हवाला देते हुए तत्काल कार्रवाई में असमर्थता जताई और एक दिन बाद कार्रवाई शुरू करने का आश्वासन दिया। इसके बाद टीम और प्रार्थी की सहमति से एक दिन का समय दिया गया। फिलहाल कुर्की की कार्रवाई टल गई है। अब अगले दिन होने वाली कार्रवाई पर नजर रहेगी।

