एटा में मां-बेटी की हत्या के मामले में फरार चल रहे मुख्य आरोपी पति रुकुमपाल ने बुधवार देर शाम न्यायालय में सरेंडर कर दिया। उस पर पुलिस ने 25 हजार रुपए का इनाम घोषित किया था। जलेसर के सीओ ज्ञानेंद्र प्रताप ने गुरुवार शाम करीब 6 बजे इसकी जानकारी दी। इस मामले में पुलिस पहले ही तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। पुलिस के अनुसार, हत्या के पीछे पारिवारिक विवाद और पत्नी के एक प्रॉपर्टी डीलर से कथित संबंधों को लेकर तनाव की बात सामने आई है। मामला अवागढ़ के यादवनगर का है। हथौड़े से सिर और चेहरे पर वार कर की गई थी हत्या घटना 21 सितंबर को अवागढ़ के यादवनगर में हुई थी। यहां प्रियंका (40) और उनकी मां कमला देवी (65) की हथौड़े से सिर और चेहरे पर वार कर हत्या कर दी गई थी। दोनों के शव घर के मुख्य दरवाजे के पास चारपाई पर मिले थे। प्रियंका की बेटी कल्पना की शिकायत पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की थी। पत्नी के संबंधों को लेकर होता था विवाद पुलिस जांच में सामने आया कि प्रियंका के अवागढ़ के एक प्रॉपर्टी डीलर से कथित संबंध थे। इसकी जानकारी पति रुकुमपाल को थी। इस बात को लेकर दोनों के बीच अक्सर विवाद होता था। पुलिस के मुताबिक, प्रॉपर्टी डीलर का घर आना-जाना था और वह बच्चों को उपहार तथा आर्थिक मदद भी देता था। रुकुमपाल इसका विरोध करता था। बताया गया कि प्रियंका और प्रॉपर्टी डीलर को आपत्तिजनक स्थिति में देखने के बाद उनका 22 वर्षीय बेटा हिमांशु भी घर छोड़कर चला गया था। पुलिस इस पारिवारिक विवाद को हत्या की साजिश से जोड़कर जांच कर रही है। पिता और साथियों के साथ मिलकर साजिश रचने का आरोप पुलिस जांच के अनुसार, रुकुमपाल ने अपने पिता सियाराम और अन्य लोगों के साथ मिलकर हत्या की योजना बनाई थी। आरोप है कि घटना के दिन रुकुमपाल घर में मौजूद था, जबकि उसके पिता सियाराम और दिनेश कुमार पीछे के दरवाजे से घर में दाखिल हुए। उस समय प्रियंका और कमला देवी मुख्य दरवाजे के पास चारपाई पर सो रही थीं। पुलिस के मुताबिक, तीनों ने मिलकर दोनों की हत्या की और पीछे के रास्ते से फरार हो गए। इसके बाद वे चौथे आरोपी धर्मेंद्र के घर पहुंचे थे। आरोप है कि धर्मेंद्र ने फरार होने के दौरान उन्हें कुछ रुपए देकर मदद की थी। पिता समेत तीन आरोपी पहले ही जा चुके हैं जेल इस मामले में पुलिस ने पहले ही सियाराम बाबा (70), दिनेश कुमार और धर्मेंद्र सिंह को गिरफ्तार किया था। तीनों को एटा-टूंडला रोड के पास एक होटल से पकड़ा गया था। पुलिस ने उन्हें जेल भेज दिया था। मुख्य आरोपी रुकुमपाल के सरेंडर के बाद अब पुलिस मामले की आगे की जांच में जुटी है। पुलिस की ओर से मामले में जुटाए गए साक्ष्यों और आरोपियों की भूमिका के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

