महेंद्रगढ़ शहरवासियों को बंदरों और सड़कों पर घूम रहे आवारा पशुओं की समस्या से निजात दिलाने के लिए नगरपालिका ने फिर से प्रयास शुरू कर दिए हैं। नपा प्रशासन ने 1000 बंदरों और 1000 आवारा पशुओं को पकड़कर सुरक्षित स्थानों पर भेजने के लिए दोबारा टेंडर प्रक्रिया शुरू की है। नगरपालिका ने बंदरों और आवारा पशुओं को पकड़ने के लिए लगभग ₹600 प्रति पशु की दर निर्धारित की थी। हालांकि, एजेंसियों ने इस दर पर काम करने में रुचि नहीं दिखाई, जिसके कारण पहली बार जारी किए गए टेंडर में किसी भी एजेंसी ने हिस्सा नहीं लिया था। टेंडर की शर्तें और दरें वही रखते हुए दोबारा टेंडर जारी किया गया है, जिसकी प्रक्रिया वर्तमान में जारी है और जल्द ही टेंडर खोला जाएगा। शहरवासियों की सुरक्षा प्राथमिकता: नगरपालिका प्रधान रमेश सैनी ने बताया कि शहर के मुख्य बाजारों, रिहायशी मोहल्लों और सार्वजनिक स्थलों पर बंदरों का भारी आतंक है। वहीं सड़कों पर बेसहारा घूम रहे पशुओं के कारण आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। उन्होंने कहा कि छोटे बच्चों, बुजुर्गों, महिलाओं और दोपहिया वाहन चालकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए इस समस्या का जल्द से जल्द समाधान होना बेहद जरूरी है। जरूरत पड़ने पर बढ़ाई जा सकती हैं दरें
नपा प्रधान ने स्पष्ट किया कि यदि दूसरी बार भी निर्धारित दरों पर कोई एजेंसी टेंडर प्रक्रिया में शामिल नहीं होती है, तो नियमानुसार उच्च अधिकारियों से परामर्श लिया जाएगा। शहरवासियों की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए या तो टेंडर की दरों की समीक्षा की जाएगी या फिर कोई वैकल्पिक रास्ता निकाला जाएगा ताकि शहर को इस समस्या से जल्द राहत मिल सके।

