Maharashtra Education Minister statement: महाराष्ट्र की सरकारी स्कूली शिक्षा व्यवस्था और उसकी बुनियादी सुविधाओं को लेकर चल रही बहसों के बीच प्रदेश के शिक्षा मंत्री का एक बड़ा बयान सामने आया है। शिक्षा मंत्री ने ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के अध्यक्ष अभिजीत दीपके और उनकी पार्टी द्वारा सरकारी स्कूलों के निरीक्षण और उजागर की जा रही कमियों पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है। शिक्षा मंत्री ने स्पष्ट किया कि संगठन द्वारा उठाई जा रही समस्याओं को सरकार संज्ञान में लेगी और उन कमियों को दूर करने पर तेजी से काम करेगी।
शिक्षा मंत्री ने क्या कहा?
शिक्षा मंत्री ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि राज्य के सरकारी स्कूलों में शैक्षणिक गुणवत्ता और बुनियादी सुविधाओं में सुधार सरकार की प्राथमिकता है। ‘अभिजीत दीपके और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने सरकारी स्कूलों की जिन-जिन कमियों और खामियों की ओर ध्यान आकर्षित किया है, हम उन सभी का संज्ञान लेंगे। हमारा लक्ष्य छात्रों को बेहतर माहौल और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना है, इसलिए इन सभी मुद्दों और कमियों को दूर करने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे।’
अभिजीत दीपके ने महाराष्ट्र के किन-किन स्कूलों का किया निरीक्षण?
अभिजीत दीपके और उनकी संस्था CJP पिछले कुछ समय से महाराष्ट्र के अलग-अलग जिलों में स्थित सरकारी व जिला परिषद स्कूलों में जाकर जमीनी हकीकत सामने ला रही है। उन्होंने कई प्रमुख स्थानों पर पहुंचकर वीडियो के जरिए व्यवस्था की पोल खोली थी।
लातूर जिला परिषद उर्दू स्कूल (औसा)
औसा स्थित ZP उर्दू स्कूल में प्रवेश कर अभिजीत दीपके ने छात्रों की उपस्थिति, फर्जी दाखिले और कक्षाओं की व्यवस्था पर सवाल उठाए।
संभाजीनगर और जालना के जिला परिषद स्कूल
मराठवाड़ा क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में स्थित स्कूलों में पीने के पानी, शौचालयों की दुर्दशा और शिक्षकों की अनुपस्थिति को लेकर उन्होंने सवाल खड़े किए।
सोलापुर और धाराशिव के प्राथमिक विद्यालय
इन जिलों के प्राथमिक स्कूलों में ब्लैकबोर्ड, बैठने की बेंच, मिड-डे मील (मध्याह्न भोजन) की गुणवत्ता और इंफ्रास्ट्रक्चर की कमियों का रियलिटी टेस्ट किया।
ठाणे व पालघर के आदिवासी क्षेत्र के आश्रम स्कूल
दूरदराज के क्षेत्रों में चलने वाले आश्रम स्कूलों में बिजली, किताबों की उपलब्धता और स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी को उजागर किया गया।
विवादों के बीच मिला मंत्री का समर्थन
हाल ही में लातूर के औसा में ZP स्कूल में बिना अनुमति प्रवेश करने और वीडियो बनाकर शिक्षकों से बहस करने के आरोप में अभिजीत दीपके और उनके साथियों पर एफआईआर (FIR) दर्ज की गई थी। इसके बावजूद शिक्षा मंत्री द्वारा उनके उठाए गए मुद्दों की तारीफ करने और कमियों को सुधारने का आश्वासन देने से इस पूरे मामले ने नया राजनीतिक व प्रशासनिक मोड़ ले लिया है।

