भाजपा की ओर से बुधवार को जारी की गई गोरखपुर महानगर कार्यकारिणी की सूची ने क्षेत्रीय टीम के पदाधिकारियों की चिंता बढ़ा दी है। महानगर की पिछली टीम में रहे 81 प्रतिशत पदाधिकारियों को बाहर कर दिया गया है। माना जा रहा है कि यही ट्रेंड क्षेत्रीय टीम में भी देखने को मिल सकता है। क्षेत्रीय टीम की घोषणा भी जल्द हो सकती है। ऐसे में अब सबकी निगाहें इस सूची पर टिक गई हैं। क्षेत्रीय अध्यक्ष की घोषणा के बाद से ही क्षेत्रीय टीम के गठन की कवायद चल रही है। भाजपा की ओर से अपनी राष्ट्रीय टीम की घोषणा भी कर दी गई है। प्रदेश टीम पहले ही जारी हो चुकी थी। गोरखपुर महानगर की टीम की घोषणा बाकी थी, उसकी सूची भी जारी कर दी गई है। अब क्षेत्रीय टीम की घोषणा बाकी है। दो बार से नहीं बदली है टीम क्षेत्रीय टीम का गठन 2020 में डा. धर्मेंद्र सिंह की अध्यक्षता में हुआ था। उसके बाद से इस टीम की घोषणा नहीं हो सकी। उसके बाद सहजानंद राय को पार्टी ने यह जिम्मेदारी दी गई थी लेकिन उनके पूरे कार्यकाल में नई टीम की घोषणा नहीं हो सकी। इस साल विनोद राय को पार्टी ने क्षेत्रीय अध्यक्ष बनाया है। चुनाव नजदीक होने के कारण इस बार क्षेत्रीय टीम की घोषणा की जानी है। ऐसे में सबसे ज्यादे अपेक्षाएं इसी टीम को लेकर हैं।
जिस तरह से महानगर की टीम में अध्यक्ष के नीचे 21 में से 17 पदाधिकारियों को रिपीट नहीं किया गया। जिन 4 लोगों को रिपीट किया गया है, उनमें से एक महानगर महामंत्री, महानगर उपाध्यक्ष व दो महानगर मंत्री शामिल हैं। क्षेत्रीय टीम से कुछ नाम का बाहर रहना तय है। इसमें महामंत्री रहे सहजानंद राय का नाम शामिल है। सहजानंद क्षेत्रीय अध्यक्ष बने, उसके बाद अब प्रदेश मंत्री हैं। इसलिए उनका पद पहले ही रिक्त है। इसी तरह क्षेत्रीय महामंत्री प्रदीप शुक्ल 2022 में विधायक बन चुके हैं और 2027 में भी टिकट के दावेदार हैं। ऐसे में उनका संगठन का पद भी रिक्त माना जा रहा है। अब जो लोग अभी भी क्षेत्रीय टीम में बने हुए हैं, वे पद बचाने के लिए जोड़तोड़ में जुटे हैं। कई पदाधिकारी लगातार लखनऊ की यात्रा कर रहे हैं। वहां जाकर वरिष्ठ पदाधिकारियों से मिलकर अपनी बात रख रहे हैं। पार्टी सूत्रों की मानें तो क्षेत्रीय अध्यक्ष की ओर से संभावित पदाधिकारियों की सूची प्रदेश मुख्यालय को भेजी जा चुकी है। पूर्व महानगर अध्यक्ष रहे राजेश गुप्ता, राहुल श्रीवास्तव, पूर्व जिलाध्यक्ष रहे युधिष्ठिर सिंह भी क्षेत्रीय टीम में किसी महत्वपूर्ण पद के लिए दावेदार बताए जा रहे हैं। इधर, महानगर की टीम घोषित होने के बाद जिन पुराने पदाधिकारियों को इसमें जगह नहीं मिली है। वे भी अब क्षेत्रीय टीम से आस लगाए बैठे हैं। महानगर महामंत्री, उपाध्यक्ष जैसे महत्वपूर्ण पदों पर काम कर चुके पदाधिकारी भी क्षेत्रीय टीम में जगह पाने के लिए जुगत लगा रहे हैं।

