महराजगंज में 20.82 लाख के ईंधन का भुगतान नहीं:निचलौल नगर पंचायत ने नहीं दिए पैसे, हाईकोर्ट की चार सप्ताह की मोहलत भी खत्म

महराजगंज में 20.82 लाख के ईंधन का भुगतान नहीं:निचलौल नगर पंचायत ने नहीं दिए पैसे, हाईकोर्ट की चार सप्ताह की मोहलत भी खत्म

महराजगंज के निचलौल नगर पंचायत में वाहनों को दिए गए ईंधन के 20 लाख 82 हजार 418 रुपये 83 पैसे के भुगतान का मामला फिर चर्चा में है। यह ईंधन जून 2022 से मई 2023 के बीच सप्लाई किया गया था। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने चार अगस्त 2026 को अधिशासी अधिकारी को चार सप्ताह का अतिरिक्त समय दिया था। यह समय पहले दिए गए निर्देशों का पालन करने के लिए था, लेकिन तय समय बीतने के बाद भी फर्म का भुगतान नहीं हो पाया है। मेसर्स यादव फ्यूल सेंटर, निचलौल ने बकाया भुगतान के लिए हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की थी। न्यायमूर्ति अजीत कुमार और न्यायमूर्ति गरिमा प्रसाद की बेंच ने 11 मार्च 2026 को इस याचिका (संख्या 1082/2026) का निपटारा किया था। कोर्ट ने निर्देश दिया था कि बिलों के साथ आवेदन देने पर छह सप्ताह में फैसला लिया जाए। साथ ही, बकाया मिलने पर चार सप्ताह में भुगतान किया जाए। फर्म ने आरोप लगाया कि आदेश का पालन नहीं हुआ। इसके बाद उन्होंने अवमानना आवेदन (सिविल) संख्या 5085/2026 दायर किया। चार अगस्त को न्यायमूर्ति विकास बुधवार ने सुनवाई की। उन्होंने पहली नजर में इसे पहले के आदेश की जानबूझकर अवहेलना का मामला माना। हालांकि, अधिशासी अधिकारी को तुरंत नोटिस जारी करने के बजाय चार सप्ताह का अतिरिक्त समय दिया गया था। यह समय चार अगस्त के आदेश की प्रमाणित कॉपी मिलने की तारीख से शुरू होना था। कोर्ट ने अधिशासी अधिकारी से कहा था कि वे रिट कोर्ट के निर्देशों का पालन करें। एक सप्ताह के भीतर इसकी जानकारी आवेदक को दें। आदेश में यह भी साफ किया गया था कि अगर पालन नहीं होता है, तो आवेदक दोबारा कोर्ट जा सकता है। इन निर्देशों के साथ अवमानना आवेदन का फिलहाल निपटारा कर दिया गया था। यह मामला नगर पंचायत के वाहनों में जून 2022 से मई 2023 तक दिए गए ईंधन के भुगतान से जुड़ा है। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता अखिलेश कुमार तिवारी और राम प्रकाश शर्मा ने पैरवी की। सुनवाई के दौरान राज्य की ओर से स्थायी अधिवक्ता आनंद भास्कर श्रीवास्तव मौजूद थे। विपक्षी संख्या तीन की ओर से शैलेश कुमार यादव का पक्ष रखते हुए अधिवक्ता अभय नितिन सिंह उपस्थित हुए थे। विपक्षी ने कोर्ट में कहा था कि ईंधन सप्लाई से जुड़े बिलों के साथ नया आवेदन मिलने पर उस पर जल्द फैसला लिया जाएगा। चार अगस्त के आदेश में मिली चार सप्ताह की अतिरिक्त मोहलत भी खत्म हो चुकी है। इसके बावजूद, मिली जानकारी के अनुसार, 20 लाख 82 हजार 418 रुपये 83 पैसे का भुगतान अब तक नहीं हुआ है। ऐसे में, हाईकोर्ट के निर्देशों का पालन न होने पर यह मामला फिर से कोर्ट में उठ सकता है।

​ 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *