महंगे रोबोट, धीमा काम; इंसान अब भी मशीनों से आगे:जो काम 9,500 में हो सकता था, उसके लिए लगाए 9.5 करोड़, पर कारगर नहीं

महंगे रोबोट, धीमा काम; इंसान अब भी मशीनों से आगे:जो काम 9,500 में हो सकता था, उसके लिए लगाए 9.5 करोड़, पर कारगर नहीं

कार फैक्ट्री में इंसानों जैसे रोबोट्स (ह्यूमनॉइड) पर अरबों का दांव लगाने के बावजूद इनकी उत्पादकता इंसानों से काफी कम और सुस्त बनी हुई है। साउथ कैरोलाइना के बीएमडब्ल्यू और जॉर्जिया के ह्युंडई प्लांट में एआई रोबोट्स ट्रॉली खींचने और पुर्जे उठाने का काम कर रहे हैं। बीएमडब्ल्यू के लॉजिस्टिक्स वाइस प्रेसिडेंट उलरिच विएलैंड ने माना कि रोबोट्स इंसानों से धीमे हैं। एमआईटी के बेन आर्मस्ट्रांग के मुताबिक, पुर्जे छांटने जैसे साधारण काम के लिए ह्यूमनॉइड ‘100 डॉलर (9,500) की समस्या का 10 लाख डॉलर (9.5 करोड़) का महंगा हल’ हैं। कंपनियां बिना कारखानों में बदलाव किए ऑटोमेशन बढ़ाने के लिए इन पर दांव लगा रही हैं, क्योंकि ये लंच ब्रेक, यूनियन या हेल्थ इंश्योरेंस नहीं मांगते। हालांकि प्रो. सुसान हेल्पर और प्रो. लॉरेंस एल्स के अनुसार देखा-देखी महंगे रोबोट्स लाने से काम सुस्त होगा और इंसानों के पास केवल कम सैलरी वाली बोरिंग नौकरियां बचेंगी। चीन में मजबूत कम्पोनेंट सप्लाई चेन से रोबोट सस्ते बनते हैं, जिसे देखते हुए अमेरिकी संचार नियामक (एफसीसी) ने इनके आयात पर प्रतिबंध लगा दिया है। टेस्ला के इलॉन मस्क ने ‘ऑप्टिमस’ रोबोट के उत्पादन के लिए कैलिफोर्निया में मॉडल एस और एक्स कारों का उत्पादन रोक दिया। लॉस एंजिलिस स्थित टेस्ला के रेस्टोरेंट में इस रोबोट का इस्तेमाल करने के बाद मस्क ने माना कि इंसानी हाथ की निपुणता और संवेदनशीलता की नकल बनाना सबसे मुश्किल चुनौती है। इसी वजह से रोबोट्स काम करने की गति और उत्पादकता में इंसानों से पिछड़ रहे हैं। इसके बावजूद कंपनियां कारखानों में रोबोट्स का दायरा लगातार बढ़ा रही हैं। ह्युंडई के एलाबेल प्लांट में ऑटोमैटिक गाड़ियाँ, रोबोटिक कुत्ते और चपटे रोबोट्स इयोनिक 5 और 9 कारों को टेस्टिंग स्टेशनों तक ले जाते हैं। असेंबली प्रबंधक जेरी रोच के अनुसार ये खंभों से नहीं टकराते। हुंडई ने रोबोटिक्स कंपनी बोस्टन डायनामिक्स को खरीद लिया है। वहीं बीएमडब्ल्यू ‘फिगर एआई’ और मर्सिडीज ‘एपट्रोनिक’ के रोबोट्स इस्तेमाल कर रही हैं। ह्युंडई के चीफ एडमिनिस्ट्रेटिव ऑफिसर ब्रेंट स्टब्स दावा है कि रोबोट्स आने से इंसानों को उनकी देखभाल और मेंटेनेंस में बेहतर नौकरियां मिलेंगी। हालांकि अमेरिकी यूनाइटेड ऑटोमोटिव वर्कर्स यूनियन (यूएडब्ल्यू) के प्रेसिडेंट शॉन फेन ने इसे इंसानी नौकरियों के लिए गंभीर खतरा बताया है। इसी विरोध में दक्षिण कोरिया में हुंडई कर्मचारी हड़ताल पर चले गए हैं। यू टर्न – फोर्ड ने 350 अनुभवी इंजीनियर वापस बुलाए एआई की गलतियों और सुस्त काम से तंग आकर फोर्ड ने 350 अनुभवी और रिटायर्ड इंजीनियरों को वापस बुला लिया। इनकी मदद से क्वालिटी सुधरी। इसी वजह से फोर्ड को जेडी पावर स्टडी में पहला स्थान मिला। वहीं जनरल मोटर्स के स्टर्लिंग एंडरसन के मुताबिक पैरों वाले महंगे रोबोट्स किसी काम के नहीं हैं। इनकी जगह पहियों वाले सस्ते ‘कोबॉट्स’ ज्यादा असरदार हैं। ये रोबोट इंसानों को नौकरी से हटाए बिना उनका काम आसान बनाते हैं।

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