मलेशिया की जेल में बंद सीमांचल के 14 युवाओं की रिहाई और उन्हें विदेश भेजने वाले एजेंट नाहिद गनी पर कार्रवाई की मांग तेज हो गई है। किशनगंज के पूर्व विधायक मुजाहिद आलम ने पीड़ित परिवारों के साथ पूर्णिया के प्रमंडलीय आयुक्त, आईजी और जिला प्रशासन के अधिकारियों को मांगपत्र सौंपा है। इसके अलावा बिहार सरकार के गृह विभाग के सचिव को भी पत्र भेजकर मामले में आवश्यक कार्रवाई कराने का अनुरोध किया गया है। 14 युवाओं में 6 किशनगंज के विधायक श्री अलम ने बताया कि मलेशिया में बंद 14 युवाओं में छह पूर्णिया जिले, छह किशनगंज जिले और दो अररिया जिले के रहने वाले हैं। बताया गया है कि इन युवाओं को 8 सितंबर को मलेशियन इमिग्रेशन विभाग ने बिना वैध वीजा के काम करने के आरोप में गिरफ्तार किया था। इसके बाद 1 अक्टूबर को मलेशिया की अदालत ने उन्हें चार-चार महीने की सजा सुनाई। पूर्व विधायक की ओर से अधिकारियों को सौंपे गए आवेदन में युवाओं की रिहाई के लिए आवश्यक कानूनी और राजनयिक पहल करने की मांग की गई है। साथ ही युवाओं को विदेश भेजने के पूरे मामले की जांच कर कथित मानव तस्कर नाहिद गनी एवं अन्य के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है। नौकरी दिलाने के लिए एजेंट के माध्यम से भेजा गया पीड़ित परिवारों का आरोप है कि विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर युवाओं को एजेंट के माध्यम से भेजा गया, लेकिन वहां पहुंचने के बाद उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ा। यही नहीं युवकों को टूरिस्ट वीजा पर भेज दिया गया। गौरतलबल हो कि एजेंट नाहिद गनी असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी के युवा प्रकोष्ठ का नेता है और बताया जाता है कि ये कई सालों से बिना वैध कागजात के युवाओ को नौकरी का झांसा देकर विदेश भेजता रहा है। बीते दिनों सोशल मीडिया पर पीड़ित युवकों के द्वारा मलेशिया पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए जाने का वीडियो वायरल किया गया था साथ ही युवकों ने आपबीती सुनाई थी,जिसके बाद इलाके में हड़कंप मच गया था। मलेशिया की जेल में बंद सीमांचल के 14 युवाओं की रिहाई और उन्हें विदेश भेजने वाले एजेंट नाहिद गनी पर कार्रवाई की मांग तेज हो गई है। किशनगंज के पूर्व विधायक मुजाहिद आलम ने पीड़ित परिवारों के साथ पूर्णिया के प्रमंडलीय आयुक्त, आईजी और जिला प्रशासन के अधिकारियों को मांगपत्र सौंपा है। इसके अलावा बिहार सरकार के गृह विभाग के सचिव को भी पत्र भेजकर मामले में आवश्यक कार्रवाई कराने का अनुरोध किया गया है। 14 युवाओं में 6 किशनगंज के विधायक श्री अलम ने बताया कि मलेशिया में बंद 14 युवाओं में छह पूर्णिया जिले, छह किशनगंज जिले और दो अररिया जिले के रहने वाले हैं। बताया गया है कि इन युवाओं को 8 सितंबर को मलेशियन इमिग्रेशन विभाग ने बिना वैध वीजा के काम करने के आरोप में गिरफ्तार किया था। इसके बाद 1 अक्टूबर को मलेशिया की अदालत ने उन्हें चार-चार महीने की सजा सुनाई। पूर्व विधायक की ओर से अधिकारियों को सौंपे गए आवेदन में युवाओं की रिहाई के लिए आवश्यक कानूनी और राजनयिक पहल करने की मांग की गई है। साथ ही युवाओं को विदेश भेजने के पूरे मामले की जांच कर कथित मानव तस्कर नाहिद गनी एवं अन्य के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है। नौकरी दिलाने के लिए एजेंट के माध्यम से भेजा गया पीड़ित परिवारों का आरोप है कि विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर युवाओं को एजेंट के माध्यम से भेजा गया, लेकिन वहां पहुंचने के बाद उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ा। यही नहीं युवकों को टूरिस्ट वीजा पर भेज दिया गया। गौरतलबल हो कि एजेंट नाहिद गनी असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी के युवा प्रकोष्ठ का नेता है और बताया जाता है कि ये कई सालों से बिना वैध कागजात के युवाओ को नौकरी का झांसा देकर विदेश भेजता रहा है। बीते दिनों सोशल मीडिया पर पीड़ित युवकों के द्वारा मलेशिया पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए जाने का वीडियो वायरल किया गया था साथ ही युवकों ने आपबीती सुनाई थी,जिसके बाद इलाके में हड़कंप मच गया था।

