‘मराठों ने सिर ऊंचा कराया, अब रोने पर मजबूर करेंगे’, मनोज जरांगे का एकनाथ शिंदे को इशारा

‘मराठों ने सिर ऊंचा कराया, अब रोने पर मजबूर करेंगे’, मनोज जरांगे का एकनाथ शिंदे को इशारा

Manoj Jarange Statement: मराठा आरक्षण के मुद्दे पर आंदोलनकारी मनोज जरांगे पाटील ने एक बार फिर राज्य सरकार और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पर तीखी टिप्पणी की है। दरअसल, अस्पताल में इलाज के दौरान पत्रकारों से मुखातिब होते हुए उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने एकनाथ शिंदे का राजनीतिक कद बढ़ाने में भूमिका निभाई, आज उन्हीं के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।

जरांगे ने कहा कि मराठा समाज ने एकनाथ शिंदे को मुंबई में सम्मान और राजनीतिक मजबूती दिलाने में योगदान दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि अब मराठा आंदोलन से जुड़े लोगों के खिलाफ मामले दर्ज किए जा रहे हैं और विभिन्न सरकारी एजेंसियों के जरिए जांच कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि सत्ता हमेशा एक जैसी नहीं रहती और 2029 के चुनाव में इसका जवाब देने की बात कही।

मनोज जारंगे की  फोटो

‘जेल जाने को तैयार, लेकिन झुकेंगे नहीं’

मनोज जरांगे ने कहा कि अगर सरकार उन्हें जेल भेजना चाहती है तो वह इसके लिए भी तैयार हैं। उन्होंने कहा कि मराठा आरक्षण की मांग को लेकर वह पीछे नहीं हटेंगे और किसी दबाव के सामने झुकने का सवाल नहीं है। जरांगे ने सरकार पर आंदोलनकारियों और उनके समर्थकों को परेशान करने का आरोप लगाते हुए कहा कि कार्रवाई या मुकदमों के बावजूद उनका आंदोलन जारी रहेगा।

कुणबी रिकॉर्ड खोजने पर भी बोले जरांगे

पत्रकार वार्ता के दौरान जरांगे ने कुणबी रिकॉर्ड की तलाश को लेकर राज्य सरकार की ओर से जारी किए गए एक सरकारी आदेश का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि मोडी और फारसी लिपि पढ़ने वाले लोगों को पुराने रिकॉर्ड तलाशने की प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा। उन्होंने महाराष्ट्र के मोडी और फारसी लिपि के जानकारों से 23 से 27 सितंबर के बीच छत्रपति संभाजीनगर स्थित गैलेक्सी अस्पताल पहुंचकर अपना नाम दर्ज कराने की अपील की। उनके मुताबिक, मराठवाड़ा के प्रत्येक तालुका में दो मोडी और दो फारसी लिपि के जानकार नियुक्त किए जाने हैं।

सरकार पर रणनीति बनाने का लगाया आरोप

जरांगे ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में मराठा समुदाय के खिलाफ रणनीति तैयार की गई और इसके बाद कुछ मंत्रियों के जरिए आंदोलन से जुड़े लोगों को फोन कर धमकाया जा रहा है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। उन्होंने मराठा समाज से पुराने दस्तावेज और वंशावली से जुड़े प्रमाण जुटाने में सहयोग करने की अपील भी की। जरांगे ने सातारा, कोल्हापुर, त्र्यंबकेश्वर, बाजार क्षेत्रों, जेल रिकॉर्ड और टीकाकरण रजिस्टर जैसे स्थानों से पुराने दस्तावेज खोजने की बात कही।

मराठा आरक्षण को लेकर जरांगे की गतिविधियां सितंबर में भी जारी हैं। हाल ही में उन्होंने मुंबई के आजाद मैदान में आंदोलन के अगले चरण की घोषणा की थी।

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