गोपालगंज जिले के 10 मजदूरों के साथ मध्यप्रदेश में धोखाधड़ी और बंधक बनाए जाने का मामला सामने आया है। बेहतर मजदूरी का झांसा देकर सभी को रतलाम के पहाड़ी इलाके में ले जाकर एक लाख रुपए में बेच दिया गया था। प्रताड़ना से तंग आकर जब मजदूरों ने एक वीडियो जारी कर मदद की गुहार लगाई, तब बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी की त्वरित कार्रवाई के बाद सभी 10 मजदूरों को सुरक्षित रेस्क्यू कर बाहर निकाल लिया गया। ठेकेदार के पास एक लाख में बेचकर युवक फरार पीड़ित मजदूरों का आरोप है कि गोपालगंज जिले का ही निवासी धर्मेंद्र यादव उन्हें बेहतर मजदूरी दिलाने का लालच देकर 30 सितंबर को मध्यप्रदेश के रतलाम जिले के एक दुर्गम और पहाड़ी क्षेत्र में लेकर आया था। वहां पहुंचने के बाद ठेकेदार ने उनसे निर्धारित 8 घंटे के बजाय जबरन 12-12 घंटे तक कड़ी मजदूरी करानी शुरू कर दी। जब मजदूरों ने इस शोषण और अत्यधिक काम का विरोध किया, तब उन्हें पता चला कि आरोपी धर्मेंद्र यादव उन्हें कथित तौर पर एक लाख रुपए में ठेकेदार के पास बेचकर फरार हो चुका है। बीहड़ इलाके में बंधक बनाकर किया गया प्रताड़ित मजदूरों ने बताया कि पहाड़ी और बीहड़ इलाका होने के कारण वे वहां से भागने में असमर्थ थे। उनसे दिन-रात मनमाना काम कराया जा रहा था और विरोध करने पर धमकाया जा रहा था। किसी तरह अपनी जान जोखिम में डालकर मजदूरों ने एक वीडियो बनाया। साथ ही, उसे सोशल मीडिया पर जारी करते हुए बिहार के मुख्यमंत्री और स्थानीय विधायक सह शिक्षा मंत्री से मदद की गुहार लगाई। वीडियो सामने आते ही क्षेत्र में हड़कंप मच गया। लोकेशन ट्रेस कर सभी मजदूर को किया गया रेस्कयू मजदूरों का वीडियो संज्ञान में आते ही बिहार सरकार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने बिना समय गंवाए प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई शुरू की। उन्होंने मध्यप्रदेश के स्थानीय प्रशासन और पुलिस अधिकारियों से संपर्क साधा तथा बिहार पुलिस को समन्वय बनाकर तुरंत कार्रवाई करने का निर्देश दिया। त्वरित प्रशासनिक दबाव और पुलिस की मुस्तैदी के चलते रतलाम पुलिस ने लोकेशन ट्रेस कर उस पहाड़ी इलाके में छापेमारी की और सभी 10 मजदूरों को ठेकेदार के कब्जे से सुरक्षित बाहर निकाल लिया। सुरक्षित रेस्क्यू होने के बाद पीड़ित मजदूरों ने राहत की सांस ली और शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी का हृदय से आभार व्यक्त किया। मजदूरों ने कहा, अगर मिथिलेश बाबा ने समय पर हमारी मदद नहीं की होती, तो हम लोग उस पहाड़ी इलाके से कभी जिंदा वापस नहीं लौट पाते। फिलहाल सभी मजदूरों को सुरक्षित अपने गृह जिला के लिए रवाना हो गए है। गोपालगंज जिले के 10 मजदूरों के साथ मध्यप्रदेश में धोखाधड़ी और बंधक बनाए जाने का मामला सामने आया है। बेहतर मजदूरी का झांसा देकर सभी को रतलाम के पहाड़ी इलाके में ले जाकर एक लाख रुपए में बेच दिया गया था। प्रताड़ना से तंग आकर जब मजदूरों ने एक वीडियो जारी कर मदद की गुहार लगाई, तब बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी की त्वरित कार्रवाई के बाद सभी 10 मजदूरों को सुरक्षित रेस्क्यू कर बाहर निकाल लिया गया। ठेकेदार के पास एक लाख में बेचकर युवक फरार पीड़ित मजदूरों का आरोप है कि गोपालगंज जिले का ही निवासी धर्मेंद्र यादव उन्हें बेहतर मजदूरी दिलाने का लालच देकर 30 सितंबर को मध्यप्रदेश के रतलाम जिले के एक दुर्गम और पहाड़ी क्षेत्र में लेकर आया था। वहां पहुंचने के बाद ठेकेदार ने उनसे निर्धारित 8 घंटे के बजाय जबरन 12-12 घंटे तक कड़ी मजदूरी करानी शुरू कर दी। जब मजदूरों ने इस शोषण और अत्यधिक काम का विरोध किया, तब उन्हें पता चला कि आरोपी धर्मेंद्र यादव उन्हें कथित तौर पर एक लाख रुपए में ठेकेदार के पास बेचकर फरार हो चुका है। बीहड़ इलाके में बंधक बनाकर किया गया प्रताड़ित मजदूरों ने बताया कि पहाड़ी और बीहड़ इलाका होने के कारण वे वहां से भागने में असमर्थ थे। उनसे दिन-रात मनमाना काम कराया जा रहा था और विरोध करने पर धमकाया जा रहा था। किसी तरह अपनी जान जोखिम में डालकर मजदूरों ने एक वीडियो बनाया। साथ ही, उसे सोशल मीडिया पर जारी करते हुए बिहार के मुख्यमंत्री और स्थानीय विधायक सह शिक्षा मंत्री से मदद की गुहार लगाई। वीडियो सामने आते ही क्षेत्र में हड़कंप मच गया। लोकेशन ट्रेस कर सभी मजदूर को किया गया रेस्कयू मजदूरों का वीडियो संज्ञान में आते ही बिहार सरकार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने बिना समय गंवाए प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई शुरू की। उन्होंने मध्यप्रदेश के स्थानीय प्रशासन और पुलिस अधिकारियों से संपर्क साधा तथा बिहार पुलिस को समन्वय बनाकर तुरंत कार्रवाई करने का निर्देश दिया। त्वरित प्रशासनिक दबाव और पुलिस की मुस्तैदी के चलते रतलाम पुलिस ने लोकेशन ट्रेस कर उस पहाड़ी इलाके में छापेमारी की और सभी 10 मजदूरों को ठेकेदार के कब्जे से सुरक्षित बाहर निकाल लिया। सुरक्षित रेस्क्यू होने के बाद पीड़ित मजदूरों ने राहत की सांस ली और शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी का हृदय से आभार व्यक्त किया। मजदूरों ने कहा, अगर मिथिलेश बाबा ने समय पर हमारी मदद नहीं की होती, तो हम लोग उस पहाड़ी इलाके से कभी जिंदा वापस नहीं लौट पाते। फिलहाल सभी मजदूरों को सुरक्षित अपने गृह जिला के लिए रवाना हो गए है।

