मधुबनी में जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर शनिवार शाम बेनीपट्टी प्रखंड के परकौली पंचायत स्थित राणा टोल पहुंचे। यहां उन्होंने मंडल कारा में मृत बंदी रौशन कुमार यादव के परिवार से मुलाकात की। प्रशांत किशोर के गांव पहुंचते ही रौशन के घर पर लोगों की भीड़ जुट गई। उन्होंने मृतक की मां और बहन से बात की। परिजनों ने जेल में रौशन की मौत से जुड़ी पूरी बात उन्हें बताई और अपनी परेशानी साझा की। इस दौरान परिजनों ने प्रशांत किशोर से गुहार लगाई कि आप ही हमें न्याय दिला सकते। प्रशांत किशोर ने परिजनों की बात सुनी और हरसंभव मदद का भरोसा दिया। इस दौरान परिवार के लोग काफी भावुक नजर आए। मुलाकात से जुड़ी तस्वीरें..
मुलाकात के दौरान क्या क्या बातें हुईं?
मुलाकात के दौरान प्रशांत किशोर ने रौशन यादव की बहन से पूछा कि जब आपलोग मिलने जाते थे, तो क्या कहते थे पुलिस वाले, इस पर बहन ने जवाब दिया, पुलिस वाले हमलोगों को भगा देते थे, उनकी हालत को लेकर कोई जानकारी नहीं देते थे। मृतक की बहन ने प्रशांत किशोर को सिलसिलेवार अपनी आपबीती बताई। उन्होंने कहा, “हमलोग अपने भाई को पिछले 7 दिनों से ढूंढते फिर रहे थे, लेकिन पुलिस के लोगों ने कोई जानकारी नहीं दी। मुझे किसी तरह पता चला कि रहिका थाना में मेरे भाई को बंद करके रखा गया है। हमलोग वहां पहुंचे तो हमें वहां से भगाने की कोशिश की गई। इसी दौरान हम पानी पीने के लिए थाने के पीछे गए, जहां पीछे से मुझे मेरा भाई दिख गया। इसके बाद हमलोगों ने उससे मिलने की गुहार लगाई, लेकिन पुलिस वालों ने हमें वहां से भगा दिया।” ग्रामीणों ने की जांच की मांग
प्रशांत किशोर के आने की खबर मिलते ही आसपास के लोग और बड़ी संख्या महिलाओं-बच्चों की भीड़ लग गई। ग्रामीणों ने रौशन की मौत की पूरी जांच कराने और मामले की सच्चाई सामने लाने की मांग की। इस दौरान जिला अध्यक्ष अनिल कुमार मिश्रा, जिला महामंत्री शमशुल हक, पूर्व जिला अध्यक्ष इंदुशेखर झा, संभावित मुखिया प्रत्याशी संतोष मिश्रा, गोपाल झा और समाजसेवी संजय कुमार झा समेत सैकड़ों लोग मौजूद रहे। मधुबनी में जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर शनिवार शाम बेनीपट्टी प्रखंड के परकौली पंचायत स्थित राणा टोल पहुंचे। यहां उन्होंने मंडल कारा में मृत बंदी रौशन कुमार यादव के परिवार से मुलाकात की। प्रशांत किशोर के गांव पहुंचते ही रौशन के घर पर लोगों की भीड़ जुट गई। उन्होंने मृतक की मां और बहन से बात की। परिजनों ने जेल में रौशन की मौत से जुड़ी पूरी बात उन्हें बताई और अपनी परेशानी साझा की। इस दौरान परिजनों ने प्रशांत किशोर से गुहार लगाई कि आप ही हमें न्याय दिला सकते। प्रशांत किशोर ने परिजनों की बात सुनी और हरसंभव मदद का भरोसा दिया। इस दौरान परिवार के लोग काफी भावुक नजर आए। मुलाकात से जुड़ी तस्वीरें..
मुलाकात के दौरान क्या क्या बातें हुईं?
मुलाकात के दौरान प्रशांत किशोर ने रौशन यादव की बहन से पूछा कि जब आपलोग मिलने जाते थे, तो क्या कहते थे पुलिस वाले, इस पर बहन ने जवाब दिया, पुलिस वाले हमलोगों को भगा देते थे, उनकी हालत को लेकर कोई जानकारी नहीं देते थे। मृतक की बहन ने प्रशांत किशोर को सिलसिलेवार अपनी आपबीती बताई। उन्होंने कहा, “हमलोग अपने भाई को पिछले 7 दिनों से ढूंढते फिर रहे थे, लेकिन पुलिस के लोगों ने कोई जानकारी नहीं दी। मुझे किसी तरह पता चला कि रहिका थाना में मेरे भाई को बंद करके रखा गया है। हमलोग वहां पहुंचे तो हमें वहां से भगाने की कोशिश की गई। इसी दौरान हम पानी पीने के लिए थाने के पीछे गए, जहां पीछे से मुझे मेरा भाई दिख गया। इसके बाद हमलोगों ने उससे मिलने की गुहार लगाई, लेकिन पुलिस वालों ने हमें वहां से भगा दिया।” ग्रामीणों ने की जांच की मांग
प्रशांत किशोर के आने की खबर मिलते ही आसपास के लोग और बड़ी संख्या महिलाओं-बच्चों की भीड़ लग गई। ग्रामीणों ने रौशन की मौत की पूरी जांच कराने और मामले की सच्चाई सामने लाने की मांग की। इस दौरान जिला अध्यक्ष अनिल कुमार मिश्रा, जिला महामंत्री शमशुल हक, पूर्व जिला अध्यक्ष इंदुशेखर झा, संभावित मुखिया प्रत्याशी संतोष मिश्रा, गोपाल झा और समाजसेवी संजय कुमार झा समेत सैकड़ों लोग मौजूद रहे।


