मद्य निषेध कानून में जब्त 103 वाहनों की नीलामी:सरकारी खजाने में 16.97 लाख रुपये जमा, तय कीमत से दोगुना मिला राजस्व

मद्य निषेध कानून में जब्त 103 वाहनों की नीलामी:सरकारी खजाने में 16.97 लाख रुपये जमा, तय कीमत से दोगुना मिला राजस्व

मधुबनी में मद्य निषेध कानून के तहत जब्त 103 वाहनों की नीलामी की गई। इससे सरकारी खजाने में 16 लाख 97 हजार 100 रुपये जमा हुए। नीलामी से विभाग को वाहनों के निर्धारित मूल्य 7 लाख 87 हजार 300 रुपये की तुलना में 9 लाख 9 हजार 800 रुपये अधिक राजस्व मिला। नीलामी से प्राप्त राशि तय मूल्य के दोगुने से भी अधिक है। उत्पाद अधीक्षक के नेतृत्व में हुई नीलामी उत्पाद अधीक्षक विजयकांत ठाकुर के नेतृत्व में नीलामी की प्रक्रिया पूरी की गई। इसका उद्देश्य मद्य निषेध कानून के तहत जब्त वाहनों का नियमानुसार निपटारा करना और सरकारी राजस्व में वृद्धि करना था। निर्धारित मूल्य से अधिक राशि मिलने से विभाग को आर्थिक लाभ हुआ। शराब कारोबार में इस्तेमाल वाहनों की होती है नीलामी बिहार में शराबबंदी कानून को प्रभावी बनाने के लिए उत्पाद विभाग लगातार अभियान चला रहा है। अवैध शराब के कारोबार में इस्तेमाल होने वाले वाहनों को जब्त किया जाता है। कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ऐसे वाहनों की नियमानुसार नीलामी की जाती है। जब्त वाहनों के निपटारे में तेजी इस नीलामी से जब्त वाहनों के निपटारे के साथ सरकारी राजस्व में भी बढ़ोतरी हुई है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि मद्य निषेध कानून के तहत अभियान जारी रहेगा और जब्त वाहनों का कानूनी प्रक्रिया के अनुसार निपटारा किया जाएगा। मधुबनी में मद्य निषेध कानून के तहत जब्त 103 वाहनों की नीलामी की गई। इससे सरकारी खजाने में 16 लाख 97 हजार 100 रुपये जमा हुए। नीलामी से विभाग को वाहनों के निर्धारित मूल्य 7 लाख 87 हजार 300 रुपये की तुलना में 9 लाख 9 हजार 800 रुपये अधिक राजस्व मिला। नीलामी से प्राप्त राशि तय मूल्य के दोगुने से भी अधिक है। उत्पाद अधीक्षक के नेतृत्व में हुई नीलामी उत्पाद अधीक्षक विजयकांत ठाकुर के नेतृत्व में नीलामी की प्रक्रिया पूरी की गई। इसका उद्देश्य मद्य निषेध कानून के तहत जब्त वाहनों का नियमानुसार निपटारा करना और सरकारी राजस्व में वृद्धि करना था। निर्धारित मूल्य से अधिक राशि मिलने से विभाग को आर्थिक लाभ हुआ। शराब कारोबार में इस्तेमाल वाहनों की होती है नीलामी बिहार में शराबबंदी कानून को प्रभावी बनाने के लिए उत्पाद विभाग लगातार अभियान चला रहा है। अवैध शराब के कारोबार में इस्तेमाल होने वाले वाहनों को जब्त किया जाता है। कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ऐसे वाहनों की नियमानुसार नीलामी की जाती है। जब्त वाहनों के निपटारे में तेजी इस नीलामी से जब्त वाहनों के निपटारे के साथ सरकारी राजस्व में भी बढ़ोतरी हुई है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि मद्य निषेध कानून के तहत अभियान जारी रहेगा और जब्त वाहनों का कानूनी प्रक्रिया के अनुसार निपटारा किया जाएगा।  

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