मुजफ्फरपुर के चंदवारा पुल से बूढ़ी गंडक नदी से मां-बेटे की शव मिलने मामले में पुलिस जांच ने नया मोड़ ले लिया है। पुलिस के अनुसार, मामले में मृतका पिंकी देवी के मकान मालिक नीरज कुमार की संदिग्ध भूमिका सामने आई है। नीरज का मोबाइल पुलिस ने जब्त कर जांच की थी। मोबाइल से मिले कुछ साक्ष्यों और जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर अहियापुर थानाध्यक्ष शरत कुमार ने चौकीदार के बयान पर नीरज कुमार को आरोपी बनाया है। मंगलवार दोपहर पुलिस ने नीरज के घर पर छापेमारी भी की, लेकिन वह नहीं मिला। पुलिस अब उसकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर तलाश कर रही है। पिंकी और नीरज के बीच बढ़ी थी नजदीकी, कुछ दिनों से चल रहा था विवाद पुलिस की प्रारंभिक जांच के अनुसार, सीतामढ़ी के रीगा थाना क्षेत्र के अन्हारी गांव की रहने वाली पिंकी देवी(42) अपने पति अजय कुमार सिंह से अलग रह रही थीं। वह अहियापुर थाना क्षेत्र के हरपुर में अपने बेटे आदर्श रौशन(17) के साथ किराए के मकान में रहती थी। इसी परिसर में मकान मालिक नीरज कुमार छोटी दवा की दुकान चलाता था। पुलिस के अनुसार, दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ी थी। पिछले कुछ दिनों से दोनों के बीच विवाद और झगड़े की बात भी सामने आई है। रविवार रात से मां-बेटे थे लापता पुलिस के अनुसार, रविवार रात करीब 10 बजे परिजनों को जानकारी मिली कि पिंकी देवी और उनका बेटा आदर्श घर पर नहीं है। इसके बाद दोनों की तलाश शुरू की गई। चंदवारा पुल के पास उनकी स्कूटी लावारिस हालत में मिली। देर रात तक नदी और आसपास के इलाके में खोजबीन की गई, लेकिन दोनों का पता नहीं चला। सोमवार सुबह दोबारा तलाश के दौरान चंदवारा पुल के नीचे बूढ़ी गंडक नदी के किनारे दोनों के शव मिले। दोनों शव कपड़े की रस्सी से आपस में बंधे हुए थे। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को कब्जे में लेकर जांच शुरू की। परिजनों ने केस करने से किया इनकार, पुलिस ने खुद शुरू की जांच मृतका के भाई ने प्राथमिकी दर्ज कराने से इनकार कर दिया था। इसके बाद पुलिस ने अपने स्तर से मामले की जांच आगे बढ़ाई। घटनास्थल से मिले साक्ष्यों, स्थानीय लोगों से मिली जानकारी और संबंधित लोगों से पूछताछ के दौरान नीरज कुमार की भूमिका पुलिस के संदेह के घेरे में आई। पुलिस ने नीरज का मोबाइल जब्त कर उसकी जांच की। पुलिस का कहना है कि मोबाइल से मिले साक्ष्यों के बाद मामले में उसकी भूमिका की जांच तेज की गई। इसी आधार पर चौकीदार के बयान पर नीरज कुमार को आरोपित बनाया गया है। शव मिलने से एक दिन पहले पुल के नीचे मिली थी स्कूटी पुलिस की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, शव बरामद होने से एक दिन पहले पिंकी देवी की स्कूटी चंदवारा पुल के नीचे लावारिस हालत में मिली थी। इसके बाद पुलिस ने मामले की छानबीन शुरू की। 24 अगस्त की सुबह करीब 11:30 बजे बूढ़ी गंडक नदी के किनारे दो शव मिलने की सूचना पुलिस को मिली थी। मौके पर पहुंचकर जांच के बाद दोनों की पहचान पिंकी देवी और उनके बेटे आदर्श रौशन के रूप में हुई। पुलिस को अब पोस्टमार्टम और अन्य साक्ष्यों का इंतजार पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि मां-बेटे की मौत नदी में छलांग लगाने से हुई या इसके पीछे कोई और वजह थी। दोनों के बीच कपड़े की रस्सी से बंधे होने सहित घटनास्थल से मिले अन्य साक्ष्यों को भी जांच का हिस्सा बनाया गया है। पुलिस नीरज से पूछताछ कर पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ना चाहती है। अहियापुर थाने में कांड संख्या 1364/26 दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। पुलिस का कहना है कि परिजनों और संबंधित लोगों से पूछताछ, घटनास्थल से मिले साक्ष्यों और उपलब्ध अन्य तथ्यों के आधार पर घटना की वास्तविक परिस्थितियों का पता लगाया जा रहा है। मुजफ्फरपुर के चंदवारा पुल से बूढ़ी गंडक नदी से मां-बेटे की शव मिलने मामले में पुलिस जांच ने नया मोड़ ले लिया है। पुलिस के अनुसार, मामले में मृतका पिंकी देवी के मकान मालिक नीरज कुमार की संदिग्ध भूमिका सामने आई है। नीरज का मोबाइल पुलिस ने जब्त कर जांच की थी। मोबाइल से मिले कुछ साक्ष्यों और जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर अहियापुर थानाध्यक्ष शरत कुमार ने चौकीदार के बयान पर नीरज कुमार को आरोपी बनाया है। मंगलवार दोपहर पुलिस ने नीरज के घर पर छापेमारी भी की, लेकिन वह नहीं मिला। पुलिस अब उसकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर तलाश कर रही है। पिंकी और नीरज के बीच बढ़ी थी नजदीकी, कुछ दिनों से चल रहा था विवाद पुलिस की प्रारंभिक जांच के अनुसार, सीतामढ़ी के रीगा थाना क्षेत्र के अन्हारी गांव की रहने वाली पिंकी देवी(42) अपने पति अजय कुमार सिंह से अलग रह रही थीं। वह अहियापुर थाना क्षेत्र के हरपुर में अपने बेटे आदर्श रौशन(17) के साथ किराए के मकान में रहती थी। इसी परिसर में मकान मालिक नीरज कुमार छोटी दवा की दुकान चलाता था। पुलिस के अनुसार, दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ी थी। पिछले कुछ दिनों से दोनों के बीच विवाद और झगड़े की बात भी सामने आई है। रविवार रात से मां-बेटे थे लापता पुलिस के अनुसार, रविवार रात करीब 10 बजे परिजनों को जानकारी मिली कि पिंकी देवी और उनका बेटा आदर्श घर पर नहीं है। इसके बाद दोनों की तलाश शुरू की गई। चंदवारा पुल के पास उनकी स्कूटी लावारिस हालत में मिली। देर रात तक नदी और आसपास के इलाके में खोजबीन की गई, लेकिन दोनों का पता नहीं चला। सोमवार सुबह दोबारा तलाश के दौरान चंदवारा पुल के नीचे बूढ़ी गंडक नदी के किनारे दोनों के शव मिले। दोनों शव कपड़े की रस्सी से आपस में बंधे हुए थे। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को कब्जे में लेकर जांच शुरू की। परिजनों ने केस करने से किया इनकार, पुलिस ने खुद शुरू की जांच मृतका के भाई ने प्राथमिकी दर्ज कराने से इनकार कर दिया था। इसके बाद पुलिस ने अपने स्तर से मामले की जांच आगे बढ़ाई। घटनास्थल से मिले साक्ष्यों, स्थानीय लोगों से मिली जानकारी और संबंधित लोगों से पूछताछ के दौरान नीरज कुमार की भूमिका पुलिस के संदेह के घेरे में आई। पुलिस ने नीरज का मोबाइल जब्त कर उसकी जांच की। पुलिस का कहना है कि मोबाइल से मिले साक्ष्यों के बाद मामले में उसकी भूमिका की जांच तेज की गई। इसी आधार पर चौकीदार के बयान पर नीरज कुमार को आरोपित बनाया गया है। शव मिलने से एक दिन पहले पुल के नीचे मिली थी स्कूटी पुलिस की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, शव बरामद होने से एक दिन पहले पिंकी देवी की स्कूटी चंदवारा पुल के नीचे लावारिस हालत में मिली थी। इसके बाद पुलिस ने मामले की छानबीन शुरू की। 24 अगस्त की सुबह करीब 11:30 बजे बूढ़ी गंडक नदी के किनारे दो शव मिलने की सूचना पुलिस को मिली थी। मौके पर पहुंचकर जांच के बाद दोनों की पहचान पिंकी देवी और उनके बेटे आदर्श रौशन के रूप में हुई। पुलिस को अब पोस्टमार्टम और अन्य साक्ष्यों का इंतजार पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि मां-बेटे की मौत नदी में छलांग लगाने से हुई या इसके पीछे कोई और वजह थी। दोनों के बीच कपड़े की रस्सी से बंधे होने सहित घटनास्थल से मिले अन्य साक्ष्यों को भी जांच का हिस्सा बनाया गया है। पुलिस नीरज से पूछताछ कर पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ना चाहती है। अहियापुर थाने में कांड संख्या 1364/26 दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। पुलिस का कहना है कि परिजनों और संबंधित लोगों से पूछताछ, घटनास्थल से मिले साक्ष्यों और उपलब्ध अन्य तथ्यों के आधार पर घटना की वास्तविक परिस्थितियों का पता लगाया जा रहा है।

