सरयू नदी का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर तेजी से बढ़ रहा है। नदी की लहरें अब तेज हो गई हैं और बाढ़ का पानी बंधों की ओर बढ़ने लगा है। इससे तटवर्ती गांवों में दहशत फैल गई है। प्रशासन भी बढ़ते जलस्तर को देखते हुए अलर्ट पर है। चिउटीडांड़ और धनौली रामपुर बंधे से नदी सटकर बह रही है। दोहरीघाट कस्बे में गौशाला के पास तक पानी पहुंच गया है। अगर जलस्तर 15 सेमी और बढ़ा तो कस्बे में नाले के रास्ते बाढ़ का पानी घुसना शुरू हो जाएगा। बहादुरपुर और पतनई गांवों में भी आबादी की तरफ पानी तेजी से बढ़ रहा है। सरयू नदी के जलस्तर पर नजर डालें तो गुरुवार को गौरीशंकर घाट पर यह 69.95 मीटर था। शुक्रवार को यह 13 सेमी बढ़कर 70.03 मीटर पर पहुंच गया। यह खतरा बिंदु 69.90 मीटर से 13 सेमी ऊपर है। नदी के बढ़ते जलस्तर को देखकर तटवर्ती गांवों के ग्रामीणों में दहशत है। दोहरीघाट कस्बे के निचले इलाकों में कभी भी बाढ़ का पानी घुस सकता है। जैसे ही नदी का जलस्तर 70.20 मीटर पर पहुंचेगा, कस्बे के तीन मुहल्लों – चमरौटी, भगवानपुरा और मल्लाह टोला में नाले के रास्ते बाढ़ का पानी आना शुरू हो जाएगा। इन तीनों वार्डों के लोग अभी से परेशान हैं। पतनई और बहादुरपुर गांवों के खेतों में बाढ़ का पानी पहुंचने से फसलें डूबने लगी हैं। इससे किसान परेशान हैं। भारत माता मंदिर और शवदाह स्थल पर भी खतरा बढ़ रहा है। नदी की लहरें सीधे इन जगहों से टकरा रही हैं, जिससे सिंचाई विभाग सुरक्षा में लगे बोल्डरों को बचाने में लगा है।

